{"_id":"69615346a70164df3205acca","slug":"lawyers-raised-slogans-in-the-tehsil-amethi-news-c-96-1-ame1002-156206-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: वकीलों ने तहसील में की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: वकीलों ने तहसील में की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 10 Jan 2026 12:43 AM IST
विज्ञापन
मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
विज्ञापन
मुसाफिरखाना। उपजिलाधिकारी अभिनव कनौजिया की कार्यशैली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग दोहराई। आंदोलन के चलते न्यायिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा और वादकारियों को बिना सुनवाई लौटना पड़ा।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि अधिवक्ताओं का आक्रोश 30 दिसंबर से बना हुआ है। आंदोलन के समर्थन में अन्य जनपदों के अधिवक्ताओं ने भी न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं किया। इससे तहसील में एसडीएम प्रशासनिक, एसडीएम न्यायिक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और सीओ चकबंदी की अदालतों में सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक निर्णयों में उनकी बातों की अनदेखी की जा रही है। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने और एसडीएम के स्थानांतरण तक आंदोलन व न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। शुक्रवार को कानपुर अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष रामेंद्र सिंह कटियार भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर अधिवक्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया। इधर, आंदोलन के कारण तहसील पहुंचे वादकारियों को नई तारीख लेकर लौटना पड़ा, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। प्रदर्शन में राजन सिंह, सतीश सिंह, केके सिंह, अंजनी मिश्रा, जगतराम पाल, प्रमोद श्रीवास्तव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
चौथे दिन भी न्यायिक कार्य बाधित
अमेठी। मुसाफिरखाना तहसील में उपजिलाधिकारी और अधिवक्ताओं के बीच चल रहे विवाद के समर्थन में अमेठी तहसील के अधिवक्ता शुक्रवार को भी लामबंद रहे। लगातार चौथे दिन भी न्यायिक कार्य में सहयोग न करने के कारण तहसील परिसर में सभी न्यायालयों की कार्यवाही ठप रही। बार एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार अमेठी तहसील के अधिवक्ता मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के आंदोलन के समर्थन में न्यायिक कार्य से विरत हैं। एसडीएम प्रशासनिक, एसडीएम न्यायिक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और सीओ चकबंदी की अदालतों में अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। इससे बड़ी संख्या में तहसील पहुंचे वादकारियों को नई तिथि लेकर लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक प्रशासन मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं के साथ हो रहे व्यवहार पर ठोस कदम नहीं उठाता है, तब तक समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अधिवक्ताओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए है, जिसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
Trending Videos
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि अधिवक्ताओं का आक्रोश 30 दिसंबर से बना हुआ है। आंदोलन के समर्थन में अन्य जनपदों के अधिवक्ताओं ने भी न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं किया। इससे तहसील में एसडीएम प्रशासनिक, एसडीएम न्यायिक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और सीओ चकबंदी की अदालतों में सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक निर्णयों में उनकी बातों की अनदेखी की जा रही है। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने और एसडीएम के स्थानांतरण तक आंदोलन व न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। शुक्रवार को कानपुर अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष रामेंद्र सिंह कटियार भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर अधिवक्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया। इधर, आंदोलन के कारण तहसील पहुंचे वादकारियों को नई तारीख लेकर लौटना पड़ा, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। प्रदर्शन में राजन सिंह, सतीश सिंह, केके सिंह, अंजनी मिश्रा, जगतराम पाल, प्रमोद श्रीवास्तव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
चौथे दिन भी न्यायिक कार्य बाधित
अमेठी। मुसाफिरखाना तहसील में उपजिलाधिकारी और अधिवक्ताओं के बीच चल रहे विवाद के समर्थन में अमेठी तहसील के अधिवक्ता शुक्रवार को भी लामबंद रहे। लगातार चौथे दिन भी न्यायिक कार्य में सहयोग न करने के कारण तहसील परिसर में सभी न्यायालयों की कार्यवाही ठप रही। बार एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार अमेठी तहसील के अधिवक्ता मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के आंदोलन के समर्थन में न्यायिक कार्य से विरत हैं। एसडीएम प्रशासनिक, एसडीएम न्यायिक, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और सीओ चकबंदी की अदालतों में अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। इससे बड़ी संख्या में तहसील पहुंचे वादकारियों को नई तिथि लेकर लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक प्रशासन मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं के साथ हो रहे व्यवहार पर ठोस कदम नहीं उठाता है, तब तक समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अधिवक्ताओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए है, जिसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।