फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Classic Pure water unsafe FSDA bans sales and suspends food license in Bareilly

बरेली: ‘क्लासिक प्योर’ का पानी सेहत के लिए खतरनाक, एफएसडीए ने बिक्री पर लगाई रोक, लाइसेंस निलंबित

Thu, 10 Sep 2026 12:19 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 10 Sep 2026 12:19 PM IST
सार

बरेली में एफएसडीए ने भारत इंटरप्राइजेज के 'क्लासिक प्योर' पैकेज्ड पेयजल को जांच में असुरक्षित पाया है। जांच रिपोर्ट के बाद बैच की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। फर्म का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है। 

विज्ञापन
Classic Pure water unsafe FSDA bans sales and suspends food license in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI

विस्तार

बरेली में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने कैंट चनेहटी स्थित भारत इंटरप्राइजेज के ‘क्लासिक प्योर’ ब्रांड के पैकेज्ड पेयजल को जांच में असुरक्षित पाए जाने पर कार्रवाई की है। रिपोर्ट पर संबंधित बैच की बिक्री पर प्रतिबंध समेत फर्म का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन


बीते दिनों अंर्तजनपदीय टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके दीक्षित ने 24 जून 2026 को क्लासिक प्योर पानी का नमूना लिया था। जिसकी जांच राजकीय खाद्य विश्लेषक लैब लखनऊ में हुई। 14 जुलाई को प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में पानी के नमूने में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया, यीस्ट, मोल्ड की मौजूदगी की पुष्टि हुई। 
विज्ञापन


टीडीएस भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं 
टोटल डिजॉलव्ड सॉलिड (टीडीएस), कैल्शियम और मैग्नीशियम भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले। ऐसे पानी का सेवन सेहत के लिए हानिकारक बताया गया। संबंधित रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संयुक्त आयुक्त द्वितीय राहुल सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 36(3)(बी) के तहत ‘क्लासिक प्योर’ के बैच सीपी 02 की बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर भारत इंटरप्राइजेज का खाद्य लाइसेंस संख्या निलंबित किया गया है। बिक्री मिलने पर कार्रवाई होगी।
 

आंत संक्रमण, दस्त, उल्टी की वजह बनता है बैक्टीरिया
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के मुताबिक कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पानी के मलजनित या अन्य सूक्ष्मजीवी संदूषण की ओर संकेत करता है। ऐसे पानी के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां जैसे दस्त, उल्टी, पेट दर्द, आंत का संक्रमण, डिहाइड्रेशन की आशंका होती है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है। यीस्ट और मौल्ड की मौजूदगी पानी की गुणवत्ता पर सवाल है। इसलिए संबंधित बैच के पेयजल वितरण पर रोक लगाई गई। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed