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Ayodhya News: 341 अनफिट स्कूली वाहन सड़कों पर भर रहे फर्राटा
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:55 PM IST
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अयोध्या। जिले में पंजीकृत 814 स्कूल बसों और 849 वैन में से 82 बसों और 259 वैन कुल 341 स्कूली वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा 128 वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया जा चुका है और 65 पुराने वाहनों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बावजूद यह वाहन सड़कों पर बच्चों को स्कूल ले जाते नजर आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है।
कई स्कूलों के बाहर सुबह के समय अनफिट और अपंजीकृत वाहन खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई वाहनों चालकों के पास न तो वाहन का वैध फिटनेस प्रमाणपत्र है, न बीमा अपडेट और प्रदूषण सर्टिफिकेट। जिले में बेसिक शिक्षा के 1250 से अधिक प्राथमिक व जूनियर स्कूल और करीब 369 माध्यमिक स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे प्रतिदिन बसों, वैन और अन्य निजी साधनों से स्कूल आते-जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो ई रिक्शा, ऑटो और निजी वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर स्कूल पहुंचाया जाता है। कई जगहों पर बिना किसी अनुमति के ई रिक्शा को स्कूली वाहन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
एआरटीओ आरपी सिंह बताया कि स्कूली वाहनों की सघन जांच अभियान के तहत अब तक 65 वाहनों को नोटिस जारी किया गया है। जिनकी फिटनेस, दस्तावेज या सुरक्षा मानक अधूरे पाए गए। तय समय में सुधार न करने पर इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भारी पड़ सकता है नजर अंदाज करना
हर सुबह अभिभावक अपने बच्चों को पूरी देखभाल के साथ स्कूल भेजते हैं। साफ यूनिफॉर्म, टिफिन और पानी की बोतल के साथ। लेकिन जिस वाहन में बच्चा बैठकर निकलता है, उसकी स्थिति पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है। अभिभावकों को इस बात की ताकीद अवश्य कर लेने चाहिए कि उनका बच्चा जिस वाहन से जा रहा है वह ओवरलोड तो नहीं। उसमें पर्याप्त सीटें मानक के अनुसार सुरक्षित है अथवा नहीं।चालक भी प्रशिक्षित और जिम्मेदार होना चाहिए।
ई रिक्शा पलटने से आठ बच्चे हुए थे घायल
कुछ माह पहले रानोपाली रेलवे फाटक पर बच्चों से भरा एक ई रिक्शा बीच ट्रैक पर बंद हो गया था। समय रहते लोगों ने बच्चों को बाहर निकाल लिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा एक माह पूर्व महाराजगंज थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव के पास अनियंत्रित बोलेरो ने बच्चों से भरी तीन पहिया टेम्पो को टक्कर मार दी, जिसके बाद टेम्पो पलटने से आठ बच्चे घायल हो गए थे। समय रहते सभी घायल बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी जान बचाई जा सकी थी।
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कई स्कूलों के बाहर सुबह के समय अनफिट और अपंजीकृत वाहन खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई वाहनों चालकों के पास न तो वाहन का वैध फिटनेस प्रमाणपत्र है, न बीमा अपडेट और प्रदूषण सर्टिफिकेट। जिले में बेसिक शिक्षा के 1250 से अधिक प्राथमिक व जूनियर स्कूल और करीब 369 माध्यमिक स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे प्रतिदिन बसों, वैन और अन्य निजी साधनों से स्कूल आते-जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो ई रिक्शा, ऑटो और निजी वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर स्कूल पहुंचाया जाता है। कई जगहों पर बिना किसी अनुमति के ई रिक्शा को स्कूली वाहन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
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एआरटीओ आरपी सिंह बताया कि स्कूली वाहनों की सघन जांच अभियान के तहत अब तक 65 वाहनों को नोटिस जारी किया गया है। जिनकी फिटनेस, दस्तावेज या सुरक्षा मानक अधूरे पाए गए। तय समय में सुधार न करने पर इन वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भारी पड़ सकता है नजर अंदाज करना
हर सुबह अभिभावक अपने बच्चों को पूरी देखभाल के साथ स्कूल भेजते हैं। साफ यूनिफॉर्म, टिफिन और पानी की बोतल के साथ। लेकिन जिस वाहन में बच्चा बैठकर निकलता है, उसकी स्थिति पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है। अभिभावकों को इस बात की ताकीद अवश्य कर लेने चाहिए कि उनका बच्चा जिस वाहन से जा रहा है वह ओवरलोड तो नहीं। उसमें पर्याप्त सीटें मानक के अनुसार सुरक्षित है अथवा नहीं।चालक भी प्रशिक्षित और जिम्मेदार होना चाहिए।
ई रिक्शा पलटने से आठ बच्चे हुए थे घायल
कुछ माह पहले रानोपाली रेलवे फाटक पर बच्चों से भरा एक ई रिक्शा बीच ट्रैक पर बंद हो गया था। समय रहते लोगों ने बच्चों को बाहर निकाल लिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा एक माह पूर्व महाराजगंज थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव के पास अनियंत्रित बोलेरो ने बच्चों से भरी तीन पहिया टेम्पो को टक्कर मार दी, जिसके बाद टेम्पो पलटने से आठ बच्चे घायल हो गए थे। समय रहते सभी घायल बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी जान बचाई जा सकी थी।