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Ayodhya News: बाढ़ के बीच दो वक्त की रोटी का संकट, पशुओं के चारे के लिए भी जूझ रहे ग्रामीण
Tue, 18 Aug 2026 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:53 PM IST
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पटरंगा मांझा के बाढ़ पीड़ित
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अयोध्या। नेपाल के बैराजों से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश से सरयू उफान पर है। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। तेजी से बढ़े पानी ने पूराबाजार, सोहावल और रुदौली क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं घरों में पानी घुसने से राशन भीग गया है तो कहीं हैंडपंप डूबने से पीने के पानी का संकट हो गया है। गांवों के रास्ते जलमग्न होने से बाजार तक पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में बाढ़ के बीच ग्रामीणों के सामने दो वक्त की रोटी जुटाने के साथ पशुओं के लिए चारा जुटाना भी चुनौती बन गया है।
राशन भीगा, चूल्हा जलाना मुश्किल
शुजागंज क्षेत्र के पटरंगा माझा में पानी घरों तक पहुंचने से कई परिवारों का अनाज और राशन भीग गया। गोविंद, राम कृपाल, देवनाथ, महेंद्र सिंह, विक्रमा निषाद, राम कुमार ने बताया कि गांव 17 घर रहते है अभी तक प्रशासन का कोई अधिकारी कर्मचारी सुध लेने नहीं आया है। बाढ़ का पानी बढ़ने से राशन भीग गया है। खाने-पीने की दिक्कत बढ़ रही है। प्रशासन की ओर से समय पर राहत सामग्री नहीं पहुंची तो परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है। कैथी माझा और मरौचा माझा में भी ग्रामीण इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं।
एक हजार की आबादी, राहत के लिए नाव का सहारा
सोहावल के कोटसराय मांझा कला में करीब एक हजार की आबादी बाढ़ और जलभराव के बीच फंसी है। रमेश यादव, मैकू लाल, दिनेश कुमार, रामशरन यादव, जसवंत यादव, गुलाबचंद के मुताबिक घर से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। करीब 225 लोगों को राहत सामग्री मिल चुकी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह सामग्री कुछ ही दिनों में खत्म हो गई। अधिकांश परिवार दूध के कारोबार से जुड़े हैं। पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं मिलने से दूध का उत्पादन घट गया है, जिससे उनकी आमदनी भी प्रभावित हो रही है। पटरंगा माझा में कई हैंडपंप बाढ़ में डूब गए हैं। ग्रामीणों के सामने अब पेयजल का संकट भी खड़ा हो गया है
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पशुओं के चारे और टीकाकरण की चिंता
पूराबाजार के पिपरी संग्राम, मड़ना माझा, रामपुर पुवारी माझा, मुड़ाडीहा और उड़दाहवा समेत कई गांव पानी से घिरे हैं। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से पशुओं के लिए हरा चारा लाना मुश्किल हो गया है। मुड़ाडीहा निवासी राजकुमारी, रोशन लाल, ज्वाला निषाद बब्लू निषाद, राकेश निषाद और राम अवतार का कहना है कि जलस्तर और बढ़ा तो पशुओं के चारे का संकट गंभीर हो जाएगा। ग्रामणों नें पशुओं में बीमारी की आशंका जताते हुए टीकाकरण के लिए पशुपालन विभाग की टीम भेजने की मांग की है।
विधायक ने नाव से लिया जायजा
रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने मंगलवार को एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता और तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता के साथ नाव से कैथी माझा पहुंचकर बाढ़ की स्थिति देखी। ग्रामीणों से समस्याएं सुनकर उन्होंने पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था और करीब 80 परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
पहली बारिश में बह गई तटबंध की बोल्डर पिचिंग
पूरा बाजार से राजा दशरथ समाधि स्थल तक 13 किलोमीटर तटबंध की सुरक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। मौसम की पहली तेज बारिश में ही दशरथ समाधि स्थल के पास तटबंध की बोल्डर पिचिंग बह गई। बाढ़ कार्य खंड ने सरयू नदी की कटान रोकने को तटबंध पर स्परों और बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया था। जो कि पहली बारिश में बह गया। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उनका कहना हैै कि बारिश और बाढ़ में स्थिति बिगड़ने पर लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
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राशन भीगा, चूल्हा जलाना मुश्किल
शुजागंज क्षेत्र के पटरंगा माझा में पानी घरों तक पहुंचने से कई परिवारों का अनाज और राशन भीग गया। गोविंद, राम कृपाल, देवनाथ, महेंद्र सिंह, विक्रमा निषाद, राम कुमार ने बताया कि गांव 17 घर रहते है अभी तक प्रशासन का कोई अधिकारी कर्मचारी सुध लेने नहीं आया है। बाढ़ का पानी बढ़ने से राशन भीग गया है। खाने-पीने की दिक्कत बढ़ रही है। प्रशासन की ओर से समय पर राहत सामग्री नहीं पहुंची तो परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है। कैथी माझा और मरौचा माझा में भी ग्रामीण इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं।
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एक हजार की आबादी, राहत के लिए नाव का सहारा
सोहावल के कोटसराय मांझा कला में करीब एक हजार की आबादी बाढ़ और जलभराव के बीच फंसी है। रमेश यादव, मैकू लाल, दिनेश कुमार, रामशरन यादव, जसवंत यादव, गुलाबचंद के मुताबिक घर से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। करीब 225 लोगों को राहत सामग्री मिल चुकी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह सामग्री कुछ ही दिनों में खत्म हो गई। अधिकांश परिवार दूध के कारोबार से जुड़े हैं। पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं मिलने से दूध का उत्पादन घट गया है, जिससे उनकी आमदनी भी प्रभावित हो रही है। पटरंगा माझा में कई हैंडपंप बाढ़ में डूब गए हैं। ग्रामीणों के सामने अब पेयजल का संकट भी खड़ा हो गया है
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पशुओं के चारे और टीकाकरण की चिंता
पूराबाजार के पिपरी संग्राम, मड़ना माझा, रामपुर पुवारी माझा, मुड़ाडीहा और उड़दाहवा समेत कई गांव पानी से घिरे हैं। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से पशुओं के लिए हरा चारा लाना मुश्किल हो गया है। मुड़ाडीहा निवासी राजकुमारी, रोशन लाल, ज्वाला निषाद बब्लू निषाद, राकेश निषाद और राम अवतार का कहना है कि जलस्तर और बढ़ा तो पशुओं के चारे का संकट गंभीर हो जाएगा। ग्रामणों नें पशुओं में बीमारी की आशंका जताते हुए टीकाकरण के लिए पशुपालन विभाग की टीम भेजने की मांग की है।
विधायक ने नाव से लिया जायजा
रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने मंगलवार को एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता और तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता के साथ नाव से कैथी माझा पहुंचकर बाढ़ की स्थिति देखी। ग्रामीणों से समस्याएं सुनकर उन्होंने पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था और करीब 80 परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
पहली बारिश में बह गई तटबंध की बोल्डर पिचिंग
पूरा बाजार से राजा दशरथ समाधि स्थल तक 13 किलोमीटर तटबंध की सुरक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। मौसम की पहली तेज बारिश में ही दशरथ समाधि स्थल के पास तटबंध की बोल्डर पिचिंग बह गई। बाढ़ कार्य खंड ने सरयू नदी की कटान रोकने को तटबंध पर स्परों और बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया था। जो कि पहली बारिश में बह गया। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उनका कहना हैै कि बारिश और बाढ़ में स्थिति बिगड़ने पर लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

पटरंगा मांझा के बाढ़ पीड़ित