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Factory Reset: फोन को बार-बार करते हैं फैक्ट्री रिसेट? तो कर रहे हैं ये बड़ी गलती, जानिए कब करना चाहिए ये काम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:06 AM IST
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सार
When To Factory Reset Phone: एंड्रॉयड हो या आईफोन, समय के साथ फोन स्लो होने लगता है और बैटरी जल्दी ड्रेन होने लगती है। ऐसे में फैक्ट्री रिसेट एक कारगर उपाय हो सकता है। लेकिन रिसेट कब करना चाहिए और इससे फोन में क्या बदलाव आते हैं, यह जानना बेहद जरूरी है।
फैक्ट्री रिसेट (सांकेतिक)
- फोटो : AI जनरेटेड
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विस्तार
स्मार्टफोन चाहे एंड्रॉयड हो या आईफोन, कुछ साल इस्तेमाल करने के बाद उसकी रफ्तार कम होने लगती है। अक्सर हम फोन में इतनी फाइलें और एप्स भर लेते हैं कि प्रोसेसर के लिए उन्हें संभालना मुश्किल हो जाता है। नतीजा? फोन अटकने लगता है और रिस्पॉन्स देने में समय लेता है। इस स्थिती में कई लोग फोन को फैक्ट्री रिसेट कर देते हैं, जिससे फोन पहले के जैसा फास्ट चलने लगता है। हालांकि, फोन छोटी-मोटी प्रॉबलम्स के लिए फोन को बार-बार रिसेट करना ठीक नहीं है। इससे एप्स को दोबारा इंस्टॉल करने और फाइल्स को ट्रांसफर करने की झंझट बढ़ जाती है। आज हम आपको बताने वाले हैं कि आपको कब अपने फोन को फैक्ट्री रिसेट करना चाहिए।
फैक्ट्री रिसेट से क्या होता है?
फैक्ट्री रिसेट करने पर फोन में जमा छिपा हुआ जंक डेटा साफ हो जाता है, जिससे प्रोसेसर पर पड़ने वाला अनावश्यक लोड कम होता है। इसका असर यह होता है कि फोन फ्रीज होना, बार-बार रीस्टार्ट होना, एप्स का क्रैश करना और बैटरी तेजी से खत्म होने जैसी समस्याएं काफी हद तक ठीक हो सकती हैं। रिसेट के बाद फोन लगभग उसी स्थिति में आ जाता है, जैसे पहली बार खरीदते समय था। इसमें मौजूद सभी एप्स और कैश्ड डेटा पूरी तरह हट जाते हैं और सेटिंग्स रिसेट हो जाती है।
फोन को फैक्ट्री रिसेट कब करना चाहिए?
अगर आपका फोन बेहद स्लो हो गया है, बार-बार अपने आप बंद हो रहा है या उसमें ओवरहीटिंग, बैटरी जल्दी खत्म होने और एप्स के बार-बार क्रैश होने जैसी दिक्कतें आ रही हैं, तो फैक्ट्री रिसेट एक विकल्प हो सकता है। कई मामलों में सॉफ्टवेयर अपडेट या स्टोरेज खाली करने से भी समस्या दूर हो जाती है, लेकिन जब ये बेसिक उपाय काम न करें, तब फैक्ट्री रिसेट करना सही फैसला हो सकता है।
फैक्ट्री रिसेट से पहले इन बातों का रखें ध्यान
फैक्ट्री रिसेट करने पर फोन का पूरा डेटा डिलीट हो जाता है। इसलिए रिसेट शुरू करने से पहले फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट्स और जरूरी फाइल्स का बैकअप जरूर बना लें, ताकि बाद में कोई जरूरी जानकारी न खो जाए।
रिसेट के बाद क्या करें?
फोन रिसेट होने के बाद केवल उन्हीं एप्स को इंस्टॉल करें, जिनकी आपको रोजमर्रा में सच में जरूरत होती है। इससे फोन हल्का और क्लीन रहेगा, स्टोरेज बचेगी और दोबारा स्लो होने की समस्या जल्दी नहीं आएगी।
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फैक्ट्री रिसेट से क्या होता है?
फैक्ट्री रिसेट करने पर फोन में जमा छिपा हुआ जंक डेटा साफ हो जाता है, जिससे प्रोसेसर पर पड़ने वाला अनावश्यक लोड कम होता है। इसका असर यह होता है कि फोन फ्रीज होना, बार-बार रीस्टार्ट होना, एप्स का क्रैश करना और बैटरी तेजी से खत्म होने जैसी समस्याएं काफी हद तक ठीक हो सकती हैं। रिसेट के बाद फोन लगभग उसी स्थिति में आ जाता है, जैसे पहली बार खरीदते समय था। इसमें मौजूद सभी एप्स और कैश्ड डेटा पूरी तरह हट जाते हैं और सेटिंग्स रिसेट हो जाती है।
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फोन को फैक्ट्री रिसेट कब करना चाहिए?
अगर आपका फोन बेहद स्लो हो गया है, बार-बार अपने आप बंद हो रहा है या उसमें ओवरहीटिंग, बैटरी जल्दी खत्म होने और एप्स के बार-बार क्रैश होने जैसी दिक्कतें आ रही हैं, तो फैक्ट्री रिसेट एक विकल्प हो सकता है। कई मामलों में सॉफ्टवेयर अपडेट या स्टोरेज खाली करने से भी समस्या दूर हो जाती है, लेकिन जब ये बेसिक उपाय काम न करें, तब फैक्ट्री रिसेट करना सही फैसला हो सकता है।
फैक्ट्री रिसेट से पहले इन बातों का रखें ध्यान
फैक्ट्री रिसेट करने पर फोन का पूरा डेटा डिलीट हो जाता है। इसलिए रिसेट शुरू करने से पहले फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट्स और जरूरी फाइल्स का बैकअप जरूर बना लें, ताकि बाद में कोई जरूरी जानकारी न खो जाए।
रिसेट के बाद क्या करें?
फोन रिसेट होने के बाद केवल उन्हीं एप्स को इंस्टॉल करें, जिनकी आपको रोजमर्रा में सच में जरूरत होती है। इससे फोन हल्का और क्लीन रहेगा, स्टोरेज बचेगी और दोबारा स्लो होने की समस्या जल्दी नहीं आएगी।