{"_id":"6a32d27e908b6a9e410808b2","slug":"chaos-prevailed-for-seven-hours-in-haidargarh-tehsil-scuffle-breaks-out-between-lawyers-and-staff-barabanki-news-c-315-1-brp1006-171399-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: हैदरगढ़ तहसील में सात घंटे चला बवाल, वकीलों-कर्मचारियों में हाथापाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: हैदरगढ़ तहसील में सात घंटे चला बवाल, वकीलों-कर्मचारियों में हाथापाई
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बाराबंकी। तहसील में पिछले डेढ़ माह से वकीलों और एसडीएम के बीच चल रहा विवाद बुधवार को विस्फोटक रूप ले बैठा। सुनवाई का विरोध कर रहे वकीलों और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बीच तीखी तकरार हाथापाई में बदल गई, जिससे तहसील परिसर में अफरातफरी मच गई।
बार अध्यक्ष अचल कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुछ लेखपालों ने उनका गला दबाकर हत्या का प्रयास किया। आक्रोशित वकीलों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सात घंटे बाद एडीएम न्यायिक राजकुमार सिंह व जिला बार अध्यक्ष रमन द्विवेदी के पहुंंचने पर वार्ता हुई तब धरना स्थगित हुआ। बृहस्पतिवार को डीएम के समक्ष दोनों पक्षों में वार्ता होगी।
वकील पिछले पिछले डेढ़ माह से एसडीएम राजेश विश्वकर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उनकी कोर्ट का बहिष्कार कर रहे हैं। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम के न्यायालय में सुनवाई शुरू होने की सूचना मिलने पर वकीलों ने विरोध दर्ज कराया।
विज्ञापन
वकीलों का कहना है कि एसडीएम ने केवल गैर-विवादित मामलों की सुनवाई का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में विवादित मामलों की भी पुकार शुरू कर दी गई। वकीलों का आरोप है कि विरोध जताने पर पहले से मौजूद राजस्व कर्मियों और कर्मचारियों को अधिवक्ताओं के खिलाफ उकसाया गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। बार अध्यक्ष अचल कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि दो लेखपालों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए गला दबाया। अन्य वकीलों के पहुंचने पर उनकी जान बची। उन्होंने एसडीएम के पेशकार श्यामलाल गौतम, लेखपाल राहुल कनौजिया, भानु रावत, अभिषेक वर्मा, राकेश सरोज सहित 20-25 अन्य कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ प्राणघातक हमले का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दे दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम न्यायिक व जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन द्विवेदी ने वकीलों की डीएम से फोन पर वार्ता कराई गई। लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई और घटना की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया। बृहस्पतिवार को वकीलों की प्रतिनिधि मंडल जिला मुख्यालय पर बुलाया गया है।
............................
कई बार बिगड़ते बचे हालत, शीशा टूटा
दोपहर करीब 12 बजे से तहसील में शुरू हुए बवाल के दौरान कई बार हालात बिगड़ते बचे। सुरक्षा के नाते सीओ समीर सिंह की अगुवाई में हैदरगढ़, कोठी, सुबेहा व लोनीकटरा थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। युवा अधिवक्ताओं को वरिष्ठ संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या अभद्रता से दूर रहने के लिए कहते रहे। हालांकि शाम को तहसील गेट के पास भारी भीड़ के बीच खिड़की का शीशा टूट गया।
..........................
लंच पैकेट लौटाए...
प्रदर्शन के दौरान वकीलों को जानकारी मिली कि तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए लंच पैकेट मंगाए गए हैं। यह पता चलते ही वकीलों ने लंच पैकेट नहीं ले जाने दिया। विभिन्न कार्यों से आए वादकारी और फरियादी वापस लौट गए।
बार अध्यक्ष अचल कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुछ लेखपालों ने उनका गला दबाकर हत्या का प्रयास किया। आक्रोशित वकीलों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सात घंटे बाद एडीएम न्यायिक राजकुमार सिंह व जिला बार अध्यक्ष रमन द्विवेदी के पहुंंचने पर वार्ता हुई तब धरना स्थगित हुआ। बृहस्पतिवार को डीएम के समक्ष दोनों पक्षों में वार्ता होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वकील पिछले पिछले डेढ़ माह से एसडीएम राजेश विश्वकर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उनकी कोर्ट का बहिष्कार कर रहे हैं। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम के न्यायालय में सुनवाई शुरू होने की सूचना मिलने पर वकीलों ने विरोध दर्ज कराया।
वकीलों का कहना है कि एसडीएम ने केवल गैर-विवादित मामलों की सुनवाई का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में विवादित मामलों की भी पुकार शुरू कर दी गई। वकीलों का आरोप है कि विरोध जताने पर पहले से मौजूद राजस्व कर्मियों और कर्मचारियों को अधिवक्ताओं के खिलाफ उकसाया गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। बार अध्यक्ष अचल कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि दो लेखपालों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए गला दबाया। अन्य वकीलों के पहुंचने पर उनकी जान बची। उन्होंने एसडीएम के पेशकार श्यामलाल गौतम, लेखपाल राहुल कनौजिया, भानु रावत, अभिषेक वर्मा, राकेश सरोज सहित 20-25 अन्य कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ प्राणघातक हमले का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दे दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम न्यायिक व जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन द्विवेदी ने वकीलों की डीएम से फोन पर वार्ता कराई गई। लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई और घटना की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया। बृहस्पतिवार को वकीलों की प्रतिनिधि मंडल जिला मुख्यालय पर बुलाया गया है।
............................
कई बार बिगड़ते बचे हालत, शीशा टूटा
दोपहर करीब 12 बजे से तहसील में शुरू हुए बवाल के दौरान कई बार हालात बिगड़ते बचे। सुरक्षा के नाते सीओ समीर सिंह की अगुवाई में हैदरगढ़, कोठी, सुबेहा व लोनीकटरा थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। युवा अधिवक्ताओं को वरिष्ठ संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या अभद्रता से दूर रहने के लिए कहते रहे। हालांकि शाम को तहसील गेट के पास भारी भीड़ के बीच खिड़की का शीशा टूट गया।
..........................
लंच पैकेट लौटाए...
प्रदर्शन के दौरान वकीलों को जानकारी मिली कि तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए लंच पैकेट मंगाए गए हैं। यह पता चलते ही वकीलों ने लंच पैकेट नहीं ले जाने दिया। विभिन्न कार्यों से आए वादकारी और फरियादी वापस लौट गए।