आजमगढ़। राष्ट्रीय लोक अदालत में शुक्रवार को मिशन शक्ति 5.0 के तहत न्यायपालिका और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से वैवाहिक विवादों में अलग रह रहे 17 दंपती फिर से साथ रहने के लिए राजी हुए। कार्यक्रम में पति-पत्नी को फूल-माला पहनाकर और उपहार देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह के समन्वय में आयोजित इस पहल में पारिवारिक न्यायालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। काउंसिलिंग और संवाद के माध्यम से दंपतियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराया गया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय एहसानउल्ला खान, अपर प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा और बालकृष्णन, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निकिता राजन सहित परामर्शदाताओं और पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों की लगातार काउंसलिंग की। इसके बाद 17 परिवार पुनः एकजुट हो सके।
विवादों के त्वरित समाधान से मिली राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए मामलों का निस्तारण होने से संबंधित पक्षों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक राहत मिली। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिली। प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश एहसानउल्ला खान ने कहा कि वर्षों से अलग रह रहे दंपतियों का पुनर्मिलन देखना सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि विवाद हर परिवार में होते हैं, लेकिन उन्हें आपसी समझ और संवाद से परिवार के भीतर ही सुलझा लेना चाहिए।