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Ayodhya News: चढ़ावे का ट्रेंड बदला, दानपात्रों से दूरी, रसीद वाले दान पर भरोसा
Mon, 13 Jul 2026 10:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 13 Jul 2026 10:46 PM IST
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राम मंदिर के गर्भगृह में लगी श्रद्धालुओं की कतार।
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नितिन मिश्र
अयोध्या। राम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण का असर अब श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके पर भी दिखाई देने लगा है। श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं है, लेकिन मंदिर परिसर में रखे दानपात्रों में नकद दान करने की बजाय अधिकांश श्रद्धालु अब रसीद कटवाकर या ऑनलाइन माध्यम से निधि समर्पित कर रहे हैं।
इसके चलते दानपात्रों से प्राप्त होने वाली राशि में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बैंक सूत्रों के अनुसार जून माह में प्रतिदिन औसतन 20 से 24 लाख रुपये मंदिर की दानराशि बैंक में जमा हो रही थी। वहीं जुलाई में यह आंकड़ा लगातार घटते हुए 10 लाख रुपये से भी नीचे पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पांच जुलाई को लगभग 14 लाख रुपये जमा हुए, जो 10 जुलाई तक घटकर करीब 9.15 लाख रुपये रह गए। झांसी से दर्शन करने पहुंचे गुलाब सिंह दांगी ने बताया कि करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में रहने के दौरान उन्होंने किसी श्रद्धालु को दानपात्र में राशि डालते नहीं देखा। उनके अनुसार अधिकांश श्रद्धालु दान काउंटर पर जाकर रसीद के साथ दान कर रहे थे और कुछ लोग ऑनलाइन दान कर रहे थे। उनके साथ आए वीरू दांगी और नीरज दांगी ने भी यही दावा किया। उनका कहना था कि परिसर के विभिन्न मंदिरों में रखे दानपात्र लगभग खाली दिखाई दिए और श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा थी कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रसीद लेकर दान करना अधिक उचित है। उन्होंने स्वयं भी रसीद कटवाकर दान किया।
दान पात्रों में अब ज्यादा अर्पित किए जा रहे छोटे नोट
- सूत्रों का कहना है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा दान देने की प्रक्रिया में बदलता दिख रहा है। श्रद्धा और दर्शनार्थियों की संख्या पर इसका असर नहीं पड़ा है, लेकिन दान देने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब दानपात्रों की अपेक्षा रसीद आधारित और डिजिटल दान को अधिक प्राथमिकता मिल रही है। एक दान काउंटर संचालक ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से बेहद कम श्रद्धालु दान पात्र में दान अर्पित कर रहे हैं। जबकि ज्यादातर श्रद्धालु अब दानराशि के रूप में 10, 20 और 50 रुपये के छोटे नोट डाल रहे हैं।
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इनसेट
तिथि- दैनिक जमा राशि (लगभग)
5 जुलाई – 14 लाख रुपये
6 जुलाई – 13.20 लाख रुपये
7 जुलाई – 12 लाख रुपये
8 जुलाई – 11 लाख रुपये
9 जुलाई – 10.25 लाख रुपये
10 जुलाई – 9.15 लाख रुपये
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अयोध्या। राम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण का असर अब श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके पर भी दिखाई देने लगा है। श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं है, लेकिन मंदिर परिसर में रखे दानपात्रों में नकद दान करने की बजाय अधिकांश श्रद्धालु अब रसीद कटवाकर या ऑनलाइन माध्यम से निधि समर्पित कर रहे हैं।
इसके चलते दानपात्रों से प्राप्त होने वाली राशि में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बैंक सूत्रों के अनुसार जून माह में प्रतिदिन औसतन 20 से 24 लाख रुपये मंदिर की दानराशि बैंक में जमा हो रही थी। वहीं जुलाई में यह आंकड़ा लगातार घटते हुए 10 लाख रुपये से भी नीचे पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पांच जुलाई को लगभग 14 लाख रुपये जमा हुए, जो 10 जुलाई तक घटकर करीब 9.15 लाख रुपये रह गए। झांसी से दर्शन करने पहुंचे गुलाब सिंह दांगी ने बताया कि करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में रहने के दौरान उन्होंने किसी श्रद्धालु को दानपात्र में राशि डालते नहीं देखा। उनके अनुसार अधिकांश श्रद्धालु दान काउंटर पर जाकर रसीद के साथ दान कर रहे थे और कुछ लोग ऑनलाइन दान कर रहे थे। उनके साथ आए वीरू दांगी और नीरज दांगी ने भी यही दावा किया। उनका कहना था कि परिसर के विभिन्न मंदिरों में रखे दानपात्र लगभग खाली दिखाई दिए और श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा थी कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रसीद लेकर दान करना अधिक उचित है। उन्होंने स्वयं भी रसीद कटवाकर दान किया।
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दान पात्रों में अब ज्यादा अर्पित किए जा रहे छोटे नोट
- सूत्रों का कहना है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा दान देने की प्रक्रिया में बदलता दिख रहा है। श्रद्धा और दर्शनार्थियों की संख्या पर इसका असर नहीं पड़ा है, लेकिन दान देने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब दानपात्रों की अपेक्षा रसीद आधारित और डिजिटल दान को अधिक प्राथमिकता मिल रही है। एक दान काउंटर संचालक ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से बेहद कम श्रद्धालु दान पात्र में दान अर्पित कर रहे हैं। जबकि ज्यादातर श्रद्धालु अब दानराशि के रूप में 10, 20 और 50 रुपये के छोटे नोट डाल रहे हैं।
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तिथि- दैनिक जमा राशि (लगभग)
5 जुलाई – 14 लाख रुपये
6 जुलाई – 13.20 लाख रुपये
7 जुलाई – 12 लाख रुपये
8 जुलाई – 11 लाख रुपये
9 जुलाई – 10.25 लाख रुपये
10 जुलाई – 9.15 लाख रुपये