{"_id":"6a441e6c8ffdb814e0074b9f","slug":"the-minister-of-state-listened-to-the-problems-of-entrepreneurs-and-doctors-baghpat-news-c-28-1-bpt1003-154420-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: राज्यमंत्री ने उद्यमी और चिकित्सकों की समस्या सुनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: राज्यमंत्री ने उद्यमी और चिकित्सकों की समस्या सुनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत। नगर के दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे स्थित एक बैंकट हॉल में मंगलवार को नगर के उद्योगपतियों व चिकित्सकों की बैठक हुई। जहां मानचित्र स्वीकृति के संबंध में प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए नोटिसों का विरोध किया गया। राज्यमंत्री केपी मलिक से समस्या का स्थाई समाधान कराने की मांग की।
बैठक के दौरान आईएमए के अध्यक्ष डॉ़ संजय जैन ने कहा कि प्राधिकरण ने नगर के लगभग सभी चिकित्सकों को नोटिस जारी कर मानचित्र स्वीकृत के संबंध में अभिलेख मांगे हैं, जिसका समाधान होना जरूरी है। डॉ़ सुखपाल सिंह ने कहा कि नगर में अधिकतर अस्पताल 2008 के पहले के बने हुए हैं। इस कारण नोटिस जारी करने का औचित्य नहीं बनता है। डॉ़ अनिल जैन ने कहा कि अस्पताल व उद्योग नगर की रीढ़ हैं। नोटिस जारी कर उत्पीड़न करने का काम किया जा रहा है। नोटिस में अभिलेख नहीं दिखाने पर सील या ध्वस्तीकरण की भी चेतावनी दी गई है। वहीं लघु उद्योग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि नगर में 200 से अधिक फैक्टरी संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे फैक्टरी संचालक परेशान हैं। वहीं राज्यमंत्री केपी मलिक ने चिकित्सकों व उद्योगपतियों की समस्याओं को सुनकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाए। इसके बाद इस संबंध में बुधवार को डीएम से मिलकर इस समस्या के समाधान का रास्ता निकाला जाएगा। इस मौके पर तरुण जैन, डॉ़ आनंद तोमर, पंकज जैन, गौरव जैन, बाबूराम शर्मा, धर्मपाल जैन, डीके जैन आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बैठक के दौरान आईएमए के अध्यक्ष डॉ़ संजय जैन ने कहा कि प्राधिकरण ने नगर के लगभग सभी चिकित्सकों को नोटिस जारी कर मानचित्र स्वीकृत के संबंध में अभिलेख मांगे हैं, जिसका समाधान होना जरूरी है। डॉ़ सुखपाल सिंह ने कहा कि नगर में अधिकतर अस्पताल 2008 के पहले के बने हुए हैं। इस कारण नोटिस जारी करने का औचित्य नहीं बनता है। डॉ़ अनिल जैन ने कहा कि अस्पताल व उद्योग नगर की रीढ़ हैं। नोटिस जारी कर उत्पीड़न करने का काम किया जा रहा है। नोटिस में अभिलेख नहीं दिखाने पर सील या ध्वस्तीकरण की भी चेतावनी दी गई है। वहीं लघु उद्योग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि नगर में 200 से अधिक फैक्टरी संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे फैक्टरी संचालक परेशान हैं। वहीं राज्यमंत्री केपी मलिक ने चिकित्सकों व उद्योगपतियों की समस्याओं को सुनकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाए। इसके बाद इस संबंध में बुधवार को डीएम से मिलकर इस समस्या के समाधान का रास्ता निकाला जाएगा। इस मौके पर तरुण जैन, डॉ़ आनंद तोमर, पंकज जैन, गौरव जैन, बाबूराम शर्मा, धर्मपाल जैन, डीके जैन आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन