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Ayodhya News: पंजीयन बढ़ाने के लिए अभियान चलाएगा स्टेट जीएसटी
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अयोध्या। स्टेट जीएसटी के अयोध्या जोन में डीलरों की संख्या बढ़ाने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। नवागत अपर आयुक्त ग्रेड-1 ने पंजीयन की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए हैं। इसके लिए सेक्टर वार जिम्मेदारी तय की जाएगी, जो व्यापारियों को पंजीयन के लाभ भी बताएंगे।
राज्य कर विभाग के अयोध्या जोन में अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अमेठी, बाराबंकी के अलावा देवीपाटन मंडल के चार जिले भी आते हैं। इन्हें तीन संभाग में बांटा गया है। अयोध्या मंडल के पांचो जिले संभाग ए और बी में बांटे गए हैं, जबकि देवीपाटन मंडल के चारो जिलों को गोंडा संभाग का नाम दिया गया है। सभी नौ जिलों में जीएसटी पंजीयन सीमा 40 लाख निर्धारित है, इसके सापेक्ष 1,56,184 डीलर ही पंजीकृत हैं। इनमें 85 हजार कारोबारी स्टेट जीएसटी व शेष केंद्रीय जीएसटी के अधीन हैं।
अपर आयुक्त ग्रेड-1 बृजेश कुमार मिश्रा ने बीते दिनों हुई समीक्षा बैठक में पंजीयन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि साल भर पहले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या का वैश्विक महत्व और बढ़ गया है। यहां कई तरह के कारोबार में इजाफा हुआ है। इसका असर जोन के अन्य जिलों में भी पड़ा है। इस लिहाज से यहां जीएसटी पंजीयन कम है। पंजीयन बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाएगा। संयुक्त कर आयुक्त के नेतृत्व में टीमें क्षेत्र भ्रमण करके व्यापारियों को पंजीयन के लाभ बताएंगे। पंजीयन में बढ़ने पर राजस्व में भी वृद्धि होगी।
इनसेट
जीएसटी पंजीयन के हैं यह फायदे
अपर आयुक्त ने बताया कि जीएसटी पंजीयन से व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह वैध माना जाता है। अपनी खरीद पर दिए गए टैक्स को बिक्री के टैक्स से समायोजित करके इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ ले सकते हैं। इससे उन पर टैक्स का बोझ कम हो जाता है। जीएसटी नंबर होने से दूसरे राज्यों में व्यापार की सुविधा मिलती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने में सुविधा होती है। जीएसटी नंबर होने से कारोबार की विश्वसनीयता बढ़ती है। कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। सरकारी कार्यों में भी सुविधा होती है। मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलता है।
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अपर आयुक्त ग्रेड-1 बृजेश कुमार मिश्रा ने बीते दिनों हुई समीक्षा बैठक में पंजीयन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि साल भर पहले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या का वैश्विक महत्व और बढ़ गया है। यहां कई तरह के कारोबार में इजाफा हुआ है। इसका असर जोन के अन्य जिलों में भी पड़ा है। इस लिहाज से यहां जीएसटी पंजीयन कम है। पंजीयन बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाएगा। संयुक्त कर आयुक्त के नेतृत्व में टीमें क्षेत्र भ्रमण करके व्यापारियों को पंजीयन के लाभ बताएंगे। पंजीयन में बढ़ने पर राजस्व में भी वृद्धि होगी।
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जीएसटी पंजीयन के हैं यह फायदे
अपर आयुक्त ने बताया कि जीएसटी पंजीयन से व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह वैध माना जाता है। अपनी खरीद पर दिए गए टैक्स को बिक्री के टैक्स से समायोजित करके इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ ले सकते हैं। इससे उन पर टैक्स का बोझ कम हो जाता है। जीएसटी नंबर होने से दूसरे राज्यों में व्यापार की सुविधा मिलती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने में सुविधा होती है। जीएसटी नंबर होने से कारोबार की विश्वसनीयता बढ़ती है। कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। सरकारी कार्यों में भी सुविधा होती है। मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलता है।