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Azamgarh News: ई-पॉश मशीनों का बदलेगा वर्जन, उर्वरक की ऑनलाइन होगी बुकिंग
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आजमगढ़। उर्वरक लेने के लिए किसानों को अब दुकानों और समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शासन ने उर्वरक वितरण व्यवस्था में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत किसानों को डीएपी और यूरिया लेने के लिए पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी।
बुकिंग के बाद संबंधित किसान को 48 घंटे के भीतर दुकान या सहकारी समिति से खाद उठानी होगी। निर्धारित समय में खाद नहीं लेने पर बुकिंग निरस्त हो जाएगी। यह नई व्यवस्था इसी रबी सीजन से लागू होने की उम्मीद है। जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि प्रदेश के जिन जिलों में फार्मर रजिस्ट्री का काम लगभग पूरा हो चुका है, वहां इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है। आजमगढ़ में भी इसकी तैयारी शुरू हो गई है। व्यवस्था लागू करने से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद जिला स्तर के प्रशिक्षक ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षक आगे किसानों को उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग करने की प्रक्रिया बताएंगे। इससे किसानों को ऑनलाइन आवेदन से लेकर खाद प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी मिल सकेगी।
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ई-पॉश मशीनों का बदलेगा वर्जन
नई व्यवस्था के साथ ही खाद वितरण में इस्तेमाल होने वाली ई-पॉश मशीनों का वर्जन भी बदला जाएगा। एफएमएस एप के माध्यम से किसान उर्वरक प्राप्त करने के लिए पहले बुकिंग करेंगे। बुकिंग के बाद उन्हें निर्धारित समय सीमा में संबंधित दुकान या समिति से खाद प्राप्त करनी होगी।
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250 समितियों, 1200 दुकानों से होता है वितरण
जिले में करीब 1200 निजी उर्वरक की दुकानें हैं। इसके अलावा 250 साधन सहकारी समितियों के माध्यम से भी किसानों को खाद वितरित की जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन केंद्रों से खाद लेने के लिए किसानों को पहले एफएमएस एप पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी।
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प्रदेश में जिन जिलों में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वहां शासन नई व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने जा रहा है। इसी क्रम में जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
-- सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।
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बुकिंग के बाद संबंधित किसान को 48 घंटे के भीतर दुकान या सहकारी समिति से खाद उठानी होगी। निर्धारित समय में खाद नहीं लेने पर बुकिंग निरस्त हो जाएगी। यह नई व्यवस्था इसी रबी सीजन से लागू होने की उम्मीद है। जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि प्रदेश के जिन जिलों में फार्मर रजिस्ट्री का काम लगभग पूरा हो चुका है, वहां इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है। आजमगढ़ में भी इसकी तैयारी शुरू हो गई है। व्यवस्था लागू करने से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद जिला स्तर के प्रशिक्षक ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। ब्लॉक स्तर के प्रशिक्षक आगे किसानों को उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग करने की प्रक्रिया बताएंगे। इससे किसानों को ऑनलाइन आवेदन से लेकर खाद प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी मिल सकेगी।
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ई-पॉश मशीनों का बदलेगा वर्जन
नई व्यवस्था के साथ ही खाद वितरण में इस्तेमाल होने वाली ई-पॉश मशीनों का वर्जन भी बदला जाएगा। एफएमएस एप के माध्यम से किसान उर्वरक प्राप्त करने के लिए पहले बुकिंग करेंगे। बुकिंग के बाद उन्हें निर्धारित समय सीमा में संबंधित दुकान या समिति से खाद प्राप्त करनी होगी।
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250 समितियों, 1200 दुकानों से होता है वितरण
जिले में करीब 1200 निजी उर्वरक की दुकानें हैं। इसके अलावा 250 साधन सहकारी समितियों के माध्यम से भी किसानों को खाद वितरित की जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन केंद्रों से खाद लेने के लिए किसानों को पहले एफएमएस एप पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी।
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प्रदेश में जिन जिलों में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, वहां शासन नई व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने जा रहा है। इसी क्रम में जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।