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Basti News: जांच समिति ने साैंपी रिपोर्ट, निचले स्तर पर ही खेल की जताई आशंका
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बस्ती। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना (पीएमएमवीवाई) में सेंधमारी कर करीब 96 लाख रुपये की हुई गड़बड़ी मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आ गई है। जांच कमेटी ने प्रथम दृष्टया निचले स्तर पर ही खेल की ओर आशंका जताते हुए मामला साइबर सेल को ट्रांसफर किए जाने का अनुरोध किया है। साथ ही रिपोर्ट में ओटीपी के जरिये इस खेल को अंजाम देने का भी जिक्र किया गया है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रसूता महिलाओं को प्रथम बार पांच हजार जबकि दूसरी बार बेटी होने पर लाभार्थी को एक मुश्त छह हजार रुपये दिए जाते हैं। दिसंबर 2025 में विभागीय ऑडिट के दौरान यह उजागर हुआ कि करीब एक हजार से अधिक लाभार्थियों के नाम पर फर्जी बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है। मामले के खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। प्रशासन ने उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए थे।
बता दें गर्भवती महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत प्रोत्साहन सहायता दी जाती है। इसके तहत पहले जीवित बच्चे के लिए 5,000 और दूसरी बार बच्ची पैदा होने पर छह हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही संस्थागत प्रसव पर जननी सुरक्षा योजना के तहत अतिरिक्त लाभ भी मिलता है। जानकारों के अनुसार, इसी योजना में लाखों का घोटाला कर दिया। शुरुआती जांच में सुनियोजित तरीके से एक हजार से अधिक फर्जी बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करने की बात उजागर हुई थी। आईसीडीएस विभाग की आंतरिक ऑडिट में लाभार्थियों की सूची और उनके बैंक खातों के सत्यापन में बड़ी विसंगतियां पकड़ी गई थीं। इसमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका भी उजागर होने के संकेत मिले थे। फिर डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, सीटीओ अशोक प्रजापति और एनआईसी के प्रभारी को सौंपी थी। टीम ने सीडीओ को जांच रिपोर्ट भेज दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह बताया गया है कि प्रारंभ में आवेदन के दौरान जिस मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजते थे, वह जिम्मेदार के बजाय कोई और चला रहा था। इसी के जरिये गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। वहीं, साइबर का भी मामला दिखाया गया है। जिसमें अलग से साइबर फ्राड होने की आशंका में दोबारा साइबर सेल से जांच के लिए टीम ने अनुरोध किया है। सर्वाधिक भुगतान रुधौली में दिखाया गया था। वहीं, से यह मामला पकड़ में आया था।
एक पक्षीय जांच रिपोर्ट पर सीडीओ ने जांच अधिकारी से मांगा है स्पष्टीकरण : नौ प्रसव में पांच नवजात की मौत मामले में सारा दोष एएनएम पर मढ़ा गया और मामले में जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर सीएमओ ने एएनएम का एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकते हुए स्थानांतरण करके मामले को रफा-दफा कर दिया था, मगर सीडीओ ने जांच रिपोर्ट पर सवाल करते हुए एक पक्षीय जांच रिपोर्ट देने के मामले में फिर से जांच के लिए आदेश दिए हैं। साथ ही जांच अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रसूता महिलाओं को प्रथम बार पांच हजार जबकि दूसरी बार बेटी होने पर लाभार्थी को एक मुश्त छह हजार रुपये दिए जाते हैं। दिसंबर 2025 में विभागीय ऑडिट के दौरान यह उजागर हुआ कि करीब एक हजार से अधिक लाभार्थियों के नाम पर फर्जी बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है। मामले के खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। प्रशासन ने उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए थे।
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बता दें गर्भवती महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत प्रोत्साहन सहायता दी जाती है। इसके तहत पहले जीवित बच्चे के लिए 5,000 और दूसरी बार बच्ची पैदा होने पर छह हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही संस्थागत प्रसव पर जननी सुरक्षा योजना के तहत अतिरिक्त लाभ भी मिलता है। जानकारों के अनुसार, इसी योजना में लाखों का घोटाला कर दिया। शुरुआती जांच में सुनियोजित तरीके से एक हजार से अधिक फर्जी बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करने की बात उजागर हुई थी। आईसीडीएस विभाग की आंतरिक ऑडिट में लाभार्थियों की सूची और उनके बैंक खातों के सत्यापन में बड़ी विसंगतियां पकड़ी गई थीं। इसमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका भी उजागर होने के संकेत मिले थे। फिर डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, सीटीओ अशोक प्रजापति और एनआईसी के प्रभारी को सौंपी थी। टीम ने सीडीओ को जांच रिपोर्ट भेज दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह बताया गया है कि प्रारंभ में आवेदन के दौरान जिस मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजते थे, वह जिम्मेदार के बजाय कोई और चला रहा था। इसी के जरिये गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। वहीं, साइबर का भी मामला दिखाया गया है। जिसमें अलग से साइबर फ्राड होने की आशंका में दोबारा साइबर सेल से जांच के लिए टीम ने अनुरोध किया है। सर्वाधिक भुगतान रुधौली में दिखाया गया था। वहीं, से यह मामला पकड़ में आया था।
एक पक्षीय जांच रिपोर्ट पर सीडीओ ने जांच अधिकारी से मांगा है स्पष्टीकरण : नौ प्रसव में पांच नवजात की मौत मामले में सारा दोष एएनएम पर मढ़ा गया और मामले में जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर सीएमओ ने एएनएम का एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकते हुए स्थानांतरण करके मामले को रफा-दफा कर दिया था, मगर सीडीओ ने जांच रिपोर्ट पर सवाल करते हुए एक पक्षीय जांच रिपोर्ट देने के मामले में फिर से जांच के लिए आदेश दिए हैं। साथ ही जांच अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।