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एंथ्रोपिक से नाराज पेंटागन: सीईओ डारियो अमोदेई को किया तलब, Claude AI का सैन्य उपयोग करना चाहता है रक्षा विभाग
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 24 Feb 2026 10:28 AM IST
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सार
Pentagon Anthropic AI Conflict: अमेरिका के रक्षा मंत्रालय और एआई कंपनी एंथ्रोपिक के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एंथ्रोपिक के सीईओ को अल्टीमेटम देने के लिए तलब किया है। विवाद का मुख्य कारण सैन्य हथियारों और जासूसी में क्लाउड एआई के इस्तेमाल पर लगी पाबंदियां हैं।
एंथ्रोपिक के सीईओ को पेंटागन ने किया तलब
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पेंटागन और सिलिकॉन वैली की दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अमरीकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई को सीधे पेंटागन बुला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कोई औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि एक कड़ा अल्टीमेटम है। रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तो यहां तक कह दिया है कि एंथ्रोपिक को अब यह तय करना होगा कि वह सेना के साथ पूरी तरह खड़ा है या नहीं।
रक्षा विभाग और एंथ्रोपिक के बीच क्या है विवाद?
विवाद की असली वजह एंथ्रोपिक का एआई मॉडल 'क्लाउड' है। यह इकलौता ऐसा एआई मॉडल है जिसे फिलहाल सेना के गुप्त सिस्टम और खुफिया अभियानों में इस्तेमाल किया जा रहा है। पेंटागन इस बात पर भड़का हुआ है कि एंथ्रोपिक ने सुरक्षा के नाम पर एआई के सैन्य इस्तेमाल पर कई पाबंदियां लगा रखी हैं। कंपनी चाहती है कि उसके एआई का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर निगरानी करने या ऐसे ऑटोमैटिक हथियार बनाने में न हो जो जंग के मैदान में काम आएं।
यह भी पढ़ें: फोन में ताक-झांक करने वालों को कुछ नहीं दिखेगा, Galaxy S26 Ultra में आ सकता है ये खास फीचर
दूसरी ओर, पेंटागन का तर्क है कि देश की सुरक्षा के लिए उसे एआई का बिना किसी रोक-टोक के इस्तेमाल करने की आजादी मिलनी चाहिए। रक्षा विभाग ने धमकी भरे लहजे में कहा है कि अगर कंपनी अपनी नीतियों में ढील नहीं देती है, तो उसे 'सप्लाई चेन रिस्क' घोषित कर दिया जाएगा। ऐसा होने पर न केवल एंथ्रोपिक के सारे सौदे रद्द हो जाएंगे, बल्कि उसके साथ काम करने वाली अन्य कंपनियों पर भी पाबंदी लग जाएगी। यह एंथ्रोपिक के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
वेनेजुएला में ऑपरेशन के लिए हुआ था क्लाउड एआई का इस्तेमाल
यह विवाद तकनीक के साथ-साथ विचारधारा का भी है। एंथ्रोपिक खुद को एक ऐसी कंपनी के रूप में पेश करती है जो एआई की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखती है, जबकि पेंटागन इसे उनकी जिद मान रहा है। मामला तब और गरमा गया जब जनवरी में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ हुई छापेमारी में क्लाउड एआई का इस्तेमाल किया गया। इस बैठक का नेतृत्व पेंटागन की ओर से पीट हेगसेथ के साथ स्टीव फीनबर्ग और एमिल माइकल करेंगे। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या सिलिकॉन वैली की यह कंपनी सेना के दबाव में झुकेगी या अपने सिद्धांतों पर अडिग रहेगी।
क्या एंथ्रोपिक की जगह कोई और लेगा?
पेंटागन के लिए एंथ्रोपिक को छोड़ना इतना आसान नहीं है। क्लाउड फिलहाल इकलौता ऐसा एआई मॉडल है जो पेंटागन के सबसे सुरक्षित यानी क्लासिफाइड नेटवर्क पर काम कर रहा है। गूगल (Gemini), ओपनएआई (ChatGPT) और एलन मस्क की कंपनी xAI (Grok) अभी इस दौड़ में पीछे हैं।
यह भी पढ़ें: एंट्री-लेवल नौकरियों पर एआई की मार, इस देश में युवाओं की 20% नौकरियां घटीं
दिलचस्प बात यह है कि गूगल और ओपनएआई जैसी कंपनियां सेना के साथ काम करने के लिए अपनी सुरक्षा नीतियों में ढील देने को तैयार हैं, जबकि एंथ्रोपिक अपने सिद्धांतों पर अड़ा हुआ है। करीब 200 मिलियन डॉलर (लगभग 1,600 करोड़ रुपये) का यह कॉन्ट्रैक्ट अब खतरे में नजर आ रहा है।
एआई समिट में गलत इस्तेमाल को लेकर जताई थी चिंता
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई पिछले सप्ताह भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट (2026) में शामिल हुए थे। उन्होंने कार्यक्रम में अपने भाषण में एआई के गलत इस्तेमाल पर चिंता भी जताई थी। उन्होंने कहा था कि एआई मॉडल्स के स्वायत्त व्यवहार, गलत इस्तेमाल और आर्थिक अस्थिरता जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें: हर 5 में से 1 टीनएजर ने इंस्टाग्राम पर देखी आपत्तिजनक तस्वीरें, मेटा के आंतरिक सर्वे में खुलासा
अमोदेई ने कहा था कि पिछले एक दशक से एआई की क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं। उनके मुताबिक, दुनिया अब उस मोड़ के करीब है जहां एआई मॉडल अधिकांश कामों में इंसानों की सोचने-समझने की क्षमता से आगे निकल सकते हैं। अमोदेई के मुताबिक कहा था कि एआई से लाइलाज बीमारियों का इलाज संभव हो सकता है और अरबों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा सकता है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चिंता भी जताई कि यदि एआई के गलत हाथों में चला जाए तो इससे मानवता को गंभीर नुकसान हो सकता है।
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विवाद की असली वजह एंथ्रोपिक का एआई मॉडल 'क्लाउड' है। यह इकलौता ऐसा एआई मॉडल है जिसे फिलहाल सेना के गुप्त सिस्टम और खुफिया अभियानों में इस्तेमाल किया जा रहा है। पेंटागन इस बात पर भड़का हुआ है कि एंथ्रोपिक ने सुरक्षा के नाम पर एआई के सैन्य इस्तेमाल पर कई पाबंदियां लगा रखी हैं। कंपनी चाहती है कि उसके एआई का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर निगरानी करने या ऐसे ऑटोमैटिक हथियार बनाने में न हो जो जंग के मैदान में काम आएं।
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दूसरी ओर, पेंटागन का तर्क है कि देश की सुरक्षा के लिए उसे एआई का बिना किसी रोक-टोक के इस्तेमाल करने की आजादी मिलनी चाहिए। रक्षा विभाग ने धमकी भरे लहजे में कहा है कि अगर कंपनी अपनी नीतियों में ढील नहीं देती है, तो उसे 'सप्लाई चेन रिस्क' घोषित कर दिया जाएगा। ऐसा होने पर न केवल एंथ्रोपिक के सारे सौदे रद्द हो जाएंगे, बल्कि उसके साथ काम करने वाली अन्य कंपनियों पर भी पाबंदी लग जाएगी। यह एंथ्रोपिक के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
वेनेजुएला में ऑपरेशन के लिए हुआ था क्लाउड एआई का इस्तेमाल
यह विवाद तकनीक के साथ-साथ विचारधारा का भी है। एंथ्रोपिक खुद को एक ऐसी कंपनी के रूप में पेश करती है जो एआई की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखती है, जबकि पेंटागन इसे उनकी जिद मान रहा है। मामला तब और गरमा गया जब जनवरी में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ हुई छापेमारी में क्लाउड एआई का इस्तेमाल किया गया। इस बैठक का नेतृत्व पेंटागन की ओर से पीट हेगसेथ के साथ स्टीव फीनबर्ग और एमिल माइकल करेंगे। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या सिलिकॉन वैली की यह कंपनी सेना के दबाव में झुकेगी या अपने सिद्धांतों पर अडिग रहेगी।
क्या एंथ्रोपिक की जगह कोई और लेगा?
पेंटागन के लिए एंथ्रोपिक को छोड़ना इतना आसान नहीं है। क्लाउड फिलहाल इकलौता ऐसा एआई मॉडल है जो पेंटागन के सबसे सुरक्षित यानी क्लासिफाइड नेटवर्क पर काम कर रहा है। गूगल (Gemini), ओपनएआई (ChatGPT) और एलन मस्क की कंपनी xAI (Grok) अभी इस दौड़ में पीछे हैं।
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दिलचस्प बात यह है कि गूगल और ओपनएआई जैसी कंपनियां सेना के साथ काम करने के लिए अपनी सुरक्षा नीतियों में ढील देने को तैयार हैं, जबकि एंथ्रोपिक अपने सिद्धांतों पर अड़ा हुआ है। करीब 200 मिलियन डॉलर (लगभग 1,600 करोड़ रुपये) का यह कॉन्ट्रैक्ट अब खतरे में नजर आ रहा है।
एआई समिट में गलत इस्तेमाल को लेकर जताई थी चिंता
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई पिछले सप्ताह भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट (2026) में शामिल हुए थे। उन्होंने कार्यक्रम में अपने भाषण में एआई के गलत इस्तेमाल पर चिंता भी जताई थी। उन्होंने कहा था कि एआई मॉडल्स के स्वायत्त व्यवहार, गलत इस्तेमाल और आर्थिक अस्थिरता जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
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अमोदेई ने कहा था कि पिछले एक दशक से एआई की क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं। उनके मुताबिक, दुनिया अब उस मोड़ के करीब है जहां एआई मॉडल अधिकांश कामों में इंसानों की सोचने-समझने की क्षमता से आगे निकल सकते हैं। अमोदेई के मुताबिक कहा था कि एआई से लाइलाज बीमारियों का इलाज संभव हो सकता है और अरबों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा सकता है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चिंता भी जताई कि यदि एआई के गलत हाथों में चला जाए तो इससे मानवता को गंभीर नुकसान हो सकता है।