बिजनौर। काकरान वाटिका में रविवार को हिंदू सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में नवदुर्गा की झांकी का प्रदर्शन हुआ, जिसमें महिषासुर का मर्दन किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संत गोपाल दास महाराज ने कहा कि हिंदू संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति है, जिसने हमेशा ही विश्व को सही दिशा देने का कार्य किया है।
सम्मेलन में काफी संख्या में लोग पहुंचे। साहित्य बिक्री के स्टाॅल पर लोगों ने पुस्तक भी खरीदी। आरएसएस के सह प्रांत बौद्धिक प्रमुख सुनील कुमार ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा का वर्णन किया। कई पीढि़यों के बलिदान के बाद संघ आज एक मजबूत स्थिति में खड़ा हुआ है।
विभाग प्रचारक क्रांति कुमार ने कहा कि भारत माता को परम वैभव पर ले जाने के लिए हम सभी को पंच परिवर्तनों को अपनाना होगा। समाज से जात पात की भावना को दूर करने के लिए सामाजिक समरसता पर कार्य करना होगा। इसके अलावा अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तु का प्रयोग करने का आह्वान किया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, प्रभु राम के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर हिंदू सम्मेलन समिति के अध्यक्ष संजय विश्नोई, संरक्षक बाल सिंह, घनश्याम, दीपक शर्मा, योगराज सिंह, विनोद कुमार शर्मा , वीरेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, टीकम सिंह आदि मौजूद रहे।