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Barabanki News: वैशाख में ज्येष्ठ जैसी गर्मी का प्रकोप
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 20 Apr 2026 02:05 AM IST
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कोटवाधाम में प्यासा बंदर हैंडपंप की टोंटी में पानी की बूंद तलाशता
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बाराबंकी। गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे जनमानस के साथ पशु पक्षी भी बेहाल हैं। सूरज की तेज तपिश और दोपहर में चलने वाली गर्म लू ने लोगों को परेशान कर दिया है। गर्मी का पारा 40 डिग्री के ऊपर पहुंचा।
दोपहर में चलने वाली तेज गर्म लू ने तो लोगों को वैशाख माह में ही ज्येष्ठ माह का अहसास करा दिया। शहर में पटरी दुकानदार, ठेला पर दुकान लगाने वाले तथा साइकिल रिक्शा पर सवारी ढोने वाले लोग परेशान रहे।
बढ़ती गर्मी से जहां आम लोग परेशान हैं, वहीं पशु-पक्षी भी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। क्षेत्र के कई तालाब सूख चुके हैं, जिससे पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है, जिसके बाद सभी के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।
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कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार कोटवाधाम तीर्थ आने वाले श्रद्धालु भी धूप से बेहाल दिखे। एक बंदर का बच्चा पानी के लिए हैंडपंप की टोंटी में दिखी बूंद को पीने की कोशिश करता दिखा। श्रद्धालु महिलाएं अपने बच्चों को धूप से बचाने के लिए आंचल का सहारा लेती दिखीं।
जिला चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा कहना है कि गर्मी व लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। दोपहर के समय, जब लू सबसे तेज होती है, घर से बाहर निकलने से बचें। यदि आवश्यक हो तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। अपने आसपास पानी की व्यवस्था करें ताकि पशु-पक्षी प्यास से परेशान न हों। यदि आपको चक्कर आना, उल्टी, या पेट में ऐंठन जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। संवाद
दोपहर में चलने वाली तेज गर्म लू ने तो लोगों को वैशाख माह में ही ज्येष्ठ माह का अहसास करा दिया। शहर में पटरी दुकानदार, ठेला पर दुकान लगाने वाले तथा साइकिल रिक्शा पर सवारी ढोने वाले लोग परेशान रहे।
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बढ़ती गर्मी से जहां आम लोग परेशान हैं, वहीं पशु-पक्षी भी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। क्षेत्र के कई तालाब सूख चुके हैं, जिससे पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है, जिसके बाद सभी के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।
कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार कोटवाधाम तीर्थ आने वाले श्रद्धालु भी धूप से बेहाल दिखे। एक बंदर का बच्चा पानी के लिए हैंडपंप की टोंटी में दिखी बूंद को पीने की कोशिश करता दिखा। श्रद्धालु महिलाएं अपने बच्चों को धूप से बचाने के लिए आंचल का सहारा लेती दिखीं।
जिला चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा कहना है कि गर्मी व लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। दोपहर के समय, जब लू सबसे तेज होती है, घर से बाहर निकलने से बचें। यदि आवश्यक हो तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। अपने आसपास पानी की व्यवस्था करें ताकि पशु-पक्षी प्यास से परेशान न हों। यदि आपको चक्कर आना, उल्टी, या पेट में ऐंठन जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। संवाद