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Ayodhya News: शपथ पत्र देने के बावजूद धड़ल्ले से कर रहे निजी प्रैक्टिस
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 08 Feb 2026 09:33 PM IST
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अयोध्या। लगभग साल भर पहले ही शपथ पत्र देने के बावजूद सरकारी चिकित्सक धड़ल्ले से निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार का निजी प्रैक्टिस करते वीडियो वायरल होने के बाद से व्यवस्था पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
यूं तो एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस) लेने वाले सभी सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर शुरू से ही रोक है। इसके बावजूद इस पर लगाम नहीं लग रही थी। लगभग साल भर पहले ही डिप्टी सीएम के निर्देश पर प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा रहे पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी सरकारी चिकित्सकों से इस आशय का शपथ पत्र मांगा था। सीएमओ के अधीन तैनात सभी चिकित्सकों के अलावा मेडिकल कॉलेज, जिला स्तरीय अस्पताल के चिकित्सकों ने भी शपथ पत्र दिया था।
इसके बावजूद इस प्रथा पर अंकुश नहीं लगा तो मार्च, 2025 में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इसे लेकर कार्रवाई शुरू की। बलरामपुर, हाथरस व अन्य जगहों के चिकित्सकों पर उन्होंने कार्रवाई का चाबुक चलाया। साथ ही सभी सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस से दूरी बनाने के निर्देश दिए। फिर भी इन निर्देशों और सख्ती का असर जिले में नहीं पड़ रहा है।
शनिवार को ही मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार का नाका स्थित एक निजी अस्पताल में निजी प्रैक्टिस का वीडियो वायरल हुआ है। इसके अलावा वहीं से जुड़े कई अन्य चिकित्सक भी नाका, रिकाबगंज, देवकाली समेत विभिन्न स्थानों पर निजी प्रैक्टिस करते हैं। उधर, जिला अस्पताल, श्रीराम अस्पताल, महिला अस्पताल से लेकर लगभग सभी सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों का यही हाल है। प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तौलिया ने बताया कि वह अभी अवकाश पर हैं। वहां से आकर इस मुद्दे पर भी वह कड़ी कार्रवाई करेंगे।
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यूं तो एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस) लेने वाले सभी सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर शुरू से ही रोक है। इसके बावजूद इस पर लगाम नहीं लग रही थी। लगभग साल भर पहले ही डिप्टी सीएम के निर्देश पर प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा रहे पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी सरकारी चिकित्सकों से इस आशय का शपथ पत्र मांगा था। सीएमओ के अधीन तैनात सभी चिकित्सकों के अलावा मेडिकल कॉलेज, जिला स्तरीय अस्पताल के चिकित्सकों ने भी शपथ पत्र दिया था।
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इसके बावजूद इस प्रथा पर अंकुश नहीं लगा तो मार्च, 2025 में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इसे लेकर कार्रवाई शुरू की। बलरामपुर, हाथरस व अन्य जगहों के चिकित्सकों पर उन्होंने कार्रवाई का चाबुक चलाया। साथ ही सभी सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस से दूरी बनाने के निर्देश दिए। फिर भी इन निर्देशों और सख्ती का असर जिले में नहीं पड़ रहा है।
शनिवार को ही मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार का नाका स्थित एक निजी अस्पताल में निजी प्रैक्टिस का वीडियो वायरल हुआ है। इसके अलावा वहीं से जुड़े कई अन्य चिकित्सक भी नाका, रिकाबगंज, देवकाली समेत विभिन्न स्थानों पर निजी प्रैक्टिस करते हैं। उधर, जिला अस्पताल, श्रीराम अस्पताल, महिला अस्पताल से लेकर लगभग सभी सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों का यही हाल है। प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तौलिया ने बताया कि वह अभी अवकाश पर हैं। वहां से आकर इस मुद्दे पर भी वह कड़ी कार्रवाई करेंगे।