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Iran Football: राष्ट्रगान नहीं गाने पर विवाद, ऑस्ट्रेलिया ने पांच ईरानी महिला फुटबॉलरों को दी शरण
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिडनी
Published by: Swapnil Shashank
Updated Tue, 10 Mar 2026 04:34 PM IST
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सार
एएफसी एशियन कप 2026 में राष्ट्रगान न गाने के विवाद के बाद ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की पांच महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को मानवीय वीजा देकर शरण दी है। सरकार ने कहा है कि खिलाड़ी वहां रहकर पढ़ाई और काम कर सकती हैं, जबकि बाकी खिलाड़ियों के लिए भी विकल्प खुले रखे गए हैं।
ईरान फुटबॉल
- फोटो : IANS
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विस्तार
एएफसी एशियन कप 2026 के उद्घाटन मैच के दौरान ईरान की महिला फुटबॉल टीम द्वारा राष्ट्रगान न गाने का मामला अब अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। इस विवाद के बाद ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की पांच महिला खिलाड़ियों को मानवीय आधार पर वीजा देकर अपने देश में रहने की अनुमति दे दी है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस फैसले के बाद इन खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं को कुछ हद तक राहत मिली है।
पांच खिलाड़ियों को मिला मानवीय वीजा
ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने जानकारी दी कि जिन खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया गया है, उनमें जहरा घनबारी, जहरा सरबली, फतेमेह पसंदिदेह, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी शामिल हैं। सरकार के अनुसार इन खिलाड़ियों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। मानवीय वीजा मिलने के बाद वे ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं और वहां पढ़ाई या नौकरी करने की भी अनुमति होगी।
बाकी खिलाड़ियों के लिए भी खुले दरवाजे
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि ईरान की बाकी महिला खिलाड़ी भी वहां रहना चाहें तो उनके लिए भी विकल्प खुले हैं। इस बीच अमेरिका ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।
राष्ट्रगान न गाने से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, एएफसी एशियन कप 2026 के एक मुकाबले में साउथ कोरिया के खिलाफ मैच से पहले राष्ट्रगान बजने के दौरान ईरान की महिला खिलाड़ी चुपचाप खड़ी रहीं और उन्होंने राष्ट्रगान नहीं गाया। इस घटना के बाद ईरान में इस कदम की काफी आलोचना हुई और कुछ लोगों ने खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इसके चलते खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
समर्थन में उतरे लोग
इस पूरे मामले के बाद ऑस्ट्रेलिया में भी कई लोग इन खिलाड़ियों के समर्थन में सामने आए। गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए 'सेव अवर गर्ल्स' के नारे लगाए और खिलाड़ियों को सुरक्षा देने की मांग की। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पुष्टि की कि पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा देकर देश में रहने की अनुमति दे दी गई है।
मैच में दक्षिण कोरिया की जीत
इस विवाद के बीच खेले गए मुकाबले में साउथ कोरिया ने ईरान को 3-0 से हरा दिया। हालांकि मैच के नतीजे से ज्यादा चर्चा खिलाड़ियों के राष्ट्रगान न गाने और उसके बाद पैदा हुए राजनीतिक व सामाजिक विवाद को लेकर हुई।
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पांच खिलाड़ियों को मिला मानवीय वीजा
ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने जानकारी दी कि जिन खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया गया है, उनमें जहरा घनबारी, जहरा सरबली, फतेमेह पसंदिदेह, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी शामिल हैं। सरकार के अनुसार इन खिलाड़ियों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। मानवीय वीजा मिलने के बाद वे ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं और वहां पढ़ाई या नौकरी करने की भी अनुमति होगी।
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बाकी खिलाड़ियों के लिए भी खुले दरवाजे
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि ईरान की बाकी महिला खिलाड़ी भी वहां रहना चाहें तो उनके लिए भी विकल्प खुले हैं। इस बीच अमेरिका ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।
राष्ट्रगान न गाने से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, एएफसी एशियन कप 2026 के एक मुकाबले में साउथ कोरिया के खिलाफ मैच से पहले राष्ट्रगान बजने के दौरान ईरान की महिला खिलाड़ी चुपचाप खड़ी रहीं और उन्होंने राष्ट्रगान नहीं गाया। इस घटना के बाद ईरान में इस कदम की काफी आलोचना हुई और कुछ लोगों ने खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इसके चलते खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
समर्थन में उतरे लोग
इस पूरे मामले के बाद ऑस्ट्रेलिया में भी कई लोग इन खिलाड़ियों के समर्थन में सामने आए। गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए 'सेव अवर गर्ल्स' के नारे लगाए और खिलाड़ियों को सुरक्षा देने की मांग की। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पुष्टि की कि पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा देकर देश में रहने की अनुमति दे दी गई है।
मैच में दक्षिण कोरिया की जीत
इस विवाद के बीच खेले गए मुकाबले में साउथ कोरिया ने ईरान को 3-0 से हरा दिया। हालांकि मैच के नतीजे से ज्यादा चर्चा खिलाड़ियों के राष्ट्रगान न गाने और उसके बाद पैदा हुए राजनीतिक व सामाजिक विवाद को लेकर हुई।
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