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Azamgarh News: अब प्रधानाध्यापक पहले चखेंगे एमडीएम का स्वाद
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आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में अब मिड डे मील (एमडीएम) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत स्कूल में तैयार भोजन का स्वाद पहले प्रधानाध्यापक या विद्यालय का कोई शिक्षक चखेगा, उसके बाद ही बच्चों को भोजन परोसा जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक विद्यालय में तैयार एमडीएम का नमूना विद्यालय समय तक सुरक्षित रखा जाएगा और उसे अगले दिन विद्यालय खुलने के बाद ही नष्ट किया जाएगा। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि एमडीएम की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण या शिकायत के दौरान मानक में कमी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को प्रतिदिन दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। भोजन तैयार कराने और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंध समिति की होती है।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक विद्यालय में तैयार एमडीएम का नमूना विद्यालय समय तक सुरक्षित रखा जाएगा और उसे अगले दिन विद्यालय खुलने के बाद ही नष्ट किया जाएगा। बीएसए राजीव कुमार पाठक ने बताया कि एमडीएम की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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निरीक्षण या शिकायत के दौरान मानक में कमी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को प्रतिदिन दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। भोजन तैयार कराने और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंध समिति की होती है।