{"_id":"69eeebf9555f5cb4c607de0f","slug":"indian-boxers-left-in-limbo-ahead-of-cwg-asian-games-as-training-camp-delays-raise-concerns-2026-04-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"CWG-एशियाड में अब कुछ महीने शेष: तैयारी की जगह खाली बैठे हैं निकहत समेत सभी भारतीय मुक्केबाज! वजह चौंकाने वाली","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
CWG-एशियाड में अब कुछ महीने शेष: तैयारी की जगह खाली बैठे हैं निकहत समेत सभी भारतीय मुक्केबाज! वजह चौंकाने वाली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Swapnil Shashank
Updated Mon, 27 Apr 2026 10:24 AM IST
विज्ञापन
सार
राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों से पहले भारतीय मुक्केबाजों की तैयारी प्रभावित है क्योंकि राष्ट्रीय कैंप अभी तक शुरू नहीं हुआ। निकहत जरीन समेत कई खिलाड़ी बिना कोच और ट्रेनिंग के इंतजार में हैं, जिससे उनके चयन और प्रदर्शन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
भारतीय मुक्केबाजों के साथ अनुराग ठाकुर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के लिए भारतीय मुक्केबाजी टीम के चयन की असेसमेंट (आकलन) प्रक्रिया 11 से 15 मई को एनआईएस पटियाला में होनी है, लेकिन पुरुष और महिला मुक्केबाजों का राष्ट्रीय कैंप अब तक शुरू नहीं हुआ है। यह अहम कैंप 25 अप्रैल से एनआईएस पटियाला में शुरू होना था, लेकिन अब तक इसके लिए साई की मंजूरी नहीं मिली है।
कैंप शुरू नहीं होने से बॉक्सरों में रोष है। दो बार की विश्व चैंपियन और ग्लास्गो में 51 किलो में अपने राष्ट्रमंडल स्वर्ण की रक्षा के लिए बेकरार निकहत जरीन कहती हैं कि कैंप नहीं लगने से उनका बहुत नुकसान हो रहा है। वह अपने गृह नगर हैदराबाद में हैं और यहां न कोई ट्रेनिंग सेंटर है और न ही उनके पास कोच है जिसके चलते वह खाली हैं।
अगर कैंप लगता तो वह फिटनेस पर काम शुरू कर राष्ट्रमंडल-एशियाई खेलों की टीम में चयनित होने की तैयारियां शुरू कर देतीं। हांगझोउ एशियाई खेलों की पदक विजेता निकहत कहती हैं कि कैंप में जितनी देर होगी उतना उनका और अन्य बॉक्सरों का नुकसान होगा।
Trending Videos
कैंप शुरू नहीं होने से बॉक्सरों में रोष है। दो बार की विश्व चैंपियन और ग्लास्गो में 51 किलो में अपने राष्ट्रमंडल स्वर्ण की रक्षा के लिए बेकरार निकहत जरीन कहती हैं कि कैंप नहीं लगने से उनका बहुत नुकसान हो रहा है। वह अपने गृह नगर हैदराबाद में हैं और यहां न कोई ट्रेनिंग सेंटर है और न ही उनके पास कोच है जिसके चलते वह खाली हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अगर कैंप लगता तो वह फिटनेस पर काम शुरू कर राष्ट्रमंडल-एशियाई खेलों की टीम में चयनित होने की तैयारियां शुरू कर देतीं। हांगझोउ एशियाई खेलों की पदक विजेता निकहत कहती हैं कि कैंप में जितनी देर होगी उतना उनका और अन्य बॉक्सरों का नुकसान होगा।
भारतीय मुक्केबाज
- फोटो : ANI
25 से शुरू होना था कैंप
निकहत अमर उजाला से कहती हैं कि 11 अप्रैल को समाप्त एशियाई चैंपियनशिप के बाद सभी बॉक्सरों को 12 दिन का आराम मिला था। 25 अप्रैल से सभी को असेसमेंट की तैयारियां करनी थीं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने असेसमेंट के जरिये ही दोनों खेलों के लिए टीम चुननी है।
इसमें फिटनेस टेस्ट होंगे, साथी मुक्केबाजों के साथ बाउट देखी जाएगी। संपूर्ण आकलन के बाद टीम चयनित होनी है। वह सोच रही थीं कि 24 को पटियाला पहुंच जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निकहत कहती हैं कि कैंप में स्पारिंग पार्टनर होते हैं जिसका फायदा मिलता है।
निकहत अमर उजाला से कहती हैं कि 11 अप्रैल को समाप्त एशियाई चैंपियनशिप के बाद सभी बॉक्सरों को 12 दिन का आराम मिला था। 25 अप्रैल से सभी को असेसमेंट की तैयारियां करनी थीं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने असेसमेंट के जरिये ही दोनों खेलों के लिए टीम चुननी है।
इसमें फिटनेस टेस्ट होंगे, साथी मुक्केबाजों के साथ बाउट देखी जाएगी। संपूर्ण आकलन के बाद टीम चयनित होनी है। वह सोच रही थीं कि 24 को पटियाला पहुंच जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निकहत कहती हैं कि कैंप में स्पारिंग पार्टनर होते हैं जिसका फायदा मिलता है।
भारतीय मुक्केबाज
- फोटो : ANI
साई को दे रखा गया है प्रस्ताव
राष्ट्रमंडल खेलों में सात पुरुष, सात महिला और एशियाई खेलों में छह पुरुष और पांच महिला बॉक्सर खेलने हैं। असेसमेंट में दूसरे स्थान पर रहने वाले बॉक्सरों को 15 जून से चीन में शुरू होने वाले वर्ल्ड कप में भेजा जाना है। बीएफआई ने साई को कैंप का प्रस्ताव दे रखा है।
एशियाई चैंपियनशिप में फाइनल में पहुंचने के आधार पर पुरुषों में सचिन (60), प्रीति (54), प्रिया (60) दोनों खेलों की टीम में हैं जबकि जैस्मिन (57), अरुंधति (70 किलो) राष्ट्रमंडल खेलों के लिए चुनी गई हैं। बाकी भार वर्गों में असेसमेंट के आधार पर टीम चुनी जानी है।
राष्ट्रमंडल खेलों में सात पुरुष, सात महिला और एशियाई खेलों में छह पुरुष और पांच महिला बॉक्सर खेलने हैं। असेसमेंट में दूसरे स्थान पर रहने वाले बॉक्सरों को 15 जून से चीन में शुरू होने वाले वर्ल्ड कप में भेजा जाना है। बीएफआई ने साई को कैंप का प्रस्ताव दे रखा है।
एशियाई चैंपियनशिप में फाइनल में पहुंचने के आधार पर पुरुषों में सचिन (60), प्रीति (54), प्रिया (60) दोनों खेलों की टीम में हैं जबकि जैस्मिन (57), अरुंधति (70 किलो) राष्ट्रमंडल खेलों के लिए चुनी गई हैं। बाकी भार वर्गों में असेसमेंट के आधार पर टीम चुनी जानी है।

कमेंट
कमेंट X