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सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाला शख्स: कई देशों की GDP के बराबर वेतन, तकनीक की दुनिया में है बड़ा नाम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 26 Jan 2026 03:38 PM IST
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सार
Highest Salary In 2026: एलन मस्क जल्द ही दुनिया के पहले 'ट्रिलियनेयर' बन सकते हैं। साल 2026 में उन्हें 1 ट्रिलियन डॉलर का नया वेतन पैकेज मिल सकता है। इस खबर ने कंपनियों के प्रमुख और आम कर्मचारियों में वेतन में बड़े अंतर पर बहस छेड़ दी है।
दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाला शख्स
- फोटो : AI जनरेटेड
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विस्तार
जरा सोचिए, एक इंसान की सैलरी इतनी हो जाए कि वह दुनिया के कई देशों की कुल जीडीपी को पीछे छोड़ दे। आने वाला समय कुछ ऐसा ही हैरान करने वाला हो सकता है। दुनिया के सबसे अमीर इंसानों में गिने जाने वाले अरबपति एलन मस्क एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई नई कंपनी नहीं, बल्कि उनकी कमाई का वह आंकड़ा है जिसे सुनकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क की कुल संपत्ति पहले ही 660 बिलियन डॉलर के पार पहुंच चुकी है। अब उनके लिए तैयार किया गया 1 ट्रिलियन डॉलर (915.71 लाख करोड़) का नया वेतन पैकेज उन्हें साल 2026 तक दुनिया का पहला 'ट्रिलियनेयर' बनाने की राह पर ले जा सकता है।
सीईओ और कर्मचारियों की कमाई में जमीन-आसमान का अंतर
मस्क की यह बढ़ती दौलत केवल उनकी सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक ट्रेंड को भी दर्शाती है जिसमें बड़ी कंपनियों के प्रमुखों (CEOs) की कमाई आसमान छू रही है, जबकि आम कर्मचारियों का वेतन उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहा। इकोनॉमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट के एक शोध के अनुसार, अमेरिका में पिछले 50 वर्षों में शीर्ष सीईओ के वेतन में 1,094% की भारी बढ़ोतरी हुई है।
यह भी पढ़ें: Bharat Sapce Station: भारत का स्पेस स्टेशन हकीकत के करीब, 2028 में पहला मॉड्यूल लॉन्च करने की तैयारी में ISRO
इसके ठीक विपरीत, एक सामान्य कर्मचारी के वेतन में इसी दौरान केवल 26% का इजाफा हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि साल 2024 में एसएंडपी 500 कंपनियों के सीईओ का औसत वेतन 17.1 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 10% अधिक है। आज एक औसत सीईओ की सैलरी अपने कर्मचारी की तुलना में 192 गुना अधिक है।
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सीईओ और कर्मचारियों की कमाई में जमीन-आसमान का अंतर
मस्क की यह बढ़ती दौलत केवल उनकी सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक ट्रेंड को भी दर्शाती है जिसमें बड़ी कंपनियों के प्रमुखों (CEOs) की कमाई आसमान छू रही है, जबकि आम कर्मचारियों का वेतन उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहा। इकोनॉमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट के एक शोध के अनुसार, अमेरिका में पिछले 50 वर्षों में शीर्ष सीईओ के वेतन में 1,094% की भारी बढ़ोतरी हुई है।
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इसके ठीक विपरीत, एक सामान्य कर्मचारी के वेतन में इसी दौरान केवल 26% का इजाफा हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि साल 2024 में एसएंडपी 500 कंपनियों के सीईओ का औसत वेतन 17.1 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 10% अधिक है। आज एक औसत सीईओ की सैलरी अपने कर्मचारी की तुलना में 192 गुना अधिक है।
एलन मस्क
- फोटो : पीटीआई
कैसे तय होता है इतना भारी वेतन?
अक्सर लोगों को लगता है कि सीईओ को यह पैसा सीधे नकद या वेतन के रूप में मिलता है, लेकिन असलियत कुछ और है। मस्क के 1 ट्रिलियन डॉलर के पैकेज में कोई निश्चित वेतन शामिल नहीं है। यह पूरी तरह से 'स्टॉक अवार्ड्स' यानी कंपनी के शेयरों पर आधारित है। इसे पाने के लिए कंपनी को कुछ कड़े लक्ष्य या 'माइलस्टोन्स' हासिल करने होते हैं, जैसे कंपनी की बाजार कीमत को एक खास स्तर तक ले जाना।
यह भी पढ़ें: 'AI गॉडफादर' का मेटा से इस्तीफा: कहा- LLM की अंधी दौड़ में फंस चुकी है सिलिकन वैली, रोक रही है इनोवेशन
कॉर्पोरेट विश्लेषकों का कहना है कि अब कंपनियों में वेतन देने का यही तरीका चलन में आ रहा है। साल 2024 में करीब 72% सीईओ के सैलरी पैकेज शेयरों के रूप में थे। कंपनियों का तर्क है कि जब सीईओ की कमाई शेयर के भाव से जुड़ी होती है, तो वे कंपनी और निवेशकों के फायदे के लिए ज्यादा मेहनत करते हैं। सरल शब्दों में, अगर कंपनी के निवेशकों का पैसा बढ़ेगा, तभी सीईओ की जेब भरेगी।
अक्सर लोगों को लगता है कि सीईओ को यह पैसा सीधे नकद या वेतन के रूप में मिलता है, लेकिन असलियत कुछ और है। मस्क के 1 ट्रिलियन डॉलर के पैकेज में कोई निश्चित वेतन शामिल नहीं है। यह पूरी तरह से 'स्टॉक अवार्ड्स' यानी कंपनी के शेयरों पर आधारित है। इसे पाने के लिए कंपनी को कुछ कड़े लक्ष्य या 'माइलस्टोन्स' हासिल करने होते हैं, जैसे कंपनी की बाजार कीमत को एक खास स्तर तक ले जाना।
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कॉर्पोरेट विश्लेषकों का कहना है कि अब कंपनियों में वेतन देने का यही तरीका चलन में आ रहा है। साल 2024 में करीब 72% सीईओ के सैलरी पैकेज शेयरों के रूप में थे। कंपनियों का तर्क है कि जब सीईओ की कमाई शेयर के भाव से जुड़ी होती है, तो वे कंपनी और निवेशकों के फायदे के लिए ज्यादा मेहनत करते हैं। सरल शब्दों में, अगर कंपनी के निवेशकों का पैसा बढ़ेगा, तभी सीईओ की जेब भरेगी।