बरेली: दिवाली की सजावट के लिए मॉडर्न टच, ग्राहकों को पसंद आ रहे डिजाइनर तोरण और रेडीमेड रंगोली
दिवाली को लेकर बाजार में ग्राहक पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और घर सजाने के लिए आकर्षक तोरण खरीद रहे हैं। मिट्टी के साथ पीतल और संगमरमर जैसी चमक वाली मूर्तियां आकर्षित कर रही हैं। गोटा-पट्टी, मोती और शीशे से बने तोरणों की खास मांग है।
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बरेली में दिवाली को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। पूजा के लिए मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं के साथ पीतल और संगमरमर जैसी फिनिश वाली मूर्तियां ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। वहीं, घर के मुख्य द्वार को सजाने के लिए गोटा-पट्टी, मोती, कौड़ी, शीशे और क्रोशिए से तैयार डिजाइनर तोरण की मांग बढ़ी है।
रंगोली में भी इस बार नया अंदाज देखने को मिल रहा है। फूलों की पंखुड़ियों के साथ रेडीमेड एक्रेलिक पैच, गोटा मैट और तैयार डिजाइन वाली रंगोली लोगों की पसंद बन रही है। बाजार में इस बार ऐसी सजावटी वस्तुओं को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जिन्हें त्योहार के बाद सुरक्षित रखकर अगले साल भी इस्तेमाल किया जा सके।
दुकानदार जितेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि ग्राहक सामान्य कपड़े के तोरण के बजाय कढ़ाई और गोटा-पट्टी से तैयार आकर्षक डिजाइन मांग रहे हैं। बांधनी, पटोला और सिल्क फैब्रिक पर शीशे का काम किए हुए तोरण खास पसंद किए जा रहे हैं। ग्राहक घर के दरवाजों और पर्दों के रंगों से मेल खाते तोरण खरीद रहे हैं।
बाजार में कई डिजाइन की मूर्तियां
दुकानदार दिलीप सूद ने बताया कि मिट्टी से तैयार लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं के कई नए डिजाइन बाजार में आए हैं। बारीक नक्काशी और प्राकृतिक रंगों से सजी मूर्तियां ग्राहकों को पसंद आ रही हैं। कई लोग पीओपी के बजाय मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सौरभ कुमार दीक्षित ने बताया कि सफेद संगमरमर जैसी फिनिश और सुनहरी नक्काशी वाली मूर्तियों को ग्राहक पसंद कर रहे हैं। मोर डिजाइन वाले तोरण में शीशे और मोतियों का काम ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है।
दुकानदार विशाल तलवार ने बताया कि रंगोली के लिए गेंदे, गुलाब और सफेद चमेली के फूलों के साथ पीतल के दीयों और मोर की सजावटी आकृतियों की मांग है। पीले, लाल और सिल्वर परिधानों, गोटे के मुकुट और छोटे आभूषणों से सजी लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं भी खूब पसंद की जा रही हैं।
खरीदारों की पसंद भी बदली
सिटी निवासी ममता देवी ने बताया कि उन्होंने मुख्य दरवाजे के लिए गोटा-पट्टी और शीशे के काम वाला तोरण खरीदा है। सामान्य फूलों की माला के बजाय कपड़े से तैयार वंदनवार पसंद हैं, जिसे कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है। मालगोदाम निवासी शशिबाला सिंह ने बताया कि उन्होंने मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं के साथ रेडीमेड रंगोली खरीदी है। इससे कम समय में आकर्षक डिजाइन तैयार हो जाती है। शांति विहार निवासी विद्या पाठक ने बताया कि उन्होंने फूलों और छोटी घंटियों वाला तोरण पसंद किया है।
मिनटों में बनेगी रंगोली
दीपावली पर रंगोली बनाने का शौक रखने वालों के लिए बाजार में इस बार कई नए विकल्प आए हैं। रेडीमेड रंगोली पैच, गोटा मैट और छलनीनुमा डिजाइन लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। इनकी मदद से बिना ज्यादा मेहनत के कम समय में आकर्षक रंगोली बनाई जा सकती है। लक्ष्मी के चरण बनाने के लिए विशेष डिजाइन वाली छलनियां उपलब्ध हैं।
| लक्ष्मी चरण रंगोली | 50-250 रुपये |
| मंडला रंगोली स्टेंसिल | 50-200 रुपये |
| रंगोली के रंगों का सेट | 50-200 रुपये |
| लक्ष्मी-गणेश-सरस्वती सेट | 500-3,500 हजार |
| सफेद संगमरमर फिनिश मूर्ति | 500-3,000 हजार |
| वस्त्र और मुकुट से सजी मूर्ति | 300-1,200 हजार |
| एंटीक गोल्ड फिनिश मूर्ति | 500-2,500 हजार |
| प्राकृतिक रंगों वाली टेराकोटा मूर्ति | 200-800 हजार |
| मिट्टी की डिजाइनर मूर्ति | 250-1,000 हजार |
| एक्रेलिक रेडीमेड रंगोली | 60- 350 रुपये |
| मोती वाला तोरण | 250-750 रुपये |
| क्रोशिए का तोरण | 100-400 रुपये |
नोट- सभी वस्तुओं के दाम व्यापारियों के अनुसार