राम मंदिर चढ़ावा चोरी: लवकुश मिश्रा की पत्नी के घर को लेकर एडीए ने जारी किया आखिरी नोटिस, किया जा सकता है सील
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी के घर को लेकर एडीए ने आखिरी नोटिस जारी किया है। इसमें कहा कि यदि समय पर कागजात प्रस्तुत नहीं किए तो घर सील किया जा सकता है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामनगरी में अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने मंगलवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को बिना मंज़ूरी के बनाए जा रहे घर के मामले में आखिरी नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी कि यदि उन्होंने 15 जुलाई तक जरूरी दस्तावेज नहीं जमा किए तो इमारत को सील किया जा सकता है।
एडीए अधिकारियों के मुताबिक, तीन जुलाई को जारी किए गए पिछले नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद शहादतगंज इलाके के बनवीरपुर में बन रहे दो मंज़िला घर पर आखिरी नोटिस चस्पा किया गया है। यह प्लॉट लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर रजिस्टर्ड है। एडीए ने निर्देश दिया है कि वे मंज़ूर बिल्डिंग प्लान और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर बुधवार को प्राधिकरण के सामने पेश हों।
इमारत को सील किया जा सकता है
विशेष कार्याधिकारी (OSD) महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह नोटिस उत्तर प्रदेश शहरी योजना और विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है। चूंकि पिछले नोटिस के जवाब में कोई दस्तावेज नहीं जमा किया गया। इसलिए, आखिरी मौका दिया गया है। प्राधिकरण के सचिव 15 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करेंगे। अगर, कोई संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज पेश नहीं किए जाते हैं, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके चलते इमारत को सील करना भी शामिल है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, लवकुश मिश्रा उन आठ लोगों में शामिल थे, जो मंदिर में चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया से जुड़े थे। विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज होने के बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया था।
लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये बरामद
पुलिस ने बताया है कि जांच के दौरान लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये बरामद किए गए थे। इस मामले में सबसे ज़्यादा नकद बरामदगी (20.39 लाख रुपये) सह-आरोपी अविनाश शुक्ला से हुई थी, जो कथित तौर पर मंदिर में चढ़ावा गिनने में शामिल था।
जांचकर्ताओं ने इस मामले से जुड़ी तलाशी के दौरान विदेशी मुद्रा, सोना-चांदी और "रामराज्य कोष" लिखा हुआ एक दान-पात्र भी ज़ब्त किया है। बताते चलें कि राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी का मामला 7 जून को सामने आया था और इसकी जांच जारी है।