सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   Meta May Lay Off Over 20% Workforce Amid Rising AI Investment Costs: Report

Meta: मेटा में फिर मंडराया छंटनी का खतरा, एआई के खर्चे संभालने के लिए 20% कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Sat, 14 Mar 2026 11:26 PM IST
विज्ञापन
सार

Meta layoffs 2026: मेटा में एक बार फिर बड़ी छंटनी की आहट है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने महंगे एआई प्रोजेक्ट्स का खर्च निकालने के लिए 20% तक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है। जानिए क्या है इस संभावित छंटनी का पूरा मामला।

Meta May Lay Off Over 20% Workforce Amid Rising AI Investment Costs: Report
मेटा कर सकती है 20 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी - फोटो : मेटा
विज्ञापन

विस्तार

फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा में एक बार फिर बड़े पैमाने पर नौकरियों पर कैंची चलने की खबरें आ रही हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी अपने 20 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा कर्मचारियों को निकालने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो हजारों कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।

Trending Videos

आखिर क्यों हो रही है छंटनी की तैयारी?

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की रेस में आगे निकलने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है। कंपनी नए एआई प्रोजेक्ट्स शुरू कर रही है, एआई से जुड़ी छोटी कंपनियों को खरीद रही है और इस फील्ड के जानकारों को मोटी सैलरी पर रख रही है। अपने इसी बढ़ते खर्चे को बैलेंस करने और लागत घटाने के लिए कंपनी अब आम कर्मचारियों की संख्या कम करने का प्लान बना रही है। बता दें कि 31 दिसंबर तक मेटा में लगभग 79,000 कर्मचारी काम कर रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या मेटा ने इसकी पुष्टि की है?

फिलहाल, मेटा की तरफ से इस छंटनी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने इन खबरों को सिर्फ "संभावित रणनीतियों को लेकर लगाई जा रही अटकलें" बताया है।

क्या सच में एआई लोगों की नौकरियां खा रहा है?

हाल के दिनों में ब्लॉक जैसी कई टेक कंपनियों ने छंटनी की है और उनका तर्क है कि एआई के आने से बहुत से काम अब ऑटोमेट होने लगे हैं, इसलिए उन्हें कम कर्मचारियों की जरूरत है। हालांकि, टेक इंडस्ट्री के कई दिग्गज इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हैं। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन जैसे एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियां अपनी गलतियों का ठीकरा एआई पर फोड़ रही हैं। असल में, कोरोना महामारी के दौरान इन कंपनियों ने जरूरत से ज्यादा लोगों को नौकरी पर रख लिया था। अब वे उन्हीं अतिरिक्त कर्मचारियों को निकाल रही हैं और अपनी इस छंटनी को एआई का नाम दे रही हैं। टेक की दुनिया में कंपनियों के इस बहाने को 'एआई-वाशिंग' कहा जाता है।

मेटा में छंटनी का पुराना इतिहास

मेटा के लिए छंटनी का यह दौर कोई नई बात नहीं है, क्योंकि कंपनी इससे पहले भी अपने कर्मचारियों को दो बार बड़े झटके दे चुकी है। आपको याद दिला दें कि नवंबर 2022 में कंपनी ने लगभग 11,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था और इसके कुछ ही महीनों बाद, मार्च 2023 में फिर से करीब 10,000 कर्मचारियों की छंटनी कर दी गई थी। अब अगर 20 प्रतिशत कर्मचारियों को निकालने की यह नई रिपोर्ट सच साबित होती है तो यह मेटा के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक होगी। फिलहाल, हर किसी को इस मामले में कंपनी के आधिकारिक बयान का बेसब्री से इंतजार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed