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Basti News: कोचिंग जा रहे छात्र को पिकअप ने रौंदा, मौत

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:40 AM IST
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Student going to coaching is crushed by pickup, dies
मृतक छात्र अखंड प्रताप सिंह की फाइल फोटो - फोटो : Samvad
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महराजगंज। बुधवार सुबह एक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। पढ़-लिखकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना लेकर साइकिल से कोचिंग जा रहे 17 वर्षीय छात्र को तेज रफ्तार पिकअप ने रौंद दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

हर्रैया क्षेत्र के बिहरा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव भलुहिया निवासी एवं कोटेदार संजय सिंह का पुत्र अखंड प्रताप सिंह (17) बुधवार की सुबह साइकिल से कप्तानगंज के पिकौरा स्थित एक सेंटर पर कोचिंग पढ़ने के लिए निकला था। वह महराजगंज सर्विस रोड से अयोध्या-बस्ती हाईवे पर चढ़ने ही वाला ही था कि तेलियाडीह गांव के पास तेज रफ्तार आम लदे पिकअप ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छात्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
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मौके पर जुटे लोगों ने घायल छात्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार गूंज उठी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद चालक पिकअप लेकर भाग निकला। बाद में वाहन संतकबीरइंटर कॉलेज के पास खड़ा कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पिकअप को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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तीन बहनों में इकलौता भाई था अखंड
हर्रैया क्षेत्र के बिहरा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव भलुहिया निवासी एवं कोटेदार संजय सिंह के तीन बेटियां और एक बेटा अखंड था। ग्रामीणों के अनुसार वह पढ़ाई में मेधावी, विनम्र और मिलनसार स्वभाव का था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। उसके उज्ज्वल भविष्य के सपने संजोए माता-पिता को क्या पता था कि बुधवार की सुबह उनके जीवन की सबसे दर्दनाक सुबह बन जाएगी। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। बहन सुभाषी सिंह, आकांक्षी सिंह और हिमांशी सिंह और मां सुनीता सिंह रह-रह का बेहोश हो जा रही थीं। पिता संजय सिंह इकलौते बेटे की मौत से गमगीन थे। घटना के बाद लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर किसी की आंखें नम थीं और जुबान पर एक ही बात थी जिस बेटे के सहारे परिवार ने भविष्य के सपने बुने थे, वह असमय काल के गाल में समा गया।
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