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Ayodhya News: सात कोचिंग सेंटर सील, भय से बंद रहे ज्यादातर संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:22 AM IST
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अयोध्या। राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक कोचिंग संस्थान से जुड़े हादसे के बाद मंगलवार को जिले में भी प्रशासन, अग्निशमन विभाग और अयोध्या विकास प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी केंद्रों की व्यापक जांच की। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर एडीए ने सात कोचिंग व लाइब्रेरी केंद्रों को सील कर दिया। इस बीच कार्रवाई के भय से ज्यादातर कोचिंग व लाइब्रेरी केंद्र पूरे दिन बंद रहे।
एडीए की प्रवर्तन टीम ने मंगलवार को शहर के नाका और रायबरेली रोड क्षेत्र में अभियान चलाकर सात कोचिंग एवं लाइब्रेरी केंद्रों को सील कर दिया। एडीए सचिव राजेश कुमार ने बताया कि ये संस्थान बिना मानचित्र स्वीकृति और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित पाए गए। सील किए गए संस्थानों में आर्या आईएएस कोचिंग, उज्ज्वल आईएएस एकेडमी, गीता डिजिटल लाइब्रेरी, ड्रीम लीडर लाइब्रेरी, इनोवेशन क्लासेज, सत्यम डिजिटल लाइब्रेरी और रेडियन डिजिटल लाइब्रेरी शामिल हैं। सभी संचालकों को चेतावनी दी है कि मानचित्र स्वीकृति और अग्निशमन विभाग की एनओसी प्राप्त करने के बाद ही संस्थानों का संचालन किया जाए।
जांच अभियान के भय से कई क्षेत्रों में संचालित कोचिंग और लाइब्रेरी केंद्र पूरे दिन बंद रहे। जिले में संचालित करीब एक सौ छोटी बड़ी कोचिंग संस्थानों में से केवल 36 संस्थानों के पास ही अग्निशमन विभाग की वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) उपलब्ध है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन एनओसी की जांच की। लेकिन एक भी कार्रवाई न कर सके।
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डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी ने बताया कि बिना पंजीकृत कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी चलते पाए गए तो ऐसे संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी व एसएसपी ने कोचिंग का किया निरीक्षण
अयोध्या। जिले में कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सिविल लाइंस स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, अपर जिलाधिकारी (नगर) योगानंद पांडेय और मुख्य अग्निशमन अधिकारी भी मौजूद रहे। हालांकि, जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों ने जिस कोचिंग संस्थान का निरीक्षण किया, वहां अधिकांश सुरक्षा मानक अपडेट मिले।
एक ही सीढ़ी के सहारे चल रहीं दो कोचिंग संस्थान
नियावां क्षेत्र के पास एक भवन में ऊपर-नीचे दो कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी उपलब्ध है। आसपास के लोगों का कहना है कि क्लास शुरू होने और समाप्त होने के समय यहां भारी भीड़ लग जाती है। यदि आग लगने, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य घटना हो जाए तो सैकड़ों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद कठिन हो सकता है।
एक भवन में दो कोचिंग सेंटर
नाका क्षेत्र के पास स्थित एक बहुमंजिला भवन में दो अलग-अलग कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। यहां पढ़ने वाले एक छात्र ने बताया कि छुट्टी के समय इतनी भीड़ हो जाती है कि भवन से नीचे उतरने में पांच से सात मिनट तक लग जाते हैं। छात्र का कहना है कि कई बार सीढ़ियों पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन जाती है।
चौथी मंजिल पर कोचिंग, बेसमेंट में लाइब्रेरी
देवकाली क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान चौथी मंजिल पर संचालित हो रहा है। यहां आपात स्थिति में सभी विद्यार्थियों का एक साथ सुरक्षित नीचे उतरना आसान नहीं होगा। इसके अलावा क्षेत्र में कई लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित हो रही हैं। आस-पास के लोगों ने बताया कि कुछ संस्थान सुरक्षा मानकों और भवन संबंधी नियमों की अनदेखी कर संचालन कर रहे हैं।
एडीए की प्रवर्तन टीम ने मंगलवार को शहर के नाका और रायबरेली रोड क्षेत्र में अभियान चलाकर सात कोचिंग एवं लाइब्रेरी केंद्रों को सील कर दिया। एडीए सचिव राजेश कुमार ने बताया कि ये संस्थान बिना मानचित्र स्वीकृति और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित पाए गए। सील किए गए संस्थानों में आर्या आईएएस कोचिंग, उज्ज्वल आईएएस एकेडमी, गीता डिजिटल लाइब्रेरी, ड्रीम लीडर लाइब्रेरी, इनोवेशन क्लासेज, सत्यम डिजिटल लाइब्रेरी और रेडियन डिजिटल लाइब्रेरी शामिल हैं। सभी संचालकों को चेतावनी दी है कि मानचित्र स्वीकृति और अग्निशमन विभाग की एनओसी प्राप्त करने के बाद ही संस्थानों का संचालन किया जाए।
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जांच अभियान के भय से कई क्षेत्रों में संचालित कोचिंग और लाइब्रेरी केंद्र पूरे दिन बंद रहे। जिले में संचालित करीब एक सौ छोटी बड़ी कोचिंग संस्थानों में से केवल 36 संस्थानों के पास ही अग्निशमन विभाग की वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) उपलब्ध है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन एनओसी की जांच की। लेकिन एक भी कार्रवाई न कर सके।
डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी ने बताया कि बिना पंजीकृत कोचिंग संस्थान व लाइब्रेरी चलते पाए गए तो ऐसे संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी व एसएसपी ने कोचिंग का किया निरीक्षण
अयोध्या। जिले में कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सिविल लाइंस स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, अपर जिलाधिकारी (नगर) योगानंद पांडेय और मुख्य अग्निशमन अधिकारी भी मौजूद रहे। हालांकि, जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों ने जिस कोचिंग संस्थान का निरीक्षण किया, वहां अधिकांश सुरक्षा मानक अपडेट मिले।
एक ही सीढ़ी के सहारे चल रहीं दो कोचिंग संस्थान
नियावां क्षेत्र के पास एक भवन में ऊपर-नीचे दो कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी उपलब्ध है। आसपास के लोगों का कहना है कि क्लास शुरू होने और समाप्त होने के समय यहां भारी भीड़ लग जाती है। यदि आग लगने, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य घटना हो जाए तो सैकड़ों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद कठिन हो सकता है।
एक भवन में दो कोचिंग सेंटर
नाका क्षेत्र के पास स्थित एक बहुमंजिला भवन में दो अलग-अलग कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। यहां पढ़ने वाले एक छात्र ने बताया कि छुट्टी के समय इतनी भीड़ हो जाती है कि भवन से नीचे उतरने में पांच से सात मिनट तक लग जाते हैं। छात्र का कहना है कि कई बार सीढ़ियों पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन जाती है।
चौथी मंजिल पर कोचिंग, बेसमेंट में लाइब्रेरी
देवकाली क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान चौथी मंजिल पर संचालित हो रहा है। यहां आपात स्थिति में सभी विद्यार्थियों का एक साथ सुरक्षित नीचे उतरना आसान नहीं होगा। इसके अलावा क्षेत्र में कई लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित हो रही हैं। आस-पास के लोगों ने बताया कि कुछ संस्थान सुरक्षा मानकों और भवन संबंधी नियमों की अनदेखी कर संचालन कर रहे हैं।