WhatsApp: क्या व्हाट्सएप पढ़ रहा है आपकी बातें? अमेरिका में दायर मुकदमे के बाद टेक दिग्गजों ने खोला मोर्चा
WhatsApp Privacy Controversy: दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग एप WhatsApp की प्राइवेसी एक बार फिर चर्चा में है। अमेरिका में दर्ज मुकदमे के बाद Elon Musk और Zoho के श्रीधर वेम्बू ने Meta पर तीखे सवाल उठाए हैं, जिससे यूजर डेटा सुरक्षा पर बहस तेज हो गई है।
विस्तार
आज दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग एप व्हाट्सएप (WhatsApp) पर भी कुछ ऐसे ही आरोप लग रहे हैं। मेटा (Meta) के मैसेजिंग एप WhatsApp की प्राइवेसी को लेकर उठे विवाद ने पूरी टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। अमेरिका में दर्ज एक मुकदमे के बाद कई दिग्गज टेक लीडर्स खुलकर मेटा की आलोचना कर रहे हैं और यूजर डेटा की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। इस बार दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क और जोहो (Zoho) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने मेटा पर तीखा हमला बोला है।
टेक दिग्गजों ने बोला सीधा हमला
व्हाट्सएप पर प्राइवेसी को कमजोर करने और यूजर्स के मैसेज को पढ़ने के आरोप लग रहे हैं, जबकि एप हमेशा से ही चैट्स के लिए एन्ड-टू-एन्ड एन्क्रिप्शन का दावा करता आया है। इस मुद्दे पर स्पेसएक्स और टेस्ला के फाउंडर एलन एक्स ने एक्स पर टिप्पणी की है। एक पोस्ट में मस्क ने साफ शब्दों में कहा, "व्हाट्सएप सुरक्षित नहीं है। यहां तक कि सिग्नल (Signal) भी संदेह के घेरे में है।" उन्होंने यूजर्स को सलाह दी कि वे इसके बजाय X चैट का इस्तेमाल करें। मस्क लंबे समय से मेटा की डेटा हैंडलिंग नीतियों के आलोचक रहे हैं और इस बार उन्होंने सीधे तौर पर यूजर्स की सुरक्षा पर चिंता जताई है।
WhatsApp is not secure. Even Signal is questionable.
— Elon Musk (@elonmusk) January 27, 2026
Use 𝕏 Chat. https://t.co/MWXCOmkbTD
भारतीय टेक दिग्गज और जोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने भी इस विवाद पर अपनी राय रखी। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई कंपनी विज्ञापनों (Ads) से पैसा कमाती है, तो उसके लिए यूजर की प्राइवेसी कभी पहली प्राथमिकता नहीं हो सकती। वेम्बू के अनुसार, यह पूरी तरह से "हितों का टकराव" है। उन्होंने कहा कि मुनाफे के दबाव और भारी वैल्यूएशन के चक्कर में कंपनियां यूजर्स के व्यवहार को ट्रैक करती हैं, इसलिए प्राइवेसी की उम्मीद करना नासमझी है।
As a general principle, when you rely on ads based on user habits, privacy can never be the first priority.
— Sridhar Vembu (@svembu) January 27, 2026
The conflict of interest is real and serious.
Combine that with public market pressure for ever greater profit to justify astronomical valuations ("wealth creation" is… https://t.co/EK17W9k8YX
व्हाट्सएप पर क्या हैं आरोप?
सैन फ्रांसिस्को की अदालत में दायर एक मुकदमे में दावा किया गया है कि मेटा का यह कहना गलत है कि कोई भी आपकी चैट नहीं पढ़ सकता। मुकदमे के अनुसार, व्हाट्सएप यूजर्स की निजी बातचीत को स्टोर, एनालाइज और एक्सेस कर सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हिसलब्लोअर्स ने बताया है कि मेटा के कर्मचारी एक आंतरिक सिस्टम के जरिए किसी भी यूजर का मैसेज देख सकते हैं।
2014 में मेटा ने खरीदा था व्हाट्सएप
अमेरिकी टेक दिग्गज और फेसबुक के मालिक मार्क जकरबर्ग की कंपनी मेटा ने 2014 में व्हाट्सएप का अधिग्रहण किया था। तब से कंपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को व्हाट्सएप की सबसे बड़ी खासियत बताती रही है। कंपनी का दावा है कि इस तकनीक के तहत मैसेज सिर्फ भेजने वाले और पाने वाले ही पढ़ सकते हैं, खुद कंपनी भी नहीं।
व्हाट्सएप पर प्राइवेसी उल्लंघन के आरोप कोई नए नहीं हैं। कंपनी पर पहले भी कई बार यूजर्स के मैसेज पढ़ने के आरोप लग चुके हैं:
- डेटा शेयरिंग की शुरुआत (2016): फेसबुक द्वारा अधिग्रहण के बाद 2016 में व्हाट्सएप की पॉलिसी अपडेट की गई थी, जिसमें यूजर्स के फोन नंबर और अन्य मेटाडेटा को फेसबुक के साथ शेयर करने की शुरुआत हुई, जिससे प्राइवेसी को लेकर पहली बार बड़े स्तर पर सवाल उठे थे।
- पेगासस स्पाइवेयर हमला (2019): इजरायली कंपनी NSO ग्रुप के पेगासस (Pegasus) स्पाइवेयर के जरिए दुनिया भर के पत्रकारों और एक्टिविस्टों के व्हाट्सएप मैसेज हैक किए जाने का मामला सामने आया था। वॉट्सऐप ने इसके लिए NSO ग्रुप पर मुकदमा भी चलाया था।
- गूगल के साथ डेटा शेयरिंग के आरोप (2020): गूगल के खिलाफ एक एंटी-ट्रस्ट मामले में यह आरोप लगा था कि व्हाट्सएप ने गूगल को यूजर्स के निजी मैसेज तक पहुंच दी थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि यह मैसेज बैकअप से संबंधित था या एन्क्रिप्शन में सेंधमारी से।
- प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट विवाद (2021): व्हाट्सएप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव का एलान किया था, जिसमें बिजनेस चैट्स का डेटा फेसबुक (अब मेटा) के साथ शेयर करने की बात थी। इससे दुनिया भर में यह डर फैल गया कि वॉट्सऐप अब निजी मैसेज भी पढ़ सकेगा, हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया था कि व्यक्तिगत चैट्स अभी भी एन्क्रिप्टेड हैं।
मेटा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
व्हाट्सएप के प्रमुख विल कैथकार्ट (Will Cathcart) ने हालिया आरोपों को पूरी तरह गलत और काल्पनिक बाताया है। कंपनी का कहना है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन डिफॉल्ट रूप से चालू रहता है और एप में साफ लिखा होता है कि चैट में भेजे गए मैसेज केवल संबंधित लोग ही पढ़, सुन या शेयर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसलिए कंपनी तकनीकी रूप से मैसेज नहीं पढ़ सकती। कंपनी ने इस मामले को अदालत में ले जाने वाले वकीलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी बात कही है।