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Ayodhya News: नव्य अयोध्या में 600 एकड़ भूमि अधिग्रहण की तैयारी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 24 Jan 2026 09:27 PM IST
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09- नव्य अयोध्या में चल रहा निर्माण कार्य- संवाद
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अयोध्या। नव्य अयोध्या को सुव्यवस्थित, आधुनिक और विश्वस्तरीय धार्मिक-पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने विस्तार योजना के दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस चरण में करीब 600 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, जबकि पहले चरण में अधिगृहीत 450 एकड़ भूमि पर आवंटन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
नव्य अयोध्या विकास योजना को मास्टर प्लान 2031 के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में अधिगृहीत 450 एकड़ भूमि का जियो-स्पेशियल मैपिंग, डिजिटल सर्वे, ड्रोन सर्वे और जीआईएस आधारित लेआउट प्लान के आधार पर सेक्टरवार विकास किया जा रहा है। इसमें सड़क नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम, सीवर लाइन, पेयजल आपूर्ति, बिजली, स्ट्रीट लाइटिंग और ग्रीन कॉरिडोर की समग्र योजना को तकनीकी मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। राम मंदिर से लगभग साढ़े चार किमी. दूर पूरब सरयू के तट पर सरकार ने सबसे बड़ी आवासीय योजना ग्रीन फील्ड टाउनशिप बनाने की घोषणा की थी। इसका कुल क्षेत्रफल 1407 एकड़ प्रस्तावित किया गया था।
इसमें पहले चरण के लगभग 645 एकड़ जमीन लिया जाना प्रस्तावित था। इसमें भी पार्ट बनाए गए थे। प्रथम चरण पार्ट एक और प्रथम चरण पार्ट दो। वर्तमान समय तक पहले चरण की लगभग पूरी जमीन किसानों से ली जा चुकी है। अब दूसरे चरण में ली जाने वाली लगभग 600 एकड़ जमीन को लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। भूमि अध्याप्ति विभाग ने मांझा तिहुरा क्षेत्र में दूसरे चरण की ज्यादातर जमीनों का अंश निर्धारण करके धारा 28 का प्रकाशन कर दिया है। अंश निर्धारण की त्रुटियों को लेकर किसानों से आपत्तियां मांगी गई थीं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अगला चरण शुरू होगा।
इनसेट
निर्धारित किए गए हैं अलग-अलग जोन
पहले चरण की भूमि पर आवंटन ई-नीलामी और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। होटल, धर्मशाला, पर्यटन, वाणिज्यिक और आवासीय उपयोग के लिए अलग-अलग जोन निर्धारित किए गए हैं। पूरे नव्य अयोध्या क्षेत्र में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, अंडरग्राउंड केबलिंग, स्मार्ट वॉटर मीटरिंग, एसटीपी आधारित सीवेज ट्रीटमेंट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे यातायात, जल प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
आवास विकास विभाग के सहायक अभियंता अजीत मौर्य ने बताया कि पहले चरण में 201 एकड़ शाहनेवाजपुर और 240 एकड़ बरहटा गांव की जमीन ली गई है। जबकि तिहुरा मांझा में 600 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जानी है। धारा 28 का प्रकाशन कर दिया गया है। इसके बाद जमीन लेने का काम तेज कर दिया जाएगा।
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नव्य अयोध्या विकास योजना को मास्टर प्लान 2031 के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में अधिगृहीत 450 एकड़ भूमि का जियो-स्पेशियल मैपिंग, डिजिटल सर्वे, ड्रोन सर्वे और जीआईएस आधारित लेआउट प्लान के आधार पर सेक्टरवार विकास किया जा रहा है। इसमें सड़क नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम, सीवर लाइन, पेयजल आपूर्ति, बिजली, स्ट्रीट लाइटिंग और ग्रीन कॉरिडोर की समग्र योजना को तकनीकी मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। राम मंदिर से लगभग साढ़े चार किमी. दूर पूरब सरयू के तट पर सरकार ने सबसे बड़ी आवासीय योजना ग्रीन फील्ड टाउनशिप बनाने की घोषणा की थी। इसका कुल क्षेत्रफल 1407 एकड़ प्रस्तावित किया गया था।
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इसमें पहले चरण के लगभग 645 एकड़ जमीन लिया जाना प्रस्तावित था। इसमें भी पार्ट बनाए गए थे। प्रथम चरण पार्ट एक और प्रथम चरण पार्ट दो। वर्तमान समय तक पहले चरण की लगभग पूरी जमीन किसानों से ली जा चुकी है। अब दूसरे चरण में ली जाने वाली लगभग 600 एकड़ जमीन को लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। भूमि अध्याप्ति विभाग ने मांझा तिहुरा क्षेत्र में दूसरे चरण की ज्यादातर जमीनों का अंश निर्धारण करके धारा 28 का प्रकाशन कर दिया है। अंश निर्धारण की त्रुटियों को लेकर किसानों से आपत्तियां मांगी गई थीं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अगला चरण शुरू होगा।
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निर्धारित किए गए हैं अलग-अलग जोन
पहले चरण की भूमि पर आवंटन ई-नीलामी और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। होटल, धर्मशाला, पर्यटन, वाणिज्यिक और आवासीय उपयोग के लिए अलग-अलग जोन निर्धारित किए गए हैं। पूरे नव्य अयोध्या क्षेत्र में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, अंडरग्राउंड केबलिंग, स्मार्ट वॉटर मीटरिंग, एसटीपी आधारित सीवेज ट्रीटमेंट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे यातायात, जल प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
आवास विकास विभाग के सहायक अभियंता अजीत मौर्य ने बताया कि पहले चरण में 201 एकड़ शाहनेवाजपुर और 240 एकड़ बरहटा गांव की जमीन ली गई है। जबकि तिहुरा मांझा में 600 एकड़ जमीन अधिगृहीत की जानी है। धारा 28 का प्रकाशन कर दिया गया है। इसके बाद जमीन लेने का काम तेज कर दिया जाएगा।
