Alankar Agnihotri: 'कई संगठन हमारे संपर्क में, जल्द लेंगे फैसला', बरेली में अलंकार अग्निहोत्री कर गए ये एलान
निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को बरेली से रवाना हो गए। लेकिन यहां से जाने से पहले वह बड़ा एलान कर गए। उन्होंने कहा कि कई संगठन उनके संपर्क में है। जल्द ही वह बड़ा फैसला लेंगे। अब समर्थकों के नजरें उनके अगले कदम पर होंगी।
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बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे से लेकर शहर छोड़ने तक का सफर आसान नहीं रहा। अलंकार को उनके समर्थकों से अलग-थलग करने की पुलिस-प्रशासन की रणनीति कारगर साबित हुई। इसके बाद लखनऊ और बरेली निवासी उनके पांच करीबियों ने उन्हें समझाया कि परिवार के पास जाएं और सोच-समझकर भविष्य के बारे में निर्णय लें। तब वह बुधवार की दोपहर शहर छोड़ कर जाने के लिए तैयार हुए। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उनके आवास को मिनी जेल बना दिया गया। इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन करार देते हुए दावा किया कि राज्य के कई संगठन उनके संपर्क में हैं। विकल्पों पर विचार कर जल्द ही बड़ा फैसला लेंगे।
अलंकार ने कहा कि यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर पूरे देश का सवर्ण समाज परेशान है। इसमें सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को पहले से ही अपराधी मान लिया गया है। कोई भी व्यक्ति झूठी शिकायत कर सामान्य वर्ग के युवाओं और उनके परिजन को बड़ी आसानी से फंसा सकता है। यह व्यवस्था समाज में जहर घोलने जैसी है। यह नियम छात्रों को अलग-अलग समूहों में बांट देगा। शैक्षिक संस्थानों में आंतरिक कलह बढ़ेगी और देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। समय ऐसा भी आ सकता है कि भारतीय सेना को देश की सीमा छोड़कर आंतरिक मोर्चा न संभालना पड़ जाए।
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उधर, एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने कहा कि अलंकार अग्निहोत्री को नजरबंद किए जाने की बात निराधार है। वह अब भी लोकसेवक हैं और सरकारी अधिकारियों की कॉलोनी में रह रहे हैं। उनकी सुरक्षा के लिहाज से फोर्स तैनात की गई है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पुलिस-प्रशासन की निगरानी में निजी वाहन से लखनऊ के लिए रवाना कर दिए गए।
नंबर सर्विलांस पर लगे होने का लगाया आरोप
निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि उनका और उनके कई प्रमुख समर्थकों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। उनके निकटवर्ती अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर हैं। अलंकार ने कहा कि उन्होंने साथियों को बता रखा है कि जब उनका मोबाइल नॉट-रीचेबल हो जाए या कोई छीन ले, उस परिस्थिति में बात करने के लिए कोड बनाया है। वह कोड उन्होंने अपने दो साथियों को दिया है। यदि कोई व्यक्ति एआई के माध्यम से भी उनके मोबाइल फोन से किसी से बात करना चाहेगा तो जब तक कोड सत्यापित नहीं होगा, तब तक वह ऐसा नहीं कर पाएगा।
पिछले माह शुरू कराया था कैंप कार्यालय का निर्माण
निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट ने पिछले माह ही आवास परिसर में कैंप कार्यालय का निर्माण शुरू कराया था। स्टाफ के मुताबिक, कार्यालय को लेकर वह काफी उत्साहित थे। ठेकेदार से अगले माह पत्नी और बच्चों के आने से पहले कार्य खत्म करने के लिए कहते थे। ज्यादातर वक्त शांत और कमरे में रहते थे। नए साल पर सभी को कंबल दिए थे। 26 जनवरी को इस्तीफा और फिर निलंबन के बाद कर्मचारियों से बात नहीं हो सकी। मामले में पहले भी कोई बात नहीं की। हालांकि, कर्मियों ने उनकी ओर से लिए गए निर्णय पर किसी तरह की टिप्प्णी से इन्कार कर दिया।
आवास परिसर में लगाए गए आठ कैमरे
इस्तीफे और निलंबन के बाद विरोध प्रदर्शन और आवाजाही की निगरानी के लिए एडीएम कंपाउंड के दोनों प्रवेश द्वार से लेकर सिटी मजिस्ट्रेट आवास तक और परिसर के अंदर कुल आठ सीसी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें तीन कैमरे बुधवार को लगाए गए हैं, जबकि मंगलवार को पांच कैमरे लगाए गए थे। कनेक्शन के दौरान बिजली केबल जोड़ने के दौरान समर्थक सिटी मजिस्ट्रेट आवास की बिजली काट दिए जाने का हल्ला मचाते रहे।
