Cyber Attack: टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर बड़ा साइबर हमला, हैकर्स ने Tesla-iPhone से जुड़े कई अहम दस्तावेज उड़ाए
Tata Electronics Hit By Cyber Attack: भारत में एपल के लिए आईफोन और टेस्ला के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर एक बड़ा साइबर अटैक हुआ है। कंपनी ने सुरक्षा घटना की पुष्टि की है, हालांकि उसका कहना है कि कारोबार संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।
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विस्तार
टाटा ग्रुप की अहम कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ है। कंपनी ने खुद इस बात की पुष्टि की है। चिंता की बात यह है कि हैकर्स ने दावा किया है कि उनके पास दुनिया की दो सबसे बड़ी टेक कंपनियों एपल और टेस्ला का सीक्रेट डेटा मौजूद है। आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और हैकर्स के हाथ क्या-क्या लगा है।
क्या है पूरा मामला?
वर्ल्ड लीक्स नाम के एक हैकर ग्रुप ने दावा किया है कि उसने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का डेटा हैक कर लिया है। हैकर्स के मुताबिक, उनके पास 630 GB से ज्यादा का डेटा है, जिसमें 2 लाख से ज्यादा गोपनीय दस्तावेज शामिल हैं।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इस हमले की बात मान ली है। कंपनी का कहना है, "कुछ हफ्ते पहले हमें अपने सिस्टम में सुरक्षा से जुड़ी एक सेंधमारी का पता चला था। हमने तुरंत जरूरी कदम उठाए हैं। अच्छी बात यह है कि इस हैकिंग से हमारे रोजमर्रा के काम और प्रोडक्शन पर कोई असर नहीं पड़ा है।"
एपल और टेस्ला का नाम भी आ रहा सामने
अगर आप सोच रहे हैं कि टाटा के हैक होने से एपल और टेस्ला का डेटा कैसे लीक हो सकता है, तो इसके पीछे सीधा सा कनेक्शन है:
- एपल: टाटा भारत में एपल के लिए सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स में से एक है। भारत में बनने वाले करीब एक-तिहाई (1/3) आईफोन टाटा ही बनाता है।
- टेस्ला: एलन मस्क की कंपनी टेस्ला की कारों के कुछ पार्ट्स भी टाटा भारत में बनाती है।
हैकर्स के हाथ क्या-क्या लगा?
रॉयटर्स के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लीक हुए डेटा में कई अहम और सीक्रेट जानकारियां शामिल हैं:
एपल से जुड़ा डेटा:
- आईफोन के सर्किट बोर्ड की चेकिंग से जुड़ी डिटेल्स
- फैक्ट्री का डेटा और मटेरियल स्पेसिफिकेशन (सामान की क्वालिटी) से जुड़ी फाइलें
- विदेशी नागरिकों सहित कर्मचारियों के पासपोर्ट की स्कैन कॉपी और हजारों ईमेल
टेस्ला से जुड़ा डेटा
- टेस्ला के ट्रेड सीक्रेट्स
- टेस्ला मॉडल 3 सेडान (प्रोजेक्ट हाइलैंड) के कुछ डिजाइन और चित्र
- मॉडल Y एसयूवी के चार्जिंग पोर्ट से जुड़े अहम दस्तावेज
कंपनियों की तरफ से आधिकारिक बयान नहीं आया सामने
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने साफ किया है कि उनसे किसी तरह की फिरौती नहीं मांगी गई है। वहीं, इस पूरे मामले पर एपल या टेस्ला की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
टाटा पर पहले भी हो चुके हैं हमले
आपको बता दें कि टाटा ग्रुप पर यह कोई पहला साइबर हमला नहीं है। इससे पहले सितंबर 2025 में टाटा मोटर्स की कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर भी एक बड़ा साइबर अटैक हुआ था, जिसके चलते कंपनी को करीब दो महीने तक अपना प्रोडक्शन रोकना पड़ गया था। यह खबर साइबर सुरक्षा और यूजर प्राइवेसी के लिहाज से टेक जगत में एक बड़ी हलचल पैदा कर सकती है।