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Ayodhya News: व्यापार में मदद के नाम पर व्यवसायी से 11 लाख ठगे
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 22 Mar 2026 10:07 PM IST
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अयोध्या। कोतवाली के कच्चा घाट पर कपड़े का व्यवसाय करने वाले अंशू सोनी से एक व्यक्ति ने व्यापार में मदद के नाम पर 11 लाख रुपये ठग लिए। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू की है।
एफआईआर में तुलसीदास घाट निवासी अंशू सोनी ने बताया कि उनके चाचा रवि सोनी के यहां बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली, कोटवा वार्ड नंबर तीन निवासी अतुल कुमार द्विवेदी नामक लड़का काम करता था। उसकी जिम्मेदारी वहीं के शैलेंद्र सिंह ने ली थी। शैलेंद्र सिंह अपने भाई रिंकू सिंह के साथ रैन बसेरे में रहकर कपड़े का कार्य करता था। कुछ समय बाद अतुल ने भी उनकी दुकान के बगल व्यवसाय करने की इच्छा जताई और मदद के नाम पर रुपये मांगे।
20 मई, 2024 से एक जुलाई, 2024 तक यूपीआई के जरिये 2.88 लाख और 4.90 लाख। इसके बाद 1.50 लाख रुपये नकद दिए। इस तरह आरोपी ने उनसे 9.50 लाख रुपये। तय समय के बाद उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में आरोपी ने मां की बीमारी का हवाला दिया और उनके इलाज के लिए दो लाख रुपये और मांगे। चार जून, 2025 को झांसे में आकर उन्होंने दो लाख रुपये और दे दिए।
बाद में पता चला कि आरोपी का एक संगठित गिरोह है, जो लोगों को झांसे में लेकर उनसे ठगी करते हैं। पता चला कि आरोपी ने फर्जी व कूटरचित ढंग से आधार कार्ड बनवाया था, जिसका प्रयोग वह धोखाधड़ी में करता है। उन्होंने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, कार्रवाई न होने पर एसएसपी को शिकायती पत्र दिया। इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि आरोपी के अतुल द्विवेदी, शैलेंद्र सिंह व सरोजनाथ द्विवेदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच की जा रही है।
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एफआईआर में तुलसीदास घाट निवासी अंशू सोनी ने बताया कि उनके चाचा रवि सोनी के यहां बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली, कोटवा वार्ड नंबर तीन निवासी अतुल कुमार द्विवेदी नामक लड़का काम करता था। उसकी जिम्मेदारी वहीं के शैलेंद्र सिंह ने ली थी। शैलेंद्र सिंह अपने भाई रिंकू सिंह के साथ रैन बसेरे में रहकर कपड़े का कार्य करता था। कुछ समय बाद अतुल ने भी उनकी दुकान के बगल व्यवसाय करने की इच्छा जताई और मदद के नाम पर रुपये मांगे।
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20 मई, 2024 से एक जुलाई, 2024 तक यूपीआई के जरिये 2.88 लाख और 4.90 लाख। इसके बाद 1.50 लाख रुपये नकद दिए। इस तरह आरोपी ने उनसे 9.50 लाख रुपये। तय समय के बाद उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। बाद में आरोपी ने मां की बीमारी का हवाला दिया और उनके इलाज के लिए दो लाख रुपये और मांगे। चार जून, 2025 को झांसे में आकर उन्होंने दो लाख रुपये और दे दिए।
बाद में पता चला कि आरोपी का एक संगठित गिरोह है, जो लोगों को झांसे में लेकर उनसे ठगी करते हैं। पता चला कि आरोपी ने फर्जी व कूटरचित ढंग से आधार कार्ड बनवाया था, जिसका प्रयोग वह धोखाधड़ी में करता है। उन्होंने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, कार्रवाई न होने पर एसएसपी को शिकायती पत्र दिया। इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि आरोपी के अतुल द्विवेदी, शैलेंद्र सिंह व सरोजनाथ द्विवेदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच की जा रही है।