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Baghpat News: मन के विचारों को अच्छा रखना चाहिए
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-अजितनाथ सभागार में आयोजित धर्म सभा में जैन संत आर्जव सागर ने किए प्रवचन
फोटो संख्या 3
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जैन संत आर्जव सागर महाराज ने बृहस्पतिवार को अजितनाथ सभागार में आयोजित धर्म सभा में मन की शुद्धता और धार्मिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अच्छे विचार ही अच्छे कार्यों को जन्म देते हैं।
महाराज ने बताया कि खानपान का सीधा असर विचारों पर पड़ता है। इसलिए शुद्ध आहार ग्रहण करना चाहिए, जिससे विचार भी पवित्र रहें। उन्होंने इन्सान को जीवन में अच्छे कर्म करने और दूसरों की मदद करने का प्रयास करने की सलाह दी। संत ने कहा कि अधिक धन कमाने की होड़ में पड़कर जीवन की शांति खत्म हो जाती है। सुखमय जीवन के लिए धर्म के मार्ग पर चलना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जिसकी आत्मा में धार्मिक कार्यों के प्रति प्रसन्नता होती है, वही मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ पाते हैं।
संत आर्जव सागर महाराज ने कहा कि समाज को प्रेरणा देने के लिए अच्छे काम करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से एक-दूसरे की सहायता करने का आग्रह किया। महाराज ने बताया कि धन के पीछे भागने से शांति भंग होती है। उन्होंने धार्मिक जीवन को सुखमय और मोक्ष प्राप्ति का साधन बताया। इस अवसर पर मुकेश जैन, प्रदीप जैन, नवीन जैन, वरदान जैन, जितेंद्र जैन, अंकुर जैन और विकास जैन माैजूद रहे।
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फोटो संख्या 3
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जैन संत आर्जव सागर महाराज ने बृहस्पतिवार को अजितनाथ सभागार में आयोजित धर्म सभा में मन की शुद्धता और धार्मिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अच्छे विचार ही अच्छे कार्यों को जन्म देते हैं।
महाराज ने बताया कि खानपान का सीधा असर विचारों पर पड़ता है। इसलिए शुद्ध आहार ग्रहण करना चाहिए, जिससे विचार भी पवित्र रहें। उन्होंने इन्सान को जीवन में अच्छे कर्म करने और दूसरों की मदद करने का प्रयास करने की सलाह दी। संत ने कहा कि अधिक धन कमाने की होड़ में पड़कर जीवन की शांति खत्म हो जाती है। सुखमय जीवन के लिए धर्म के मार्ग पर चलना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जिसकी आत्मा में धार्मिक कार्यों के प्रति प्रसन्नता होती है, वही मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ पाते हैं।
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संत आर्जव सागर महाराज ने कहा कि समाज को प्रेरणा देने के लिए अच्छे काम करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से एक-दूसरे की सहायता करने का आग्रह किया। महाराज ने बताया कि धन के पीछे भागने से शांति भंग होती है। उन्होंने धार्मिक जीवन को सुखमय और मोक्ष प्राप्ति का साधन बताया। इस अवसर पर मुकेश जैन, प्रदीप जैन, नवीन जैन, वरदान जैन, जितेंद्र जैन, अंकुर जैन और विकास जैन माैजूद रहे।
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