{"_id":"6a986fbcc4c77117940ba8d7","slug":"farmer-crushed-to-death-as-mud-house-collapses-in-rain-amethi-news-c-96-1-ame1002-174862-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: बारिश में कच्चा मकान ढहा, दबकर किसान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: बारिश में कच्चा मकान ढहा, दबकर किसान की मौत
Thu, 03 Sep 2026 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
बारिश के दौरान सरूवावा के नया पुरवा गांव में गिर कच्चा मकान। -संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंशीगंज। लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार शाम कच्चा मकान ढहने से मलबे में दबकर सरूवावा नया का पुरवा गांव निवासी किसान श्यामलाल चौहान (65) की मौत हो गई। राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
मनोज कुमार ने बताया कि उनके पिता खेती-बाड़ी करते थे। बुधवार शाम खेत से लौटने के बाद वह कच्चे मकान की दीवार से लगे सीमेंट की चादर वाले बरामदे में लेट गए थे। लगातार बारिश से मकान में सीलन आ गई थी। इसी बीच अचानक दीवार भरभराकर गिर गई और वह मलबे में दब गए। मकान में मौजूद उनकी मां सोमना को चोट नहीं आई। घर-गृहस्थी का सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया।
मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने मलबा हटाकर श्यामलाल को बाहर निकाला और सीएचसी ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल सुल्तानपुर रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि सुल्तानपुर जिला अस्पताल में मौत होने के कारण पोस्टमार्टम की कार्यवाही वहीं से की जा रही है। राजस्व विभाग को सूचना दे दी गई है। एसडीएम पंकज मिश्र ने बताया कि मकान या दीवार के मलबे में दबकर होने वाली मौत दैवी आपदा की श्रेणी में आती है। राजस्व टीम को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
-- -- -- -- --
नहीं मिला आवास योजना का लाभ
मनोज कुमार ने बताया कि उन्हें और उनके पिता को आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। आवास मिल गया होता तो शायद हादसा नहीं होता। बीडीओ दिव्या सिंह ने बताया कि जांच कराई जाएगी। इसके बाद पता चलेगा कि परिवार को आवास योजना का लाभ मिला था या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
-- -- -- -- --
पति के शव से लिपटकर बिलखती रहीं सोमना
श्यामलाल की मौत की खबर मिलते ही सोमना पति के शव से लिपटकर बिलखने लगीं। उन्हें रोता देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। बेटे मनोज कुमार, बेटियां गुड्डी, अर्चना व सरिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को सांत्वना देते रहे।
विज्ञापन
मनोज कुमार ने बताया कि उनके पिता खेती-बाड़ी करते थे। बुधवार शाम खेत से लौटने के बाद वह कच्चे मकान की दीवार से लगे सीमेंट की चादर वाले बरामदे में लेट गए थे। लगातार बारिश से मकान में सीलन आ गई थी। इसी बीच अचानक दीवार भरभराकर गिर गई और वह मलबे में दब गए। मकान में मौजूद उनकी मां सोमना को चोट नहीं आई। घर-गृहस्थी का सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया।
विज्ञापन
मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने मलबा हटाकर श्यामलाल को बाहर निकाला और सीएचसी ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल सुल्तानपुर रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि सुल्तानपुर जिला अस्पताल में मौत होने के कारण पोस्टमार्टम की कार्यवाही वहीं से की जा रही है। राजस्व विभाग को सूचना दे दी गई है। एसडीएम पंकज मिश्र ने बताया कि मकान या दीवार के मलबे में दबकर होने वाली मौत दैवी आपदा की श्रेणी में आती है। राजस्व टीम को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
नहीं मिला आवास योजना का लाभ
मनोज कुमार ने बताया कि उन्हें और उनके पिता को आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। आवास मिल गया होता तो शायद हादसा नहीं होता। बीडीओ दिव्या सिंह ने बताया कि जांच कराई जाएगी। इसके बाद पता चलेगा कि परिवार को आवास योजना का लाभ मिला था या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
पति के शव से लिपटकर बिलखती रहीं सोमना
श्यामलाल की मौत की खबर मिलते ही सोमना पति के शव से लिपटकर बिलखने लगीं। उन्हें रोता देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। बेटे मनोज कुमार, बेटियां गुड्डी, अर्चना व सरिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को सांत्वना देते रहे।