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Messi Kerala Visit Row: मेसी को केरल लाने का वादा क्यों नहीं हो पाया पूरा? अब सरकार के पास पहुंची जांच रिपोर्ट
Tue, 11 Aug 2026 11:02 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, त्रिवेंद्रम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, त्रिवेंद्रम
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:02 PM IST
सार
केरल में लियोनल मेसी और अर्जेंटीना टीम के प्रस्तावित दौरे को लेकर विवाद पर खेल विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है। खेल मंत्री ओ जे जनीश ने कहा कि सरकार रिपोर्ट के आधार पर उचित फैसला लेगी।
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लियोनल मेसी
- फोटो : ANI/IANS
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विस्तार
लियोनल मेसी और अर्जेंटीना की विश्व कप विजेता टीम को केरल लाने का वादा आखिर क्यों पूरा नहीं हुआ, इस सवाल ने अब नया मोड़ ले लिया है। पिछली सरकार के कार्यकाल में किए गए इस एलान को लेकर उठे सवालों की जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट सरकार तक पहुंच गई है। हालांकि, रिपोर्ट में क्या सामने आया है, इसे लेकर फिलहाल सरकार ने चुप्पी साध रखी है। इसी वजह से अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या मिला और सरकार आगे क्या कदम उठाती है।
खेल विभाग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
केरल के खेल मंत्री ओ जे जनीश ने बताया कि खेल विभाग ने मेसी और अर्जेंटीना टीम के प्रस्तावित केरल दौरे को लेकर अपनी जांच पूरी कर ली है। खेल विभाग के विशेष सचिव ने विभाग के पास मौजूद फाइलों की जांच के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट को अब आगे की कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को सौंप दिया गया है। हालांकि, मंत्री ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'रिपोर्ट सरकार को बेहद गोपनीय तरीके से सौंपी गई है। फिलहाल मैं सिर्फ इतना ही बता सकता हूं। सरकार इस पर उचित फैसला लेगी और सभी को इसकी जानकारी देगी।'
आखिर क्यों कराई गई जांच?
खेल मंत्री के मुताबिक, मीडिया और फुटबॉल प्रशंसक लगातार सवाल उठा रहे थे कि पिछली सरकार की ओर से मेसी और अर्जेंटीना टीम को केरल लाने की घोषणा आखिर पूरी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि फुटबॉल प्रशंसकों ने भी मामले की जांच की मांग की थी। इसके बाद विभाग ने उपलब्ध तथ्यों की जांच की और उसे लगा कि मामले में आगे जांच की जरूरत है। जांच में यह भी देखा गया कि किसी अंतरराष्ट्रीय टीम या खिलाड़ी को भारत लाने के लिए देश में लागू नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
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रिपोर्ट में क्या मिला? सरकार ने नहीं खोला पत्ता
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जांच रिपोर्ट में गंभीर बातें सामने आई हैं। इनमें मेसी और अर्जेंटीना टीम को केरल लाने के लिए किसी स्पष्ट समझौते के कथित तौर पर नहीं होने की बात भी कही गई है। हालांकि, खेल मंत्री ने रिपोर्ट के विशिष्ट निष्कर्षों या उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने इसकी वजह रिपोर्ट का गोपनीय होना बताया।
पिछली सरकार ने क्या दावा किया था?
यह पूरा विवाद पूर्व खेल मंत्री वी अब्दुरहिमान के कार्यकाल से जुड़ा है। उन्होंने घोषणा की थी कि मेसी और अर्जेंटीना की टीम केरल आएगी और यहां दोस्ताना मुकाबला खेलेगी। अब्दुरहिमान ने दावा किया था कि वह स्पेन गए थे और अर्जेंटीना के अधिकारियों से प्रस्तावित दौरे को लेकर बातचीत की थी। एक प्रायोजक ने यह भी दावा किया था कि मेसी को केरल लाने की प्रक्रिया में करीब 126 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पूर्व मंत्री ने विधानसभा में भी कहा था कि मेसी केरल आएंगे और केंद्रीय खेल मंत्रालय तथा आरबीआई से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि प्रस्तावित मैच की फीस प्रायोजक पहले ही चुका चुका था। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि विदेशी टीम ने तय समय पर केरल आने में मुश्किलों की जानकारी अधिकारियों को दी थी।
पूर्व मंत्री ने आरोपों को खारिज किया
अब्दुरहिमान ने जांच से जुड़े आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि पिछली एलडीएफ सरकार ने अर्जेंटीना टीम को दोस्ताना मैच के लिए केरल लाने की कोशिश में सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में राज्य सरकार को एक रुपये का भी नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि मैच को लेकर समझौता अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) और प्रायोजक के बीच था और इससे सरकार पर कोई वित्तीय देनदारी नहीं बनती थी। उनके मुताबिक, केंद्र के खेल और वित्त मंत्रालयों से जरूरी मंजूरी लेने के बाद ही यह पहल की गई थी। प्रायोजक ने भी AFA को भुगतान के लिए आरबीआई की अनुमति ली थी।
अब सरकार के फैसले पर नजर
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खेल विभाग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
केरल के खेल मंत्री ओ जे जनीश ने बताया कि खेल विभाग ने मेसी और अर्जेंटीना टीम के प्रस्तावित केरल दौरे को लेकर अपनी जांच पूरी कर ली है। खेल विभाग के विशेष सचिव ने विभाग के पास मौजूद फाइलों की जांच के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट को अब आगे की कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को सौंप दिया गया है। हालांकि, मंत्री ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'रिपोर्ट सरकार को बेहद गोपनीय तरीके से सौंपी गई है। फिलहाल मैं सिर्फ इतना ही बता सकता हूं। सरकार इस पर उचित फैसला लेगी और सभी को इसकी जानकारी देगी।'
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आखिर क्यों कराई गई जांच?
खेल मंत्री के मुताबिक, मीडिया और फुटबॉल प्रशंसक लगातार सवाल उठा रहे थे कि पिछली सरकार की ओर से मेसी और अर्जेंटीना टीम को केरल लाने की घोषणा आखिर पूरी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि फुटबॉल प्रशंसकों ने भी मामले की जांच की मांग की थी। इसके बाद विभाग ने उपलब्ध तथ्यों की जांच की और उसे लगा कि मामले में आगे जांच की जरूरत है। जांच में यह भी देखा गया कि किसी अंतरराष्ट्रीय टीम या खिलाड़ी को भारत लाने के लिए देश में लागू नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
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रिपोर्ट में क्या मिला? सरकार ने नहीं खोला पत्ता
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जांच रिपोर्ट में गंभीर बातें सामने आई हैं। इनमें मेसी और अर्जेंटीना टीम को केरल लाने के लिए किसी स्पष्ट समझौते के कथित तौर पर नहीं होने की बात भी कही गई है। हालांकि, खेल मंत्री ने रिपोर्ट के विशिष्ट निष्कर्षों या उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने इसकी वजह रिपोर्ट का गोपनीय होना बताया।
पिछली सरकार ने क्या दावा किया था?
यह पूरा विवाद पूर्व खेल मंत्री वी अब्दुरहिमान के कार्यकाल से जुड़ा है। उन्होंने घोषणा की थी कि मेसी और अर्जेंटीना की टीम केरल आएगी और यहां दोस्ताना मुकाबला खेलेगी। अब्दुरहिमान ने दावा किया था कि वह स्पेन गए थे और अर्जेंटीना के अधिकारियों से प्रस्तावित दौरे को लेकर बातचीत की थी। एक प्रायोजक ने यह भी दावा किया था कि मेसी को केरल लाने की प्रक्रिया में करीब 126 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पूर्व मंत्री ने विधानसभा में भी कहा था कि मेसी केरल आएंगे और केंद्रीय खेल मंत्रालय तथा आरबीआई से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि प्रस्तावित मैच की फीस प्रायोजक पहले ही चुका चुका था। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि विदेशी टीम ने तय समय पर केरल आने में मुश्किलों की जानकारी अधिकारियों को दी थी।
पूर्व मंत्री ने आरोपों को खारिज किया
अब्दुरहिमान ने जांच से जुड़े आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि पिछली एलडीएफ सरकार ने अर्जेंटीना टीम को दोस्ताना मैच के लिए केरल लाने की कोशिश में सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में राज्य सरकार को एक रुपये का भी नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि मैच को लेकर समझौता अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) और प्रायोजक के बीच था और इससे सरकार पर कोई वित्तीय देनदारी नहीं बनती थी। उनके मुताबिक, केंद्र के खेल और वित्त मंत्रालयों से जरूरी मंजूरी लेने के बाद ही यह पहल की गई थी। प्रायोजक ने भी AFA को भुगतान के लिए आरबीआई की अनुमति ली थी।
अब सरकार के फैसले पर नजर
- पूर्व मंत्री के मुताबिक, अर्जेंटीना टीम ने राज्य सरकार के निमंत्रण के बाद केरल में दोस्ताना मैच खेलने की इच्छा जताई थी। आयोजन के लिए दो संस्थाओं ने प्रायोजन में रुचि दिखाई थी। पहले चुने गए प्रायोजक के शर्तें पूरी नहीं करने के बाद रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी को चुना गया और उसने AFA के साथ समझौता किया।
- इस बीच, यूथ लीग की ओर से केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग किए जाने पर सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने किसी अनियमितता की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'किसी भी तरह की अनियमितता की कोई संभावना नहीं है। एक धुंध का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। हर चीज का रिकॉर्ड मौजूद होगा।' अब जांच रिपोर्ट सरकार के पास है और अगला फैसला उसी के आधार पर लिया जाएगा।