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Battery Tips: 20% के नीचे आते ही क्यों तेजी से गिरने लगती है फोन की बैटरी? जानिए असली वजह

Sun, 23 Aug 2026 04:21 PM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Sun, 23 Aug 2026 04:21 PM IST
सार

Phone Battery Health Tips: क्या आपके फोन की बैटरी भी 20% पर पहुंचने के बाद तेजी से खत्म होने लगती है? अगर हां, तो आइए आपको इसकी वजह बताते हैं...

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why phone lithum ion battery drains fast after reaching 20 percent charge
20% के नीचे तेजी से क्यों गिरती है बैटरी? - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

फोन की बैटरी 100% से 20% तक तो अपने सामान्य समय में आती है, लेकिन 20% का लाल निशान पार करते ही यह अचानक तेजी से डिस्चार्ज होने लगती है। हम सभी ने कभी न कभी इस परेशानी का सामना जरूर किया है। कई बार तो 15% से 5% तक पहुंचने में महज कुछ मिनट ही लगते हैं और देखते ही देखते फोन स्विच ऑफ हो जाता है। क्या यह फोन की बैटरी खराब होने का इशारा है या फिर वजह कुछ और है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
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क्या गलत दिखता है बैटरी परसेंटेज?

  • स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी का चार्ज परसेंटेज किसी टैंक में बचे पानी की तरह सीधी गणना नहीं है। फोन बैटरी के वोल्टेज, करंट, तापमान और इस्तेमाल के पैटर्न जैसे कई आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाता है कि बैटरी में कितनी चार्ज बची है।
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  • यानी स्क्रीन पर दिखने वाला 20 प्रतिशत एक अनुमानित स्टेट ऑफ चार्ज है। बैटरी की वास्तविक स्थिति और फोन द्वारा दिखाए गए प्रतिशत में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसी वजह से आपको कई बार बैटरी लेवल तेजी से नीचे जाता हुआ दिखाई दे सकता है। स्मार्टफोन बनाने वाली दिग्गज कंपनी एपल भी कहती है कि बैटरी परसेंटेज और क्षमता का आकलन अलग-अलग माप और एल्गोरिदम के आधार पर किया जाता है।
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  • आजकल के लगभग सभी स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी का इस्तेमाल होता है। इन बैटरियों के डिस्चार्ज होने का ग्राफ एक बराबर तरीके से नहीं होता। जब बैटरी 100% से 30% के बीच होती है, तो इसका वोल्टेज स्थिर रहता है। लेकिन जैसे ही बैटरी की क्षमता 20% के स्तर से नीचे जाती है, इसके वोल्टेज में अचानक और बहुत तेजी से गिरावट आने लगती है।

प्रोसेसर पर ज्यादा करंट खींचने का दबाव

आपके फोन के प्रोसेसर, डिस्प्ले और बैकग्राउंड एप्स को सही ढंग से काम करने के लिए लगातार एक निश्चित मात्रा में पावर (ऊर्जा) की जरूरत होती है। विज्ञान के नियम के अनुसार, जब 20% के नीचे बैटरी का वोल्टेज कम हो जाता है, तो फोन को चालू रखने के लिए सिस्टम को बैटरी से अधिक करंट खींचना पड़ता है। ज्यादा करंट खींचने की इसी मजबूरी के कारण बची हुई 20% बैटरी दुगनी रफ्तार से खत्म होने लगती है।

समय के साथ कमजोर होती है बैटरी

जैसे-जैसे आपका फोन पुराना होता है, बैटरी के अंदर मौजूद केमिकल की क्षमता कम होने लगती है। इससे बैटरी का आंतरिक प्रतिरोध बढ़ जाता है और कुछ ऊर्जा फोन को पावर देने के बजाय गर्मी के रूप में बर्बाद होने लगती है। इसके अलावा, कई बार फोन का सॉफ्टवेयर (OS) बैटरी के सही स्तर का सटीक अंदाजा नहीं लगा पाता। यानी स्क्रीन पर भले ही 20% दिख रहा हो, लेकिन हकीकत में बैटरी के अंदर सिर्फ 10% ही चार्ज बची होती है।

बैटरी का चार्ज करने का गोल्डन रूल

टेक एक्सपर्ट्स हमेशा सलाह देते हैं कि अपने स्मार्टफोन को कभी भी पूरी तरह डिस्चार्ज (0%) नहीं होने देना चाहिए। बैटरी की लंबी उम्र के लिए '20-80 रूल' का पालन करना सबसे बेहतर माना जाता है। यानी फोन की बैटरी 20% पर आते ही उसे चार्जिंग पर लगा दें और 80% से 90% होने पर हटा लें। इससे बैटरी के केमिकल्स पर दबाव कम पड़ता है और फोन सालों-साल बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है।
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