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OpenAI Ads: अब ChatGPT पर भी दिखेंगे विज्ञापन? ओपनएआई की नई प्राइवेसी पॉलिसी से मिला संकेत, जानें क्या बदलेगा
Thu, 13 Aug 2026 06:00 PM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Thu, 13 Aug 2026 06:00 PM IST
सार
ChatGPT ads India: ओपनएआई अपने एआई चैटबॉट चैटजीपीटी पर विज्ञापन लाने की तैयारी कर रहा है और भारत इसका अगला बड़ा बाजार हो सकता है। कुछ भारतीय यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव को लेकर ईमेल मिले हैं, जिसमें विज्ञापनों के रोलआउट की जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं OpenAI के इस बड़े बदलाव, प्राइवेसी और विज्ञापनों से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से।
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चैटजीपीटी पर विज्ञापन
- फोटो : google
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विस्तार
OpenAI ChatGPT ads: एआई की दुनिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ओपनएआई अपने एआई चैटबॉट चैटजीपीटी में विज्ञापन पेश करने की ओर बढ़ रहा है। वैश्विक बाजारों में टेस्टिंग के बाद अब ऐसा लगता है कि भारत अगला देश हो सकता है जहां यह बदलाव लागू होगा।
हाल ही में कुछ भारतीय यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट से जुड़ा एक आधिकारिक ईमेल मिला है, जिसमें विज्ञापनों के काम करने के तरीके और यूजर कंट्रोल के बारे में जानकारी दी गई है।आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नया बदलाव किन यूजर्स के लिए लागू होगा और आपकी प्राइवेसी कितनी सुरक्षित रहेगी।
भारतीय यूजर्स को मिला प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट का ईमेल
किन चैटजीपीटी प्लान में दिख सकते हैं विज्ञापन?
किन यूजर्स को नहीं दिखेंगे विज्ञापन
क्या विज्ञापन चैटजीपीटी के जवाब बदल सकते हैं?
क्या विज्ञापनदाता आपकी चैट देख पाएंगे?
भारत में कब शुरू होंगे विज्ञापन?
Ads क्यों ला रहा है ओपनएआई ?
फ्री यूजर्स के लिए विज्ञापन-मुक्त विकल्प भी
चैटजीपीटी में विज्ञापन आने से क्या बदल सकता है?
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हाल ही में कुछ भारतीय यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट से जुड़ा एक आधिकारिक ईमेल मिला है, जिसमें विज्ञापनों के काम करने के तरीके और यूजर कंट्रोल के बारे में जानकारी दी गई है।आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नया बदलाव किन यूजर्स के लिए लागू होगा और आपकी प्राइवेसी कितनी सुरक्षित रहेगी।
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भारतीय यूजर्स को मिला प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट का ईमेल
- कुछ भारतीय यूजर्स को भेजे गए ईमेल में ओनएआई ने बताया कि वह अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट कर रहा है। इसमें चैटजीपीटी में विज्ञापनों से जुड़ी जानकारी, उनके काम करने के तरीके और यूजर्स के लिए उपलब्ध कंट्रोल्स के बारे में बताया जाएगा।
- यहां पर ईमेल का मतलब है कि चैटजीपीटी में विज्ञापन भारत में भी आने की तैयारी हो सकती है, लेकिन इसे अभी भारत के लिए आधिकारिक विज्ञापन लॉन्च की तारीख के तौर पर नहीं देखा जा सकता। ओपनएआई की मौजूदा आधिकारिक जानकारी भी बताती है कि विज्ञापन टेस्ट का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
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किन चैटजीपीटी प्लान में दिख सकते हैं विज्ञापन?
- ओपनएआई के मौजूदा विज्ञापन नियमों के मुताबिक Free और Go प्लान के यूजर्स को विज्ञापन दिख सकते हैं। वहीं प्लस, प्रो, बिजनेस, एंटरप्राइज और एड्स अकाउंट्स में विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। 18 साल से कम उम्र के बताए या अनुमानित यूजर्स के अकाउंट्स में भी विज्ञापन न दिखाने की बात कंपनी ने कही है।
- भारत में ChatGPT Go की शुरुआत 399 प्रति माह, GST सहित की गई थी। OpenAI के मुताबिक Go को पहले भारत में एक कम कीमत वाले प्लान के रूप में पेश किया गया था और बाद में इसे दूसरे बाजारों में भी विस्तार दिया गया।
किन यूजर्स को नहीं दिखेंगे विज्ञापन
- अगर यूजर चैटजीपीटी का प्लस या प्रो प्लान इस्तेमाल करता है, तो OpenAI की मौजूदा नीति के मुताबिक उसे चैटजीपीटी के अंदर विज्ञापन नहीं दिखेंगे। यही नियम बिजनेस, इंटरप्राइज और एडु प्लान पर भी लागू है।
- इससे फ्री और कम कीमत वाले गो प्लान को इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के अनुभव में सबसे बड़ा बदलाव आने की संभावना है।
क्या विज्ञापन चैटजीपीटी के जवाब बदल सकते हैं?
- यह सवाल सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। ओपनएआई का साफ कहना है कि विज्ञापन चैटजीपीटी के जवाबों को प्रभावित नहीं करते। कंपनी के अनुसार, विज्ञापन और चैटजीपीटी के जवाब अलग सिस्टम पर चलते हैं और विज्ञापनदाता मॉडल के जवाबों को शेप, रैंक या बदल नहीं सकते।
- ओपनएआई के अनुसार विज्ञापन Sponsored के रूप में स्पष्ट रूप से लेबल किए जाएंगे और उन्हें चैटजीपीटी के ऑर्गेनिक जवाबों से अलग दिखाया जाएगा। विज्ञापन प्रतिक्रिया के नीचे दिखाई दे सकते हैं।
क्या विज्ञापनदाता आपकी चैट देख पाएंगे?
- OpenAI का कहना है कि विज्ञापनदाताओं को यूजर की चैट्स, चैट हिस्ट्री, मेमोरी या पर्सनल डिटेल्स का एक्सेस नहीं मिलता। कंपनी के मुताबिक विज्ञापनदाताओं के साथ विज्ञापन के प्रदर्शन से जुड़ी कुल या aggregate जानकारी, जैसे कुल व्यूज या क्लिक, साझा की जाती है।
- हालांकि, OpenAI की विज्ञापन संबंधी जानकारी यह भी बताती है कि विज्ञापनों के चयन के लिए कुछ मामलों में मौजूदा बातचीत का संदर्भ और, पर्सनलाइजेशन की अनुमति होने पर, ChatGPT अनुभव से जुड़े कुछ संकेत इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसलिए चैट विज्ञापनदाताओं के साथ साझा नहीं होती और विज्ञापन पूरी तरह संदर्भ से स्वतंत्र हैं, इन दोनों बातों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।
भारत में कब शुरू होंगे विज्ञापन?
- फिलहाल भारत में चैटजीपीटी विज्ञापनों की सटीक लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। भारतीय यूजर्स को मिला प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है, लेकिन इसे आधिकारिक भारतीय रोलआउट की घोषणा नहीं कहा जा सकता।
- ओपनएआई ने फरवरी 2026 में अमेरिका में Free और Go प्लान पर विज्ञापन परीक्षण शुरू किया था। इसके बाद कंपनी ने दूसरे देशों में इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया।
Ads क्यों ला रहा है ओपनएआई ?
- ओपनएआई का कहना है कि ChatGPT के Free और Go जैसे कम कीमत वाले प्लान को बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए भारी इन्फ्रास्ट्रक्चर और लगातार निवेश की जरूरत होती है। विज्ञापन इस लागत को सपोर्ट करने और ज्यादा लोगों तक कम कीमत या मुफ्त AI पहुंच बनाए रखने का एक तरीका है।
- यानी कंपनी की रणनीति यह है कि विज्ञापन से मिलने वाली कमाई के जरिए Free और लो-कॉस्ट प्लान को लंबे समय तक सपोर्ट किया जा सके।
फ्री यूजर्स के लिए विज्ञापन-मुक्त विकल्प भी
- OpenAI की मौजूदा जानकारी के अनुसार Free यूजर्स के लिए विज्ञापन-मुक्त अनुभव चुनने का विकल्प भी उपलब्ध कराया जा सकता है, लेकिन इसके बदले उपयोग की सीमाएं कम हो सकती हैं और कुछ फीचर्स तक पहुंच सीमित हो सकती है।
- इसका मतलब है कि यूजर के सामने संभावित रूप से दो विकल्प होंगे, विज्ञापन के साथ ज्यादा उपयोग सीमा या बिना विज्ञापन के अपेक्षाकृत सीमित फ्री अनुभव।
चैटजीपीटी में विज्ञापन आने से क्या बदल सकता है?
- अगर भारत में यह मॉडल पूरी तरह लागू होता है, तो फ्री और गो यूजर्स को चैट के नीचे स्पॉन्सर्ड कंटेंट दिखाई दे सकता है। हालांकि, OpenAI की वर्तमान नीति के मुताबिक इसे चैटजीपीटी के वास्तविक जवाब से अलग रखा जाएगा।
- सबसे बड़ा बदलाव यूजर एक्सपीरियंस में होगा, जबकि चैटजीपीटी के जवाबों की स्वतंत्रता और यूजर प्राइवेसी को लेकर ओपनएआई ने अलग सुरक्षा उपायों की बात कही है।