बरेली बवाल प्रकरण: मौलाना तौकीर के करीबी नफीस को राहत, सात मामलों में दाखिल करने होंगे सिर्फ दो जमानती
बरेली बवाल के आरोपी नफीस को अपर सत्र अदालत से राहत मिली है। उसे सात मामलों में अलग-अलग जमानती की बजाय अब केवल दो जमानती देने होंगे। नफीस जेल में है, क्योंकि खराब आर्थिक स्थिति के कारण जमानती नहीं मिल पाए थे।
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बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के मामले में आरोपी और मौलाना तौकीर रजा के करीबी नफीस को अपर सत्र अदालत से राहत मिली है। उसको सात मामलों में एक-एक लाख रुपये के बंधपत्र और दो जमानती दाखिल करने होंगे। अदालत ने जिला प्रोबेशन अधिकारी की जांच रिपोर्ट और हनी निषाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार माना है।
शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज बवाल के 12 में से सात मामलों में नफीस आरोपी है। वह जेल में है। इन मामलों में उसकी जमानत जनवरी में स्वीकृत हो गई थी, लेकिन जमानती न होने के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सका। उसने वकील के जरिये अपर सत्र अदालत में याचिका दी कि सात मामलों में अलग-अलग जमानती दाखिल करना उसके लिए संभव नहीं है।
परिवार की आर्थिक स्थिति का दिया हवाला
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में अर्जी देकर बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने उसकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति की जांच कराई। जो रिपोर्ट दाखिल की गई, उसके अनुसार उसकी आर्थिक स्थिति खराब है। उसके परिवार का खर्च पड़ोसी और रिश्तेदार उठा रहे हैं। उसकी वकील ने सुप्रीम कोर्ट के हनी निषाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में पारित आदेश का हवाला दिया।
इसमें 31 मामलों में याचिकाकर्ता को एक मुचलका और दो जमानतदार दाखिल करने का आदेश पारित किया गया था। अदालत ने आरोपों को प्रत्येक मामले में निर्धारित एक-एक लाख रुपये की राशि के बंधपत्र और दो जमानती दाखिल करने के आदेश दिए। अब उसको प्रत्येक मामले में अलग-अलग जमानती दाखिल नहीं करने होंगे। सभी सात मामलों में दो जमानती ही मान्य होंगे।