{"_id":"697e3573a2ef3f6830008446","slug":"deputy-commissioner-kar-withdrew-his-resignation-and-resumed-charge-ayodhya-news-c-97-1-ayo1005-142244-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: उपायुक्त कर ने वापस लिया इस्तीफा, संभाला चार्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: उपायुक्त कर ने वापस लिया इस्तीफा, संभाला चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 31 Jan 2026 10:31 PM IST
विज्ञापन
फोटो-27-
विज्ञापन
अयोध्या। स्टेट जीएसटी के उपायुक्त कर प्रशांत कुमार सिंह ने अधिकारियों के समझाने पर इस्तीफा वापस ले लिया है। शनिवार को उन्होंने मोदहा स्थित राज्य कर भवन में वापस कार्यभार संभाला है। वहीं, अपने भाई विश्वजीत सिंह की टिप्पणी को भी उन्होंने खारिज किया है।
उपायुक्त कर प्रशांत सिंह ने मंगलवार को इस्तीफा दिया था। इसमें उन्होंने प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री, गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के विरुद्ध अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत होने का दावा किया था। आरोप लगाया था कि शंकराचार्य भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के विरुद्ध साजिश कर रहे हैं। वह समाज में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं और देश व प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।
पहली बार सरकार के समर्थन में किसी के इस्तीफा देने से चर्चा का माहौल बन गया। जिले से लेकर देश व प्रदेश स्तर तक वह सुर्खियों में आए। इस्तीफे के बाद मान-मनौवल का दौर भी शुरू हुआ। पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच मंगलवार की शाम को ही उनके सगे भाई विश्वजीत सिंह ने उनकी नियुक्ति को फर्जी बताया। उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र को फर्जी बताकर नया मामला खड़ा कर दिया। हालांकि, इन आरोपों के बीच उपायुक्त अवकाश पर चले गए थे।
शनिवार को वह वापस कार्यालय आए और अपना इस्तीफा वापस लेते हुए कामकाज शुरू किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर उन्होंने इस्तीफा वापस लेकर कामकाज शुरू किया है। बताया कि उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र का पूर्व में कई बार सत्यापन हो चुका है। 12 अप्रैल, 2024 को भी सीएमओ मऊ ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र का सत्यापन किया है। वह अवैध वसूली के लिए लोगों पर आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने अपने भाई का पूर्वांचल के एक दिवंगत माफिया से संबंध भी बताया है।
Trending Videos
उपायुक्त कर प्रशांत सिंह ने मंगलवार को इस्तीफा दिया था। इसमें उन्होंने प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री, गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के विरुद्ध अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत होने का दावा किया था। आरोप लगाया था कि शंकराचार्य भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के विरुद्ध साजिश कर रहे हैं। वह समाज में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं और देश व प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहली बार सरकार के समर्थन में किसी के इस्तीफा देने से चर्चा का माहौल बन गया। जिले से लेकर देश व प्रदेश स्तर तक वह सुर्खियों में आए। इस्तीफे के बाद मान-मनौवल का दौर भी शुरू हुआ। पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच मंगलवार की शाम को ही उनके सगे भाई विश्वजीत सिंह ने उनकी नियुक्ति को फर्जी बताया। उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र को फर्जी बताकर नया मामला खड़ा कर दिया। हालांकि, इन आरोपों के बीच उपायुक्त अवकाश पर चले गए थे।
शनिवार को वह वापस कार्यालय आए और अपना इस्तीफा वापस लेते हुए कामकाज शुरू किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर उन्होंने इस्तीफा वापस लेकर कामकाज शुरू किया है। बताया कि उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र का पूर्व में कई बार सत्यापन हो चुका है। 12 अप्रैल, 2024 को भी सीएमओ मऊ ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र का सत्यापन किया है। वह अवैध वसूली के लिए लोगों पर आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने अपने भाई का पूर्वांचल के एक दिवंगत माफिया से संबंध भी बताया है।
