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Barabanki News: गिरफ्तारी की मांग, ढाई घंटे तक रहा माती कोतवाली का घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:39 AM IST
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बाराबंकी। माती क्षेत्र के मीरपुर मजरे टाईकला गांव के पास नहर के खड़ंजे पर मंगलवार रात बिजली विभाग के संविदाकर्मी दुर्गेश रावत (30) का लहूलुहान शव पड़ा मिला था। इसे लेकर सात पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब 200 लोगों ने कोतवाली माती का घेराव कर दिया। ढाई घंटे की गहमागहमी के बाद परिजन व ग्रामीण आश्वासन पर शांत हुए।
सीतापुर के चौबेपुर निवासी दुर्गेश रावत (30) पिछले करीब 15 वर्षों से माती के मीरपुर गांव में मौसी के यहां रहकर संविदाकर्मी के रूप में कार्य कर रहे थे। मंगलवार रात बिजली का तार टूटने पर वह उपकेंद्र से दो श्रमिकों को लेने मीरपुर गांव के लिए निकले थे। रात करीब 12 बजे गांव के पास नहर किनारे खड़ंजे पर उनका लहूलुहान शव और क्षतिग्रस्त बाइक पड़ी मिली।
मृतक के भाई सनी रावत व परिजनों का आरोप है कि डीजे कार्यक्रम में नृत्य कर रहे लोगों से रास्ता देने को लेकर कहासुनी होने पर प्रधान पति और उनके सहयोगियों ने दुर्गेश को लाठी, डंडों और सरियों से पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे लगभग 200 ग्रामीण माती कोतवाली पहुंचे और परिसर के अंदर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
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ग्रामीणों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। एसएचओ जय कुमार त्रिपाठी ने ग्रामीणों से वार्ता की और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण माने। शाम करीब पांच बजे हालात सामान्य हुए।
सीतापुर के चौबेपुर निवासी दुर्गेश रावत (30) पिछले करीब 15 वर्षों से माती के मीरपुर गांव में मौसी के यहां रहकर संविदाकर्मी के रूप में कार्य कर रहे थे। मंगलवार रात बिजली का तार टूटने पर वह उपकेंद्र से दो श्रमिकों को लेने मीरपुर गांव के लिए निकले थे। रात करीब 12 बजे गांव के पास नहर किनारे खड़ंजे पर उनका लहूलुहान शव और क्षतिग्रस्त बाइक पड़ी मिली।
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मृतक के भाई सनी रावत व परिजनों का आरोप है कि डीजे कार्यक्रम में नृत्य कर रहे लोगों से रास्ता देने को लेकर कहासुनी होने पर प्रधान पति और उनके सहयोगियों ने दुर्गेश को लाठी, डंडों और सरियों से पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे लगभग 200 ग्रामीण माती कोतवाली पहुंचे और परिसर के अंदर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
ग्रामीणों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। एसएचओ जय कुमार त्रिपाठी ने ग्रामीणों से वार्ता की और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण माने। शाम करीब पांच बजे हालात सामान्य हुए।