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Ayodhya News: अयोध्या धाम में बैरियर हटे, पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 19 Apr 2026 08:57 PM IST
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टेढ़ीबाजार से बेरोकटोक प्रवेश करते वाहन।
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अयोध्या। अयोध्या धाम में अनावश्यक बैरियर हटा दिए गए हैं। इससे पर्यटन, धार्मिक गतिविधियों और स्थानीय कारोबार में वृद्धि की उम्मीद है। यह कदम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उठाया गया है।
लंबे समय से वाहनों पर लगे प्रतिबंध श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण थे। जगह-जगह बैरियर होने से उन्हें अपने गुरु आश्रमों और मठों तक पहुंचने में कठिनाई होती थी। कई श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के साथ गुरुजनों के आश्रमों में भी जाते हैं। लेकिन बैरियरों के कारण उन्हें काफी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी। बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग श्रद्धालु विशेष रूप से परेशान होते थे। समयाभाव या असुविधा के कारण कई श्रद्धालु छोटे आश्रमों तक नहीं पहुंच पाते थे।
महंत विवेक आचार्य ने बताया कि इस व्यवस्था से छोटे आश्रम सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। जहां पहले नियमित रूप से भक्त आते थे, वहां संख्या कम हो गई थी। बहुत से आश्रम दान-दक्षिणा से होने वाली आय पर निर्भर थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही घटने से आश्रमों की परंपराएं भी प्रभावित हुईं। कई आश्रमों की आर्थिक गतिविधियां कमजोर हो चुकी थीं।
उन्होंने कहा कि अनावश्यक बैरियर हटने से भक्त पहले की तरह सुगमता से पहुंच सकेंगे और धार्मिक जीवन फिर से सक्रिय होगा। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में बैरियर होने चाहिए, बस स्थानीय लोगों की सुविधा का ध्यान रखा जाए। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने कहा कि अभी ट्रायल किया जा रहा है। शनिवार को अचानक बैरियर हटाने से राम मंदिर के प्रवेश द्वार तक बाहरी गाड़ियों का प्रवेश सुगमता से होने लगा, जिससे जाम की स्थिति बन गई। रविवार को इकबाल अंसारी के आवास के सामने, पोस्ट ऑफिस, व शृंगारहाट में पुन: बैरियर लगाया गया, ताकि अनावश्यक वाहनों का प्रवेश रोका जा सके। जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इनसेट
व्यापारियों में खुशी, बोले-बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
- स्थानीय व्यापारियों ने अयोध्या धाम से अनावश्यक बैरियर हटाने की योजना से खुशी है। पंकज गुप्ता का कहना है कि जब श्रद्धालु आसानी से विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचेंगे तो बाजारों में रौनक बढ़ेगी। पूजा सामग्री, प्रसाद, हस्तशिल्प, खानपान, परिवहन, होटल और छोटे दुकानदारों को सीधा लाभ मिलेगा। व्यापारी विजय साहू का मानना है कि सुगम आवागमन से बिक्री बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी मजबूत होंगे। दुकानों तक मालवाहक वाहन नहीं पहुंच पाते थे, जिससे दुकानदारों को परेशानी होती थी।
इनसेट
दूसरा पक्ष- सुरक्षा से नहीं किया जा सकता समझौता
- बैरियर हटने से सुगमता बढ़ेगी, लेकिन एक दूसरा पक्ष यह भी है कि अयोध्या की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। अयोध्या देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र है, इसलिए यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और आपातकालीन सेवाओं को समान रूप से प्रभावी बनाए रखना जरूरी होगा। समाजसेवी डॉ़ आनंद उपाध्याय कहते हैं कि अयोध्या आतंकी दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है, ऐसे में पूरी तरह से प्रतिबंध हटाना आसान नहीं होगा। स्थानीय लोगों को रियायत देने की योजना बनानी चाहिए। सुविधा और सुरक्षा के बीच संतुलन ही अयोध्या के विकास की सही दिशा तय करेगा।
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लंबे समय से वाहनों पर लगे प्रतिबंध श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण थे। जगह-जगह बैरियर होने से उन्हें अपने गुरु आश्रमों और मठों तक पहुंचने में कठिनाई होती थी। कई श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के साथ गुरुजनों के आश्रमों में भी जाते हैं। लेकिन बैरियरों के कारण उन्हें काफी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी। बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग श्रद्धालु विशेष रूप से परेशान होते थे। समयाभाव या असुविधा के कारण कई श्रद्धालु छोटे आश्रमों तक नहीं पहुंच पाते थे।
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महंत विवेक आचार्य ने बताया कि इस व्यवस्था से छोटे आश्रम सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। जहां पहले नियमित रूप से भक्त आते थे, वहां संख्या कम हो गई थी। बहुत से आश्रम दान-दक्षिणा से होने वाली आय पर निर्भर थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही घटने से आश्रमों की परंपराएं भी प्रभावित हुईं। कई आश्रमों की आर्थिक गतिविधियां कमजोर हो चुकी थीं।
उन्होंने कहा कि अनावश्यक बैरियर हटने से भक्त पहले की तरह सुगमता से पहुंच सकेंगे और धार्मिक जीवन फिर से सक्रिय होगा। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में बैरियर होने चाहिए, बस स्थानीय लोगों की सुविधा का ध्यान रखा जाए। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने कहा कि अभी ट्रायल किया जा रहा है। शनिवार को अचानक बैरियर हटाने से राम मंदिर के प्रवेश द्वार तक बाहरी गाड़ियों का प्रवेश सुगमता से होने लगा, जिससे जाम की स्थिति बन गई। रविवार को इकबाल अंसारी के आवास के सामने, पोस्ट ऑफिस, व शृंगारहाट में पुन: बैरियर लगाया गया, ताकि अनावश्यक वाहनों का प्रवेश रोका जा सके। जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इनसेट
व्यापारियों में खुशी, बोले-बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
- स्थानीय व्यापारियों ने अयोध्या धाम से अनावश्यक बैरियर हटाने की योजना से खुशी है। पंकज गुप्ता का कहना है कि जब श्रद्धालु आसानी से विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचेंगे तो बाजारों में रौनक बढ़ेगी। पूजा सामग्री, प्रसाद, हस्तशिल्प, खानपान, परिवहन, होटल और छोटे दुकानदारों को सीधा लाभ मिलेगा। व्यापारी विजय साहू का मानना है कि सुगम आवागमन से बिक्री बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी मजबूत होंगे। दुकानों तक मालवाहक वाहन नहीं पहुंच पाते थे, जिससे दुकानदारों को परेशानी होती थी।
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दूसरा पक्ष- सुरक्षा से नहीं किया जा सकता समझौता
- बैरियर हटने से सुगमता बढ़ेगी, लेकिन एक दूसरा पक्ष यह भी है कि अयोध्या की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। अयोध्या देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र है, इसलिए यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और आपातकालीन सेवाओं को समान रूप से प्रभावी बनाए रखना जरूरी होगा। समाजसेवी डॉ़ आनंद उपाध्याय कहते हैं कि अयोध्या आतंकी दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है, ऐसे में पूरी तरह से प्रतिबंध हटाना आसान नहीं होगा। स्थानीय लोगों को रियायत देने की योजना बनानी चाहिए। सुविधा और सुरक्षा के बीच संतुलन ही अयोध्या के विकास की सही दिशा तय करेगा।

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