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Wired Earphones: वायर्ड इयरफोन का लौट रहा दौर? जानिए क्यों इस पुराने गैजेट के दीवाने हो रहे लोग

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Thu, 19 Feb 2026 04:01 PM IST
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सार

Wired Earphones Comeback : कभी जिसे पुराने जमाने का कहकर छोड़ दिया गया था, आज वही वायर्ड ईयरफोन एस्थेटिक बन गया है। न चार्जिंग का झंझट, न खोने का डर और शानदार साउंड क्वालिटी। जानें क्यों वायरलेस के दौर में तार वाले ईयरफोन्स ट्रेंड बनकर लौटे हैं।
 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार

कुछ साल पहले तक ऐसा लग रहा था कि वायरलेस ही सबकुछ है। जब एपल ने iPhone 7 के साथ 3.5mm हेडफोन जैक हटाया और एयरपॉड्स लॉन्च किया, तो पूरी  इंडस्ट्री ने वायरलेस को अपनाना शुरू कर दिया, लेकिन अब इस ट्रेंड में जबरदस्त बदलाव देखने को मिल रहा है। अब क्लासिक वायर्ड ईयरफोन्स फिर से चर्चा में हैं। इसके कुछ प्रमुख कारण हैं, जैसे:
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चार्जिंग की थकान और बैटरी एंग्जायटी
स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, लैपटॉप... हम पहले ही गैजेट्स को चार्ज करते-करते थक चुके हैं। वायरलेस ईयरबड्स की बैटरी छोटी होती है और समय के साथ खराब हो जाती है। वायर्ड ईयरफोन्स के साथ सबसे बड़ा सुकून यही है बस प्लग लगाओ और घंटों संगीत का आनंद लो, बिना यह देखे कि बैटरी कितने प्रतिशत बची है।
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ऑडियो क्वालिटी का अनुभव
ब्लूटूथ तकनीक कितनी भी एडवांस हो जाए,  डाटा ट्रांसफर के दौरान साउंड कंप्रेस (Compress) होता ही है। वहीं, वायर्ड ईयरफोन्स खासकर यूएसबी-सी वाले सीधे एनालॉग या डिजिटल सिग्नल आपके कानों तक पहुंचाते हैं। हाई-डेफिनिशन म्यूजिक सुनने वालों के लिए आज भी तार वाले हेडफोन्स ही पहली पसंद बने हुए हैं।

एक बड खो गया वाली मुसीबत से आजाद
टीडब्ल्यूएस यानी कि ट्रू वायरलेस स्टीरियो के साथ सबसे बड़ी यही समस्या है कि अगर ट्रेन या बस में एक ईयरबड गिर गया, तो सैकड़ों या हजारों का नुकसान हो जाता है। कंपनियां अलग से एक बड भी नहीं बेचतीं। वहीं,  वायर्ड ईयरफोन्स गले में लटके रहते हैं, सुरक्षित रहते हैं और सालों-साल चलते हैं।

फैशन और एस्थेटिक्स लुक
आजकल के युवा विंटेज और रेट्रो लुक को पसंद कर रहे हैं। कई बड़े स्पोर्ट्स स्टार्स और हॉलीवुड हस्तियों को वायर्ड ईयरफोन्स में स्पॉट किया गया है, जिससे यह फिर से एक कूल एक्सेसरी बन गई है। यह दिखाता है कि आप तकनीक के गुलाम नहीं हैं, बल्कि क्वालिटी और सादगी पसंद करते हैं।

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लेटेंसी का कोई चक्कर नहीं
गेमर्स के लिए वायर्ड ईयरफोन्स वरदान हैं। वायरलेस में अक्सर लैग या लेटेंसी (आवाज का देर से आना) की समस्या होती है, जो ऑनलाइन गेमिंग में हार की वजह बन सकती है। तार वाले कनेक्शन में रिस्पॉन्स टाइम इंस्टेंट होता है।

क्या वायरलेस पूरी तरह खत्म हो जाएगा?
नहीं, ऐसा नहीं कहा जा सकता कि वायरलेस पूरी तरह खत्म हो जाएगा। एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन (ANC), वर्कआउट के दौरान फ्रीडम और एआई असिस्टेंट जैसे फीचर्स के लिए वायरलेस अभी भी बेस्ट हैं। लेकिन वायर्ड ईयरफोन्स ने यह साबित कर दिया है कि सुविधा से ज्यादा भरोसा मायने रखता है।

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