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UP: सीट बंटवारे पर भाजपा का ये है प्लान, निषाद और राजभर ने इन बड़े नेताओं से की मुलाकात; ऐसी होगी पंकज की टीम

हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Fri, 12 Jun 2026 09:02 AM IST
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सार

यूपी में सीट बंटवारे पर भाजपा इसी माह विमर्श शुरू करेगी। भाजपा नेतृत्व से संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर ने मुलाकात की है। इसके अलावा नई टीम पर यूपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने केंद्रीय नेतृत्व के साथ अंतिम मंथन किया है।

BJP to begin discussions on seat-sharing in UP this month Nishad and Om Prakash Rajbhar met BJP leadership
यूपी में इसी महीने सीटों के बंटवारे पर चर्चा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

उत्तर प्रदेश में समय से पूर्व चुनाव की आहट के बीच भाजपा जल्द ही सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे पर विमर्श शुरू करेगी। पार्टी नेतृत्व इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार और केंद्रीय संगठन की नई टीम गठित होने का इंतजार कर रही है।


गौरतलब है कि इस संदर्भ में राज्य में भाजपा की दो सहयोगी दलों सुभासपा और निषाद पार्टी के मुखिया ने बृहस्पतिवार को भाजपा नेतृत्व से मुलाकात कर राज्य की ताजा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के साथ सीट बंटवारे पर जल्द मंथन शुरू करने का अनुरोध किया।
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मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल पर बुधवार को भारत मंडपम में हुए कार्यक्रम में हिस्सा लेने दिल्ली आए सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।
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इसके बाद राजभर और निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने यूपी में भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री सुनील बंसल से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक इन मुलाकातों में दोनों नेताओं ने सीट बंटवारे पर जल्द से जल्द विमर्श शुरू करने का अनुरोध किया। 

 

इसी महीने के अंत तक विमर्श शुरू करने का आश्वासन
पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं को इसी महीने के अंत तक विमर्श शुरू करने का आश्वासन दिया। भाजपा सूत्रों ने बताया कि पार्टी भी चाहती है कि विधानसभा चुनाव के लिए जल्द तैयारी शुरू की जाए।

 

इस क्रम में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम गठित करने पर अंतिम फैसला हो गया है। गौरतलब है कि पंकज व संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने नई टीम के गठन के संदर्भ में पार्टी अध्यक्ष व संगठन महासचिव से मुलाकात की है। 

इसी हफ्ते अपनी नई टीम की घोषणा कर देंगे चौधरी
सूत्रों के मुताबिक छह क्षेत्रीय अध्यक्षों में से गोरखपुर और वाराणसी के मामले में पेच फंसा था। इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है। अब चौधरी इसी हफ्ते अपनी नई टीम की घोषणा कर देंगे। नई टीम में सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चाओं में नए चेहरे को मौका मिलेगा। इसके अतिरिक्त कार्यकारिणी में भी 50 फीसदी नए चेहरे होंगे।

प्रचार का तैयार होगा साझा रोडमैप
विधानसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व की कोशिश सहयोगी दलों के साथ चुनाव प्रचार और चुनावी रणनीति का साझा रोडमैप तैयार करने की है। इस क्रम में नेतृत्व की योजना जुलाई महीने तक सीट बंटवारे के साथ चुनाव प्रचार की रणनीति को अंतिम रूप देने की है। चूंकि वर्तमान में 5 जून से 21 जून तक पार्टी सेवा पखवाड़ा चला रही है और इसी महीने मंत्रिमंडल विस्तार के साथ केंद्रीय संगठन की नई टीम तैयार होनी है। ऐसे में सभी रणनीतियों पर अगले महीने विचार के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

 

रालोद ने एनडीए में वजन बढ़ाने के लिए प्रदेश में बदला पूरा चेहरा, बुंदेलखंड में प्रभाव बढ़ाने पर जोर
राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने अगले विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी की ओर से प्रदेश कार्यकारिणी को भंग किए जाने के पीछे केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की व्यापक योजना मानी जा रही है। 
 

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद एनडीए का हिस्सा बनने के बाद पार्टी नेतृत्व का मानना है कि गठबंधन की राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए केवल राजनीतिक विरासत पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत संगठन और व्यापक जनाधार भी जरूरी है। 

 

इसी वजह से संगठन की समीक्षा के बाद उसे नए सिरे से तैयार करने का फैसला लिया गया। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीमाओं से बाहर निकलकर प्रदेशव्यापी पहचान बनाना है। 

 

जाट राजनीति और किसान आंदोलन से आगे बढ़ते हुए पार्टी अब अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहती है। इसके लिए ऐसे नेताओं को आगे लाने की तैयारी है जो नए क्षेत्रों में संगठन विस्तार की क्षमता रखते हों। 

 

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में संगठन की सक्रियता अपेक्षित स्तर पर नहीं थी। सदस्यता अभियान को लेकर भी नेतृत्व संतुष्ट नहीं था। ज्यादातर अभियानों में खानापूरी हो रही थी लेकिन चेहरा चमकाने की होड़ थी। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय बनाने के लिए कार्यकारिणी भंग की गई है।



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