कॅरिअर काउंसलिंग: विदेश में पढ़ाई के लिए विशेषज्ञों ने दिखाई सही राह, विद्यार्थियों ने पूछे जॉब से जुड़े सवाल
बरेली में अमर उजाला और ग्लोबल एजुकेशन टैलेंट ने स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में 'उड़ान 2.0' कॅरिअर काउंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विदेश में पढ़ाई के इच्छुक विद्यार्थियों को विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। ग्लोबल एजुकेशन टैलेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकुर बंसल ने पढ़ाई की तैयारी और प्रवेश प्रक्रिया समझाई।
विस्तार
विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे विद्यार्थियों को सही कोर्स और दाखिले से लेकर दस्तावेजों और वीजा की प्रक्रिया की जानकारी विशेषज्ञों ने दी। विदेश में उच्च शिक्षा के विकल्पों और वहां पढ़ाई के बाद रोजगार की संभावनाओं के बारे में बताया। मौका था, बरेली के स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में अमर उजाला और ग्लोबल एजुकेशन टैलेंट की ओर से आयोजित कॅरिअर काउंसलिंग कार्यक्रम उड़ान 2.0 का।
ग्लोबल एजुकेशन टैलेंट के सीईओ एवं सह संस्थापक अंकुर बंसल ने विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ाई की तैयारी, उपलब्ध पाठ्यक्रमों और प्रवेश प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों, पाठ्यक्रमों और वहां उपलब्ध शैक्षिक सुविधाओं के बारे में बताया।
अलग-अलग विश्वविद्यालयों की डेस्क पर विद्यार्थियों को रुचि और शैक्षिक योग्यता के अनुसार विकल्पों को समझने का अवसर मिला। सेल्फी प्वॉइंट भी बनाया गया था। प्रश्नोत्तरी में सही जवाब देने पर पुरस्कार भी मिले। यहां क्वींस यूनिवर्सिटी गिफ्ट सिटी कैंपस से श्रुति मल्होत्रा, रीजेंट कॉलेज लंदन यूके से सौमेन देवॉय, एडिनबर्ग नेपियर यूनिवर्सिटी यूके से चिराग नारंग, अल्गोमा यूनिवर्सिटी कनाडा से जोरावर सिंह व अन्य मौजूद रहे।
दस्तावेजों की जांच और एसओपी की अहमियत बताई
ग्लोबल एजुकेशन टैलेंट की प्रतिनिधि अरीशा ने कहा कि विदेश में दाखिले और वीजा के लिए दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी है। स्टेटमेंट ऑफ पर्पज (एसओपी) में शैक्षिक पृष्ठभूमि, पाठ्यक्रम, भविष्य की योजनाएं ठीक से बतानी चाहिए। दस्तावेज में गलत जानकारी या कमी से आवेदन प्रभावित हो सकता है। आवेदन में वास्तविक और सत्यापित दस्तावेज इस्तेमाल करने की सलाह दी।
पढ़ाई के साथ काम के नियम भी समझाए
विदेश में पढ़ाई के दौरान पार्ट टाइम काम करने और पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद अवसरों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को अलग-अलग देशों के नियमों के वारे में बताया गया। आयोजकों के अनुसार, काउंसलिंग में कोर्स और विवि चयन से लेकर आवेदन व वीजा प्रक्रिया तक का मार्गदर्शन दिया जाता है। दावा है कि फाइल चार्ज नहीं लेते हैं।
अनुशासन बेहद जरूरी
दूसरी पाली में मुख्य अतिथि रहीं जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने कहा कि पढ़ाई के साथ लक्ष्य तय करना जरूरी है। विकल्पों से भटकाव आता है। अनुशासन के बिना कोई प्रयास सफल नहीं होता। धैर्य भी बनाए रखना चाहिए। गलतियों से सीखें। आगे रहने के लिए बेहतर तैयारी जरूरी है।
सभी विषय में संभावनाएं
पहली पाली में मुख्य अतिथि बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि पहले कॅरिअर के लिहाज से डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक सेवाएं ही थीं। असीम संभावनाओं के दौर में एक लक्ष्य साधना आसान नहीं इसलिए काउंसलिंग जरूरी है।