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ममता से हारी मौत: छत से गिरकर बिजली के तारों में लटका था लाडला, जान पर खेल बेटे की जिंदगी जीत लाई मां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Fri, 10 Apr 2026 09:27 AM IST
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सार
बागपत के निवाड़ा गांव में चार साल का बच्चा छत से गिरकर बिजली के तारों में लटक गया। मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना तारों पर कूदकर बेटे की जान बचा ली।
बेटे के साथ अस्पताल में मां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बागपत जनपद के निवाड़ा गांव में ममता की मिसाल उस समय देखने को मिली जब एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना बिजली के तारों में लटके अपने चार वर्षीय बेटे को बचा लिया। इस घटना में मां और बेटा दोनों घायल हो गए, लेकिन समय रहते उपचार मिलने से उनकी हालत अब ठीक बताई जा रही है।
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निवाड़ा गांव निवासी अमृता के पति अमित गाड़ी चलाने का काम करते हैं और बृहस्पतिवार को काम पर गए हुए थे। सुबह करीब ग्यारह बजे अमृता मकान की छत पर काम कर रही थीं, जबकि उनका चार वर्षीय बेटा कुश पास में खेल रहा था।
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इसी दौरान खेलते समय कुश का संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर गया। नीचे से गुजर रहे बिजली के तारों में फंसकर वह वहीं लटक गया। करंट लगने से तार आपस में टकराए और तेज धमाके की आवाज हुई।
धमाके की आवाज सुनते ही अमृता दौड़कर छत के किनारे पहुंचीं। बेटे को तारों में लटका देख उन्होंने बिना देर किए अपनी जान की परवाह किए बिना बिजली के तारों की ओर छलांग लगा दी। तारों से छूटने के बाद मां और बेटा दोनों नीचे गली में गिर गए।
धमाके की आवाज सुनते ही अमृता दौड़कर छत के किनारे पहुंचीं। बेटे को तारों में लटका देख उन्होंने बिना देर किए अपनी जान की परवाह किए बिना बिजली के तारों की ओर छलांग लगा दी। तारों से छूटने के बाद मां और बेटा दोनों नीचे गली में गिर गए।
घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और करंट से झुलसे कुश तथा गिरने से घायल अमृता को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने दोनों का उपचार किया और हालत में सुधार होने के बाद घर भेज दिया गया।
अमृता ने बताया कि हादसे के दौरान बेटे के कपड़े भी जल गए थे। उनका कहना है कि यदि वह एक क्षण भी देर करतीं तो शायद बेटे की जान नहीं बच पाती। कुछ दिन पहले ही उन्होंने कुश का एक विद्यालय में दाखिला कराया था।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शादाब अनवर ने बताया कि बिजली के तारों से करंट लगने के कारण झुलसे बच्चे का उपचार किया गया है और उसकी हालत में सुधार है। बच्चे को बचाने के दौरान उसकी मां भी घायल हो गई थीं, उनका भी उपचार किया गया है।
अमृता ने बताया कि हादसे के दौरान बेटे के कपड़े भी जल गए थे। उनका कहना है कि यदि वह एक क्षण भी देर करतीं तो शायद बेटे की जान नहीं बच पाती। कुछ दिन पहले ही उन्होंने कुश का एक विद्यालय में दाखिला कराया था।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शादाब अनवर ने बताया कि बिजली के तारों से करंट लगने के कारण झुलसे बच्चे का उपचार किया गया है और उसकी हालत में सुधार है। बच्चे को बचाने के दौरान उसकी मां भी घायल हो गई थीं, उनका भी उपचार किया गया है।