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Azamgarh News: 500 गांवों और 7 ब्लॉकों से जुड़ी सहकारी समिति दो साल से बंद
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सहकारी क्रय विक्रय समिति लिमिटेड निजामाबाद में बंद ताला। संवाद
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निजामाबाद। सहकारी क्रय विक्रय समिति लिमिटेड निजामाबाद लगभग दो वर्षों से बंद पड़ी है, जिससे क्षेत्र के किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह समिति करीब 500 गांवों और 7 ब्लॉकों से जुड़ी हुई है, लेकिन लंबे समय से इसके मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ है।
बता दें कि निजामाबाद क्षेत्र में किसानों के हितों के लिए दो सहकारी समितियां बनाई गई थीं। इनमें से एक समिति वर्तमान में संचालित हो रही है, जबकि दूसरी समिति पिछले दो वर्षों से बंद है। किसान का कहना है कि समिति बंद होने के कारण उन्हें समय पर बीज, खाद और उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। महेंद्र, कृपाशंकर मिश्रा, विकास यादव, अखिलेश, सुरेंद्र आदि ग्रामीणों का कहना है कि समिति के बंद होने की मुख्य वजह अध्यक्ष और सचिव के बीच चल रही आपसी तनातनी है। यह समिति पल्हनी, रानी की सराय, मिर्जापुर, तहबरपुर, महाराजगंज, बूढ़नपुर ब्लॉक तथा अतरौलिया सहित सात ब्लॉकों के किसानों से जुड़ी हुई है। किसानों ने कहा कि दूसरी समिति पर अब पूरा दबाव आ गया है।
जब भी वहां यूरिया, खाद या उर्वरक पहुंचता है तो भारी संख्या में किसान इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी और मारामारी जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
समिति के सचिव कमलेश ने बताया कि सचिव पद की नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा है और मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनके अनुसार जब तक न्यायालय से कोई निर्णय नहीं आ जाता, तब तक समिति का संचालन शुरू होना संभव नहीं है।
एसडीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि एआर कोऑपरेटिव जिले पर बैठते हैं। समिति क्यों बंद चल रही है, इसकी जानकारी उनसे लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
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बता दें कि निजामाबाद क्षेत्र में किसानों के हितों के लिए दो सहकारी समितियां बनाई गई थीं। इनमें से एक समिति वर्तमान में संचालित हो रही है, जबकि दूसरी समिति पिछले दो वर्षों से बंद है। किसान का कहना है कि समिति बंद होने के कारण उन्हें समय पर बीज, खाद और उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। महेंद्र, कृपाशंकर मिश्रा, विकास यादव, अखिलेश, सुरेंद्र आदि ग्रामीणों का कहना है कि समिति के बंद होने की मुख्य वजह अध्यक्ष और सचिव के बीच चल रही आपसी तनातनी है। यह समिति पल्हनी, रानी की सराय, मिर्जापुर, तहबरपुर, महाराजगंज, बूढ़नपुर ब्लॉक तथा अतरौलिया सहित सात ब्लॉकों के किसानों से जुड़ी हुई है। किसानों ने कहा कि दूसरी समिति पर अब पूरा दबाव आ गया है।
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जब भी वहां यूरिया, खाद या उर्वरक पहुंचता है तो भारी संख्या में किसान इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी और मारामारी जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
समिति के सचिव कमलेश ने बताया कि सचिव पद की नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा है और मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनके अनुसार जब तक न्यायालय से कोई निर्णय नहीं आ जाता, तब तक समिति का संचालन शुरू होना संभव नहीं है।
एसडीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि एआर कोऑपरेटिव जिले पर बैठते हैं। समिति क्यों बंद चल रही है, इसकी जानकारी उनसे लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।