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फीफा विश्वकप: डेब्यू पर दिग्गजों को झटका देने वाली टीमों की कहानी; स्पेन को रोक इतिहास में दर्ज हुआ केप वर्डे
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 16 Jun 2026 07:36 AM IST
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सार
फीफा विश्व कप 2026 में डेब्यू कर रहे केप वर्डे ने विश्व नंबर-तीन और मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर इतिहास रच दिया। 5.3 लाख की आबादी वाले इस छोटे से देश ने साबित कर दिया कि विश्व कप में नाम और रैंकिंग से ज्यादा महत्व प्रदर्शन का होता है। केप वर्डे अब उन नई टीमों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने अपने पहले ही विश्व कप में किसी बड़ी टीम को चौंकाकर दुनिया का ध्यान खींचा था।
केप वर्डे ने रचा इतिहास
- फोटो : Twitter
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विस्तार
फीफा विश्व कप 2026 में सोमवार को ऐसा नतीजा देखने को मिला जिसने फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया। विश्व रैंकिंग में 64वें स्थान पर मौजूद और पहली बार विश्व कप खेल रहा केप वर्डे, यूरोपीय चैंपियन और विश्व नंबर-तीन स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोकने में सफल रहा। यह सिर्फ एक अंक हासिल करने की कहानी नहीं थी, बल्कि उस जज्बे की मिसाल थी जिसने दुनिया को याद दिलाया कि विश्व कप में कोई भी टीम छोटी नहीं होती।
फीफा विश्वकप 2026
- फोटो : IANS
करीब 5.3 लाख आबादी वाले इस अफ्रीकी देश ने 4.9 करोड़ की आबादी वाले स्पेन के खिलाफ शानदार अनुशासन, मजबूत डिफेंस और अद्भुत संयम का प्रदर्शन किया। गोलकीपर वोजिन्हा, सेंटर-बैक पिको लोपेस और पूरी टीम ने स्पेन के लगातार हमलों को नाकाम करते हुए इतिहास का एक नया अध्याय लिख दिया। ध्यान देने वाली बात यह है कि वोजिन्हा की उम्र 40 साल की है और स्पेन इस विश्वकप की सबसे युवा टीमों में से एक है। केप वर्डे के कोच बुबिस्ता ने मैच से पहले कहा था कि वह चाहते हैं कि पूरी दुनिया उनके देश और टीम को पहचाने। अब उनकी टीम ने अपने प्रदर्शन से यह काम कर दिखाया है।
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फीफा विश्वकप 2026
- फोटो : IANS
विश्व कप में नई टीमों के बड़े धमाके
केप वर्डे पहला ऐसा देश नहीं है जिसने अपने पहले विश्व कप में किसी दिग्गज टीम को चौंकाया हो। फुटबॉल इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं, जब नई टीमों ने बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई। आइए उन मैचों की और उन टीमों की कहानी जानते हैं...
केप वर्डे पहला ऐसा देश नहीं है जिसने अपने पहले विश्व कप में किसी दिग्गज टीम को चौंकाया हो। फुटबॉल इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं, जब नई टीमों ने बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई। आइए उन मैचों की और उन टीमों की कहानी जानते हैं...
2018: आइसलैंड ने मेसी और अर्जेंटीना को रोका
रूस विश्व कप 2018 में आइसलैंड पहली बार टूर्नामेंट खेलने पहुंचा था। उसके सामने उपविजेता अर्जेंटीना की चुनौती थी। अधिकांश एक्सपर्ट्स ने अर्जेंटीना की आसान जीत की भविष्यवाणी की थी, लेकिन आइसलैंड ने 1-1 से ड्रॉ खेलकर दुनिया को चौंका दिया।
सर्जियो अगुएरो के शुरुआती गोल के बाद अल्फ्रेड फिनबोगासन ने बराबरी कर दी। इसके बाद गोलकीपर हानेस हाल्डोर्सन ने लियोनल मेसी की पेनाल्टी बचाकर अपनी टीम को ऐतिहासिक अंक दिलाया। उस समय आइसलैंड विश्व कप खेलने वाला सबसे छोटा देश था।
रूस विश्व कप 2018 में आइसलैंड पहली बार टूर्नामेंट खेलने पहुंचा था। उसके सामने उपविजेता अर्जेंटीना की चुनौती थी। अधिकांश एक्सपर्ट्स ने अर्जेंटीना की आसान जीत की भविष्यवाणी की थी, लेकिन आइसलैंड ने 1-1 से ड्रॉ खेलकर दुनिया को चौंका दिया।
सर्जियो अगुएरो के शुरुआती गोल के बाद अल्फ्रेड फिनबोगासन ने बराबरी कर दी। इसके बाद गोलकीपर हानेस हाल्डोर्सन ने लियोनल मेसी की पेनाल्टी बचाकर अपनी टीम को ऐतिहासिक अंक दिलाया। उस समय आइसलैंड विश्व कप खेलने वाला सबसे छोटा देश था।
2010: स्लोवाकिया ने इटली को बाहर किया
दक्षिण अफ्रीका विश्व कप 2010 में स्लोवाकिया पहली बार स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में खेल रहा था। अंतिम ग्रुप मैच में उसे गत चैंपियन इटली के खिलाफ जीत की जरूरत थी। स्लोवाकिया ने सभी उम्मीदों को गलत साबित करते हुए इटली को 3-2 से हरा दिया। रोबर्ट विटेक ने दो गोल किए, जबकि कामिल कोपुनेक ने तीसरा गोल दागा। इस हार के साथ इटली टूर्नामेंट से बाहर हो गया और स्लोवाकिया ने अंतिम-16 में जगह बना ली।
दक्षिण अफ्रीका विश्व कप 2010 में स्लोवाकिया पहली बार स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में खेल रहा था। अंतिम ग्रुप मैच में उसे गत चैंपियन इटली के खिलाफ जीत की जरूरत थी। स्लोवाकिया ने सभी उम्मीदों को गलत साबित करते हुए इटली को 3-2 से हरा दिया। रोबर्ट विटेक ने दो गोल किए, जबकि कामिल कोपुनेक ने तीसरा गोल दागा। इस हार के साथ इटली टूर्नामेंट से बाहर हो गया और स्लोवाकिया ने अंतिम-16 में जगह बना ली।
2002: सेनेगल ने विश्व चैंपियन फ्रांस को झटका दिया
फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक 2002 विश्व कप में देखने को मिला। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में डेब्यू कर रहे सेनेगल का सामना मौजूदा विश्व और यूरोपीय चैंपियन फ्रांस से था। सभी को फ्रांस की जीत की उम्मीद थी, लेकिन पापा बुबा डियोप के गोल ने सेनेगल को 1-0 की यादगार जीत दिला दी। यह जीत सिर्फ तीन अंक नहीं थी, बल्कि अफ्रीकी फुटबॉल की ताकत का एलान भी थी। सेनेगल उसी विश्व कप में क्वार्टर फाइनल तक पहुंच गया था।
फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक 2002 विश्व कप में देखने को मिला। टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में डेब्यू कर रहे सेनेगल का सामना मौजूदा विश्व और यूरोपीय चैंपियन फ्रांस से था। सभी को फ्रांस की जीत की उम्मीद थी, लेकिन पापा बुबा डियोप के गोल ने सेनेगल को 1-0 की यादगार जीत दिला दी। यह जीत सिर्फ तीन अंक नहीं थी, बल्कि अफ्रीकी फुटबॉल की ताकत का एलान भी थी। सेनेगल उसी विश्व कप में क्वार्टर फाइनल तक पहुंच गया था।
1966: उत्तर कोरिया ने इटली को किया था हैरान
इंग्लैंड विश्व कप 1966 में उत्तर कोरिया ने भी ऐसी ही कहानी लिखी थी। शुरुआती मैच हारने के बाद टीम ने चिली से ड्रॉ खेला और फिर इटली के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पाक डू-इक के गोल की बदौलत उत्तर कोरिया ने इटली को 1-0 से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उसने पुर्तगाल के खिलाफ 3-0 की बढ़त भी बना ली थी, हालांकि अंत में मैच हार गया। फिर भी उस प्रदर्शन ने उत्तर कोरिया को विश्व कप इतिहास में अमर कर दिया।
इंग्लैंड विश्व कप 1966 में उत्तर कोरिया ने भी ऐसी ही कहानी लिखी थी। शुरुआती मैच हारने के बाद टीम ने चिली से ड्रॉ खेला और फिर इटली के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पाक डू-इक के गोल की बदौलत उत्तर कोरिया ने इटली को 1-0 से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उसने पुर्तगाल के खिलाफ 3-0 की बढ़त भी बना ली थी, हालांकि अंत में मैच हार गया। फिर भी उस प्रदर्शन ने उत्तर कोरिया को विश्व कप इतिहास में अमर कर दिया।
फीफा विश्वकप 2026
- फोटो : IANS
अब केप वर्डे की बारी
इन ऐतिहासिक कहानियों के बीच अब केप वर्डे का नाम भी जुड़ गया है। हो सकता है कि टीम आगे जाकर नॉकआउट चरण तक पहुंचे या नहीं, लेकिन स्पेन जैसी ताकतवर टीम को रोककर उसने पहले ही अपना नाम विश्व कप इतिहास में दर्ज करा दिया है।
विश्व कप की खूबसूरती भी यही है कि यहां कभी-कभी छोटे देश बड़े सपने देखते हैं और फिर उन सपनों को पूरी दुनिया के सामने सच कर दिखाते हैं। केप वर्डे ने अपने पहले ही मैच में यह साबित कर दिया कि फुटबॉल सिर्फ बड़े नामों का खेल नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन और विश्वास का भी खेल है।
इन ऐतिहासिक कहानियों के बीच अब केप वर्डे का नाम भी जुड़ गया है। हो सकता है कि टीम आगे जाकर नॉकआउट चरण तक पहुंचे या नहीं, लेकिन स्पेन जैसी ताकतवर टीम को रोककर उसने पहले ही अपना नाम विश्व कप इतिहास में दर्ज करा दिया है।
विश्व कप की खूबसूरती भी यही है कि यहां कभी-कभी छोटे देश बड़े सपने देखते हैं और फिर उन सपनों को पूरी दुनिया के सामने सच कर दिखाते हैं। केप वर्डे ने अपने पहले ही मैच में यह साबित कर दिया कि फुटबॉल सिर्फ बड़े नामों का खेल नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन और विश्वास का भी खेल है।