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Meta: फेसबुक, इंस्टाग्राम के लिए आ रहा है मेटा अकाउंट; जानें कैसे अब एक ही जगह कंट्रोल होंगे सोशल मीडिया एप्स
Sat, 18 Jul 2026 08:39 PM IST
जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति
Updated Sat, 18 Jul 2026 08:39 PM IST
सार
Meta Account: अगर आप फेसबुक, इंस्टाग्राम या मेटा के दूसरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो जल्द ही अकाउंट मैनेजमेंट पहले से काफी आसान होने वाला है। क्योंकि मेटा ने नया मेटा अकाउंट सिस्टम पेश किया है। जिससे लॉगिन, सिक्योरिटी और अकाउंट मैनेजमेंट पहले से ज्यादा आसान हो सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Meta Accounts Center: आज के समय में फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य एप्स के अलग-अलग पासवर्ड याद रखना वाकई काफी मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए कंपनी ने अपने नए मेटा अकाउंट को पेश किया है, जो एक अपग्रेड और सेंट्रलाइज्ड (केंद्रीकृत) अकाउंट मैनेजमेंट सिस्टम है। इसकी मदद से यूजर्स अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर, थ्रेड्स, मेटा एआई, स्मार्ट एआई ग्लासेस और मेटा क्वेस्ट जैसे डिवाइसेज को एक ही सुरक्षित डैशबोर्ड से पूरी तरह नियंत्रित कर सकेंगे।
Meta Account क्या है ?
मेटा अकाउंट कंपनी का नया केंद्रीकृत अकाउंट सिस्टम है। इसके जरिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर, थ्रेड्स, मेटा एआई जैसे एप्स को एक ही डैशबोर्ड से मैनेज किया जा सकेगा। यह पुराने अकाउंट सेंटर का अपग्रेडेड वर्जन है, इसलिए मौजूदा यूजर्स को नया अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं होगी।
इससे क्या फायदा होगा?
पासकी से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
इतना ही मेटा ने व्हाट्सएप के बाद इंस्टाग्राम में भी अब पासकी सपोर्ट शुरू किया है। यानी अब यूजर्स फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या डिवाइस पिन की मदद से लॉगिन कर सकेंगे। हांलाकि फेसबुक और इंस्टाग्राम में भी यह सुविधा पहले से मौजूद है।
क्या यह सुरक्षित होगा?
कैसे करें इस्तेमाल?
अगर आप पहले से अकाउंट सेंटर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो मेटा आपको धीरे-धीरे नए सिस्टम में माइग्रेट कर देगा। नया विकल्प मिलने पर आप इसका इस्तेमाल ऐसे करें।
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Meta Account क्या है ?
मेटा अकाउंट कंपनी का नया केंद्रीकृत अकाउंट सिस्टम है। इसके जरिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर, थ्रेड्स, मेटा एआई जैसे एप्स को एक ही डैशबोर्ड से मैनेज किया जा सकेगा। यह पुराने अकाउंट सेंटर का अपग्रेडेड वर्जन है, इसलिए मौजूदा यूजर्स को नया अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं होगी।
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इससे क्या फायदा होगा?
- इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कई एप्स के लिए अलग-अलग सेटिंग्स की जरूरत नहीं होगी। पासवर्ड, ईमेल, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, रिकवरी ऑप्शन और अन्य जरूरी सिक्योरिटी सेटिंग्स अब एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
- सपोर्टेड मेटा एप्स और डिवाइस में एक ही पासवर्ड से साइन-इन किया जा सकेगा। इससे नए डिवाइस या ऐप पर लॉगिन करना पहले की तुलना में ज्यादा आसान हो जाएगा।
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पासकी से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
इतना ही मेटा ने व्हाट्सएप के बाद इंस्टाग्राम में भी अब पासकी सपोर्ट शुरू किया है। यानी अब यूजर्स फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या डिवाइस पिन की मदद से लॉगिन कर सकेंगे। हांलाकि फेसबुक और इंस्टाग्राम में भी यह सुविधा पहले से मौजूद है।
क्या यह सुरक्षित होगा?
- सुरक्षा को लेकर कंपनी का कहना है कि मेटा अकाउंट में 24x7 थ्रेट मॉनिटरिंग, संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने वाली सुरक्षा प्रणाली और आसान सिक्याेरिटी चेकअप टूल मिलेगा। यह यूजर्स को मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और लॉगिन अलर्ट्स चालू करने की सलाह भी देगा।
- इसके अलावा फैमिली सेंटर के जरिए माता-पिता Instagram, Facebook, Messenger और Meta Horizon से जुड़े पैरेंटल कंट्रोल्स को एक ही डैशबोर्ड से मैनेज कर सकेंगे। इससे बच्चों के अकाउंट की निगरानी करना भी आसान होगा।
कैसे करें इस्तेमाल?
अगर आप पहले से अकाउंट सेंटर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो मेटा आपको धीरे-धीरे नए सिस्टम में माइग्रेट कर देगा। नया विकल्प मिलने पर आप इसका इस्तेमाल ऐसे करें।
- सबसे पहले सपोर्टेड मेटा एप खोलें।
- सेटिंग्स में जाकर मेटा अकाउंट या अकाउंट सेंटर में जाएं।
- अपग्रेड प्रक्रिया पूरी करें।
- ईमेल और अकाउंट जानकारी वेरिफाई करें।
- जरूरत हो तो कनेक्टेड एप्स और डिवाइस जोड़ें।
- पासकी और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें।
- सिक्योरिटी और प्राइवेसी सेटिंग्स की समीक्षा करें।