{"_id":"69e3d7f96bd00b11a30d3019","slug":"sowing-has-not-yet-been-done-at-32-purchasing-centers-barabanki-news-c-315-1-slko1012-164650-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: 32 क्रय केंद्रों पर अभी तक नहीं हुई बोहनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: 32 क्रय केंद्रों पर अभी तक नहीं हुई बोहनी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बाराबंकी। गेहूं खरीद शुरू हुए एक पखवाड़े से अधिक हो रहा है पर 32 केंद्र ऐसे हैं जहां पर अभी तक बोहनी नहीं हो सकी है। यहां पर तैनात केंद्र प्रभारी गेेहूं खरीद में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिसके चलते यहां पर किसान भी गेहूं लेकर नहीं आ रहे हैं। यहीं वजह है कि गेहूं खरीद को रफ्तार नहीं मिल पा रही है।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है। इस बार गेहूं खरीद के लिए जिले में 87 खरीद केंद्र खोले गए हैं। इनमें से 55 केंद्रों पर तो बोहनी हो चुकी है और इन केंद्रों के माध्यम से अभी तक 584 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी की जा सकी है लेकिन 32 केंद्र ऐसे है जिन पर अभी तक बोहनी नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि बेमौसम बारिश की वजह से जो गेहूं क्रय केंद्रों पर आ रहा है उसकी गुणवत्ता एफसीआई के मानक के अनुसार नहीं। इसके अलावा गेहूं की चमक कम हो गई है तथा गेहूं में अभी भी नमी बनी हुई है। यहीं वजह है कि क्रय केंद्र प्रभारी गेहूं की खरीद में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं और न ही किसानों से संपर्क कर रहे हैं।
विज्ञापन
किसान भी सरकारी केंद्रों के चक्कर काटने के बजाए बाजार में नकद उत्पाद बेचने में ज्यादा रुचि दिखा रहा है। किसानों का कहना है कि गेहूं बेचने के बाद भुगतान के लिए सरकारी केंद्रों के चक्कर काटने के बजाए नकद बेचना ज्यादा बेहतर है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि बेमौसम बारिश की वजह से गेहूं का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ा है। इसके लिए शासन को पत्र भेजकर दिशा निर्देश मांगे गए हैं जिससे खरीद को गति मिल सके।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है। इस बार गेहूं खरीद के लिए जिले में 87 खरीद केंद्र खोले गए हैं। इनमें से 55 केंद्रों पर तो बोहनी हो चुकी है और इन केंद्रों के माध्यम से अभी तक 584 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद भी की जा सकी है लेकिन 32 केंद्र ऐसे है जिन पर अभी तक बोहनी नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि बेमौसम बारिश की वजह से जो गेहूं क्रय केंद्रों पर आ रहा है उसकी गुणवत्ता एफसीआई के मानक के अनुसार नहीं। इसके अलावा गेहूं की चमक कम हो गई है तथा गेहूं में अभी भी नमी बनी हुई है। यहीं वजह है कि क्रय केंद्र प्रभारी गेहूं की खरीद में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं और न ही किसानों से संपर्क कर रहे हैं।
किसान भी सरकारी केंद्रों के चक्कर काटने के बजाए बाजार में नकद उत्पाद बेचने में ज्यादा रुचि दिखा रहा है। किसानों का कहना है कि गेहूं बेचने के बाद भुगतान के लिए सरकारी केंद्रों के चक्कर काटने के बजाए नकद बेचना ज्यादा बेहतर है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि बेमौसम बारिश की वजह से गेहूं का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ा है। इसके लिए शासन को पत्र भेजकर दिशा निर्देश मांगे गए हैं जिससे खरीद को गति मिल सके।