Manika Batra: एशियाई खेलों के लिए मनिका बत्रा का क्यों नहीं हुआ चयन? टीटीएफआई ने खड़े किए सवाल; जानें मामला
भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा को एशियन गेम्स 2026 टीम से बाहर कर दिया गया है। टीटीएफआई चयन मानकों को पूरा न करने और घरेलू रैंकिंग में शामिल न होने के कारण उन्हें स्क्वाड से बाहर किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत की सबसे चर्चित टेबल टेनिस खिलाड़ियों में शामिल मनिका बत्रा को इस साल होने वाले एशियन गेम्स की राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया है। उन्हें भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (TTFI) द्वारा तय चयन मानकों को पूरा न करने के कारण स्क्वाड में जगह नहीं मिली।
घरेलू टूर्नामेंट में अनुपस्थिति बनी वजह
मनिका बत्रा को टीम से बाहर किए जाने का मुख्य कारण उनका घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा न लेना बताया जा रहा है। इसी वजह से उनका नाम TTFI की राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल नहीं हो सका। 20वें एशियन गेम्स का आयोजन जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्तूबर तक किया जाएगा। टेबल टेनिस मुकाबले 20 से 28 सितंबर के बीच खेले जाएंगे।
हालांकि टीम से बाहर किए जाने के बावजूद मनिका बत्रा को रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया है। उनके साथ स्वस्तिका घोष भी रिजर्व में हैं। मनिका बत्रा वर्तमान में भारत की दूसरी सर्वोच्च रैंकिंग वाली महिला खिलाड़ी हैं, जिनकी ITTF रैंकिंग 51 है। उनसे आगे श्रीजा अकुला हैं, जो 45वें स्थान पर हैं।
चयन नीति के आधार पर हुआ फैसला
TTFI के अनुसार चयन प्रक्रिया में 50 प्रतिशत वेटेज राष्ट्रीय रैंकिंग, 40 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और 10 प्रतिशत चयन समिति के विवेक पर आधारित होता है। इसी आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया गया। मनिका की अनुपस्थिति में महिला टीम की कमान श्रीजा अकुला संभालेंगी। टीम में यशस्विनी घोरपड़े, दिया चिताले, सुतीर्था मुखर्जी और सिंद्रेला दास शामिल हैं। पुरुष टीम का नेतृत्व जी. साथियान और हरमीत देसाई करेंगे। उनके साथ मानव विकास ठाक्कर, मानव शाह और युवा खिलाड़ी पायस जैन को भी जगह मिली है। वहीं, अंकर भट्टाचार्य और रोनित भान्जा को रिजर्व में रखा गया है।
एशिया की बड़ी टीमों से होगी टक्कर
एशियन गेम्स में टेबल टेनिस मुकाबले बेहद प्रतिस्पर्धी रहने वाले हैं, जहां चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और चीनी ताइपे जैसी मजबूत टीमें हिस्सा लेंगी।