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Rift In Indian Hockey: विदेशी कोच को तरजीह देने पर भड़के पीआर श्रीजेश, हॉकी इंडिया पर उठाए सवाल; जानिए मामला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Wed, 13 May 2026 06:19 PM IST
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सार
भारतीय जूनियर हॉकी टीम के पूर्व कोच पीआर श्रीजेश ने आरोप लगाया है कि शानदार प्रदर्शन और लगातार पांच पोडियम फिनिश के बावजूद उन्हें विदेशी कोच को मौका देने के लिए हटाया गया।
पीआर श्रीजेश
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय हॉकी के दिग्गज गोलकीपर और जूनियर पुरुष टीम के पूर्व कोच पीआर श्रीजेश ने हॉकी इंडिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में श्रीजेश ने दावा किया कि उन्हें खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि एक विदेशी कोच के लिए रास्ता बनाने के उद्देश्य से हटाया गया। करीब डेढ़ साल तक भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच रहे श्रीजेश ने कहा कि उनके कार्यकाल में टीम ने लगातार सफलता हासिल की, इसके बावजूद उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
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पीआर श्रीजेश
- फोटो : PTI
पांच टूर्नामेंट खेले, पांच बार पोडियम पर रहे
अपने बयान में श्रीजेश ने लिखा कि उनके कोचिंग कार्यकाल के दौरान भारतीय जूनियर टीम ने पांच टूर्नामेंट खेले और सभी में पोडियम फिनिश हासिल की। इसमें जूनियर वर्ल्ड कप का कांस्य पदक भी शामिल रहा। उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि मेरा कोचिंग करियर 1.5 साल में ही खत्म हो गया। इस दौरान हमने पांच टूर्नामेंट खेले और पांचों में पोडियम फिनिश हासिल की, जिसमें जूनियर वर्ल्ड कप का ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल है।'
अपने बयान में श्रीजेश ने लिखा कि उनके कोचिंग कार्यकाल के दौरान भारतीय जूनियर टीम ने पांच टूर्नामेंट खेले और सभी में पोडियम फिनिश हासिल की। इसमें जूनियर वर्ल्ड कप का कांस्य पदक भी शामिल रहा। उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि मेरा कोचिंग करियर 1.5 साल में ही खत्म हो गया। इस दौरान हमने पांच टूर्नामेंट खेले और पांचों में पोडियम फिनिश हासिल की, जिसमें जूनियर वर्ल्ड कप का ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल है।'
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'पहली बार देखा कि विदेशी कोच के लिए हटाया गया'
श्रीजेश ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने अक्सर कोचों को खराब प्रदर्शन के कारण हटते देखा है, लेकिन उनके साथ पहली बार ऐसा हुआ जब किसी विदेशी कोच को लाने के लिए उन्हें बाहर किया गया। उन्होंने कहा, 'मैंने सुना था कि खराब प्रदर्शन के बाद कोच हटाए जाते हैं, लेकिन पहली बार अनुभव कर रहा हूं कि किसी विदेशी कोच के लिए रास्ता बनाने के लिए हटाया गया।'
श्रीजेश ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने अक्सर कोचों को खराब प्रदर्शन के कारण हटते देखा है, लेकिन उनके साथ पहली बार ऐसा हुआ जब किसी विदेशी कोच को लाने के लिए उन्हें बाहर किया गया। उन्होंने कहा, 'मैंने सुना था कि खराब प्रदर्शन के बाद कोच हटाए जाते हैं, लेकिन पहली बार अनुभव कर रहा हूं कि किसी विदेशी कोच के लिए रास्ता बनाने के लिए हटाया गया।'
पीआर श्रीजेश
- फोटो : PTI
दिलीप टिर्की के बयान का किया जिक्र
श्रीजेश ने दावा किया कि हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट दिलीप टिर्की ने उन्हें बताया कि सीनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच जूनियर टीम में भी विदेशी हेड कोच चाहते हैं, ताकि जूनियर से सीनियर स्तर तक एक जैसी कोचिंग प्रणाली विकसित की जा सके। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी को आगे नहीं बढ़ा सकते?'
श्रीजेश ने दावा किया कि हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट दिलीप टिर्की ने उन्हें बताया कि सीनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच जूनियर टीम में भी विदेशी हेड कोच चाहते हैं, ताकि जूनियर से सीनियर स्तर तक एक जैसी कोचिंग प्रणाली विकसित की जा सके। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी को आगे नहीं बढ़ा सकते?'
खेल मंत्री से हुई मुलाकात का भी किया उल्लेख
अपने बयान में श्रीजेश ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सात मार्च 2026 को हुई बैठक में मंत्री ने उनसे कहा था कि भारत को 2036 की तैयारियों के लिए उनके जैसे कोचों की जरूरत है। श्रीजेश ने लिखा, 'मुझे कहा गया था कि देश को 2036 की तैयारी के लिए आपके जैसे कोच चाहिए, लेकिन दूसरी तरफ हॉकी इंडिया अब भी चारों टीमों में विदेशी कोचों पर भरोसा जता रहा है।'
अपने बयान में श्रीजेश ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सात मार्च 2026 को हुई बैठक में मंत्री ने उनसे कहा था कि भारत को 2036 की तैयारियों के लिए उनके जैसे कोचों की जरूरत है। श्रीजेश ने लिखा, 'मुझे कहा गया था कि देश को 2036 की तैयारी के लिए आपके जैसे कोच चाहिए, लेकिन दूसरी तरफ हॉकी इंडिया अब भी चारों टीमों में विदेशी कोचों पर भरोसा जता रहा है।'
पीआर श्रीजेश
- फोटो : PTI
जूनियर टीम के साथ सफल रहा कार्यकाल
श्रीजेश का कार्यकाल परिणामों के लिहाज से काफी सफल माना गया। उनके नेतृत्व में भारतीय जूनियर टीम ने, पुरुष जूनियर एशिया कप में गोल्ड मेडल जीता। सुल्तान ऑफ जोहोर कप में कांस्य पदक हासिल किया। एफआईएच जूनियर पुरुष वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। युवा खिलाड़ियों के साथ उनकी समझ और हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने के कारण उन्हें भारतीय हॉकी के भविष्य के बड़े कोचिंग चेहरों में माना जा रहा था।
श्रीजेश का कार्यकाल परिणामों के लिहाज से काफी सफल माना गया। उनके नेतृत्व में भारतीय जूनियर टीम ने, पुरुष जूनियर एशिया कप में गोल्ड मेडल जीता। सुल्तान ऑफ जोहोर कप में कांस्य पदक हासिल किया। एफआईएच जूनियर पुरुष वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। युवा खिलाड़ियों के साथ उनकी समझ और हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने के कारण उन्हें भारतीय हॉकी के भविष्य के बड़े कोचिंग चेहरों में माना जा रहा था।
भारतीय हॉकी में फिर छिड़ी विदेशी बनाम भारतीय कोच की बहस
श्रीजेश के इस बयान के बाद भारतीय हॉकी में विदेशी और भारतीय कोचों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कई पूर्व खिलाड़ी और हॉकी प्रशंसक सवाल उठा रहे हैं कि जब भारतीय पूर्व खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिला चुके हैं, तो उन्हें कोचिंग में पर्याप्त अवसर और भरोसा क्यों नहीं दिया जा रहा।
श्रीजेश के इस बयान के बाद भारतीय हॉकी में विदेशी और भारतीय कोचों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कई पूर्व खिलाड़ी और हॉकी प्रशंसक सवाल उठा रहे हैं कि जब भारतीय पूर्व खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिला चुके हैं, तो उन्हें कोचिंग में पर्याप्त अवसर और भरोसा क्यों नहीं दिया जा रहा।