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Bhadohi News: जबरन भूमि अधिग्रहण करने के विरोध में दिया धरना
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भदोही तहसील में प्रदर्शन करते संयूक्त किसान मोर्चा के लोग। स्रोत संगठन
सर्रोई। भदोही तहसील परिसर में संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को धरना दिया। राष्ट्रपति को संबोधित 16 सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें जबरन भूमि अधिग्रहण का विरोध, नागरिकों के मताधिकार की रक्षा, कृषि कानून और स्थानीय मुद्दे शामिल रहे।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। मांग किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रद्द किया जाए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और बिना पारदर्शिता के मतदाता सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल किए जाए।
भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता रद्द हो। एमएसपी को सीटू फार्मूले पर घोषित हो और खरीद गारंटी कानून बने। जबरन भूमि अधिग्रहण बंद हो, भूमि अर्जन अधिनियम 2013 का पालन हो। बिजली का निजीकरण और स्मार्ट मीटर बंद हो। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस की कीमत घटाई जाए। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मास्टर प्लान 2041 रद्द हो। इसके अलावा न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये मासिक करने, चार लेबर कोड खत्म कर पुराने श्रम कानून बहाल करने की भी मांग की गई। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर मोर्चा के अध्यक्ष इंद्रदेव पाल, अमृतलाल मौर्य, रामजीत यादव, भुलाल पाल, जगन्नाथ मौर्य, रामचंद्र पटेल, भान सिंह, सुशील कुमार श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश प्रजापति आदि रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि सरकार लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। मांग किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रद्द किया जाए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और बिना पारदर्शिता के मतदाता सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल किए जाए।
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भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता रद्द हो। एमएसपी को सीटू फार्मूले पर घोषित हो और खरीद गारंटी कानून बने। जबरन भूमि अधिग्रहण बंद हो, भूमि अर्जन अधिनियम 2013 का पालन हो। बिजली का निजीकरण और स्मार्ट मीटर बंद हो। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस की कीमत घटाई जाए। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मास्टर प्लान 2041 रद्द हो। इसके अलावा न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये मासिक करने, चार लेबर कोड खत्म कर पुराने श्रम कानून बहाल करने की भी मांग की गई। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर मोर्चा के अध्यक्ष इंद्रदेव पाल, अमृतलाल मौर्य, रामजीत यादव, भुलाल पाल, जगन्नाथ मौर्य, रामचंद्र पटेल, भान सिंह, सुशील कुमार श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश प्रजापति आदि रहे।
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